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न्यूक्लियर वॉर का खतरा, Doomsday प्लेन पहुंचा वाशिंगटन डीसी

9/11 के बाद पहली बार अमेरिका का डूम्सडे प्लेन वाशिंगटन डीसी में देखे जाने से हड़कंप मच गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति का “डूम्सडे प्लेन”, ई-4बी, वाशिंगटन के पास उतरा है. डूम्स्डे प्लेन जिसे नाइटवॉच के नाम से जाना जाता है, इस विमान को परमाणु विस्फोट का सामना करने के लिए बनाया गया है. वाशिंगटन डीसी जॉइंट बेस एंड्रयूज की ओर उड़ते डूम्सडे विमानों को देख हलचल तेज हो गई है. माना जा रहा है कि अगले कुछ घंटों में अमेरिका भी डायरेक्ट इजरायल के साथ ईरान की जंग में कूदने वाला है.

ट्विन टावर्स पर अटैक के बाद डूम्सडे प्लेन ने ली अमेरिका में पोजिशन

अगले कुछ घंटों में इजरायल और ईरान की लड़ाई एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच सकती है. ईरान की धमकी के बाद अमेरिका में  “डूम्सडे प्लेन”, ई-4बी, प्लेन ने उड़ान भरी है. यह विमान परमाणु विस्फोटों का सामना करने के लिए बनाया गया है. मतलब ये कि इस पर अगर कोई परमाणु बम से हमला भी कर दे तो यह विमान बेअसर रहता है.

ये वैश्विक आपात स्थितियों के दौरान अमेरिकी सेना के लिए एक मोबाइल कमांड सेंटर के रूप में कार्य करता है. ये विमान साइबर हमलों और विद्युत-चुंबकीय हस्तक्षेप को झेलने में सक्षम होता है. जरूरत पड़ने पर जवाबी कार्रवाई का समन्वय कर सकता है. इसकी गतिविधि आमतौर पर उच्चतम स्तर की सैन्य सतर्कता का संकेत देती है. 

क्या है ई-4बी नाइटवॉच की विशेषताएं:

  • परमाणु विस्फोट सहन करने की क्षमता, यह विमान परमाणु विस्फोटों और विद्युत चुम्बकीय पल्स का सामना कर सकता है.
  • मोबाइल कमांड सेंटर: यह विमान वैश्विक आपात स्थितियों के दौरान अमेरिकी सेना के लिए एक मोबाइल कमांड सेंटर के रूप में कार्य करता है.
  •  उन्नत संचार प्रणाली: इसमें 67 सैटेलाइट डिश और एंटेना हैं जो वैश्विक संचार को सुनिश्चित करते हैं.
  •  लंबी उड़ान क्षमता: यह विमान 35 घंटे से अधिक समय तक हवा में रह सकता है, जिसमें ईंधन भरने की क्षमता है.

मिडिल ईस्ट में तनाव अमेरिका ने शुरु की युद्ध की तैयारी?

ई-4बी नाइटवॉच (डूम्सडे) विमान की गतिविधि अक्सर उच्च स्तर की सैन्य सतर्कता का संकेत देती है, खासकर जब वैश्विक तनाव बढ़ रहा हो. वर्तमान में, ईरान और इजरायल के बीच तनाव बढ़ रहा है, जिससे इस विमान की तैनाती पर ध्यान दिया जा रहा है. 

दरअसल इजरायल-ईरान जंग के बीच तेहरान और वाशिंगटन के बीच भारी तनाव है. ये तनाव ट्रंप के उस बयान के बाद बढ़ा है, जिसमें ट्रंप ने तेहरान को सरेंडर करते हुए सुप्रीम लीडर को सीधी चेतावनी दी थी. इसके जवाब में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई ने कहा है कि अगर अमेरिका कोई हमला करता है, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.

आशंका इस बात की है कि अमेरिका और इजरायल एक साथ मिलकर ईरान की परमाणु सुविधाओं को निशाना बना सकते हैं. जिसके बाद ईरान भी चुप नहीं बैठेगा.

9/11 हमलों के बाद तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने इसका उपयोग किया था और माना जा रहा है कि अगर ईरान ने अमेरिका पर हमला किया तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस प्लेन के जरिए सुरक्षित रखा जाएगा.

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