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जहां-जहां छिपे होंगे आतंकी, मारे जाएंगे; जैश कमांडर समेत 03 ढेर, जेसीओ का सर्वोच्च बलिदान

एलओसी पर पाकिस्तान के साथ हुई फ्लैग बैठक में भारत के सख्त बयान के बाद घाटी में किश्तवाड़ और अखनूर में हुई है मुठभेड़. किश्तवाड़ में 3 आतंकियों को ढेर किया गया है, जिसमें जैश ए मोहम्मद का शीर्ष कमांडर सैफुल्ला भी शामिल है. माना जा रहा है कि ये वही आतंकी हैं, जिन्हें अलग-अलग इलाकों में देखे जाने का दावा किया गया था.

किश्तवाड़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरा सेना के ब्रिगेडियर जेबीएस राठी, कमांडर 5 सेक्टर असम राइफल्स और डीआइजी श्रीधर पाटिल ने कहा, जितने भी आतंकी हैं, जब तक सभी का खात्मा नहीं किया जाएगा, सेना का ऑपरेशन जारी रहेगा. वहीं अखनूर में भारी हथियारों के साथ घुसपैठ करने वाले आतंकियों को रोका गया है, इस दौरान भारी गोलीबारी में सेना के एक जूनियर कमीशंड अधिकारी (जेसीओ) ने अपना बलिदान दिया है. ये घटना भारत-पाकिस्तान सैन्य अफसरों के बीच हुई फ्लैग मीटिंग के बाद हुई है.

किश्तवाड़ में आतंकी ढेर, 9 अप्रैल को शुरु हुआ था एनकाउंटर

9 अप्रैल को आतंकी गतिविधि देखे जाने के बाद बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरु किया गया था, अब 3 आतंकियों को मार गिराया गया है. आतंकियों के पास से हथियार बरामद किए गए हैं. जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और सेना ये ऑपरेशन लॉन्च किया गया था और अब तीन आतंकियों का खात्मा किया है. बड़ी सफलता है है कि आतंकियों में जैश कमांडर सैफुल्लाह भी शामिल था, जो तकरीबन एक साल से चेनाब क्षेत्र में आतंकी साजिशों को अंजाब दे रहा था, आतंकियों को घुसपैठ कराता था. मारे गए आतंकियों के पास से आधुनिक हथियार और गोला बारूद बरामद किए गए गए हैं. 

जब तक नहीं मारे जाएंगे आतंकी, जारी रहेगा एनकाउंटर- अधिकारी

किश्तवाड़ में आसपास के इलाकों में एनकाउंटर के बाद सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है, साथ ही जवान हाईअलर्ट हैं. सेना ने हाईवे पर चौकसी बढ़ा दी है.  नेशनल हाईवे पर हर आने जाने वालों पर नजर रखी जा रही है. आतंकियों के एनकाउंटर पर रामबन के डीआईजी श्रीधर पाटिल ने हुंकार भरी है. कहा है, कई और जगहों पर भी आतंकियों को ट्रैप किया गया है. घाटी में जब तक एक भी आतंकी रहेगा, एनकाउंटर चलता रहेगा. श्रीधर पाटिल ने कहा है, आतंकियों का खात्मा करके ही दम लेंगे. जितने भी आतंकी छिपे हुए है, उन्हें न्यूट्रलाइज किया जाएगा.  

अखनूर में जीसीओ का बलिदान, आतंकियों को घुसपैठ से रोका

जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में भारत-पाकिस्तान के बीच ब्रिगेड कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग के दो दिन बाद आतंकियों की घुसपैठ की कोशिश हुई. सेना के अधिकारियों के अनुसार सतर्क जवानों ने शुक्रवार देर रात केरी भट्टल क्षेत्र में अग्रिम वन क्षेत्र में एक नाले के पास भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों के एक समूह को देखा और उन्हें चुनौती दी, जिसके बाद भीषण गोलीबारी हुई जो काफी देर तक जारी रही. इस गोलीबारी में एक जेसीओ गंभीर तौर पर घायल हुए, बाद में इलाज के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए. इसी क्षेत्र में 11 फरवरी को भी एक आईईडी धमाके में कैप्टन समेत 2 सैन्यकर्मी शहीद हुए थे. 

पुंछ सेक्टर में भारत-पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों में फ्लैग मीटिंग  

दो दिन पहले ही पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर ब्रिगेड कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग की गई. इसमें सीमा प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई. इस महीने भारत-पाकिस्तान के बीच यह दूसरी ऐसी बैठक है. बैठक चकन-दा-बाग क्रॉस-पॉइंट पर हुई, जिसका नेतृत्व दोनों पक्षों के ब्रिगेडियर स्तर के अधिकारियों ने किया. रक्षा प्रवक्ता ने के मुताबिक, “फ्लैग मीटिंग भारत-पाकिस्तान के बीच डीजीएमओ की समझ के अनुसार नियमित एलओसी और सीमा प्रबंधन प्रक्रिया है. बैठक एलओसी पर नियमित मुद्दों पर चर्चा करने के लिए आयोजित की गई थी.” भारतीय क्षेत्र के भीतर इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) लगाने और निगरानी कैमरे लगाने का भारत ने कड़ा विरोध किया है. हाल ही में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं, जिनसे पाकिस्तान की मंशा पर सवाल खड़े हुए हैं. भारतीय पक्ष ने पाकिस्तान को ऐसी घटनाओं को रोकने पर भारत ने दो टूक वॉर्निंग दी है.

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