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ट्रंप का मिया मिठ्ठू बनना जारी, भारत-पाकिस्तान जंग रूकवाने का फिर किया दावा

ईरान पर बम बरसाने वाले शांतिदूत डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से बोला है कोरा झूठ. नोबल शांति पुरस्कार पाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति इस कदर गिर गए हैं, एक बार फिर से भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाने का क्रेडिट लेने की कोशिश की है. हेग में नाटो समिट के दौरान ट्रंप ने दावा किया है कि उनके हस्तक्षेप से भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध टला. 

जबकि पीएम नरेंद्र मोदी खुद अमेरिका की मध्यस्थता के दावे को नकार चुके हैं. भारत ने दो टूक कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के प्रहार के बाद पाकिस्तानी सेना ने खुद भारतीय डीजीएमओ को फोन करके युद्ध रोकने की अपील की थी.

मैंने पीएम मोदी को दो विकल्प दिया, पाकिस्तानी जनरल मेरे दफ्तर पहुंचे:ट्रंप

हेग में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान-इजरायल, भारत-पाकिस्तान के सीजफायर का क्रेडिट लेने की कोशिश की. ट्रंप ने फिर से दावा किया कि उनके फोन कॉल से ही दोनों मुल्कों ने शांति स्थापित की.

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “सबसे महत्वपूर्ण बात है भारत और पाकिस्तान, मैंने व्यापार पर फोन कॉल की एक सीरीज के साथ इसे समाप्त किया. मैंने कहा कि यदि आप एक दूसरे से लड़ने जा रहे हैं, तो हम कोई व्यापार सौदा नहीं करेंगे. पिछले सप्ताह पाकिस्तान के जनरल मेरे कार्यालय में थे.” 

ट्रंप ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी मेरे बहुत अच्छे मित्र हैं. वह एक महान सज्जन व्यक्ति हैं, वह एक महान व्यक्ति हैं. मैंने उन्हें समझाया, और मैंने कहा, यदि आप लड़ने जा रहे हैं तो हम व्यापार सौदा नहीं करेंगे. उन्होंने कहा, नहीं, मैं व्यापार सौदा करना चाहता हूं. हमने परमाणु युद्ध रोक दिया.” 

कुछ भी बोलते हैं ट्रंप, ईरान पर अटैक को बताया हिरोशिमा-नागासाकी में न्यूक्लियर अटैक जैसा

ट्रंप ने ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों पर हुए हमलों की तुलना जापान के हिरोशिमा और नागासाकी शहरों पर हुए अटैक से कर डाली है. द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान दोनों शहरों ने अमेरिकी न्यूक्लियर बमों का हमला झेला था. 

ट्रंप ने कहा, “अगर आप हिरोशिमा को देखें या फिर नागासाकी की तरफ नजर दौड़ाएं तो आपको पता चलता है कि इससे भी युद्ध समाप्त होता है. इससे युद्ध अलग तरीके से हुए जो बहुत विनाशकारी था. “मैं हिरोशिमा का उदाहरण नहीं देना चाहता. मैं नागासाकी का उदाहरण नहीं देना चाहता, लेकिन यह मूलतः एक ही बात थी. इससे वह युद्ध समाप्त हो गया, इससे यह (ईरान) युद्ध समाप्त हो गया.”

24 घंटे में रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त करने का दावा करने वाले शांतिदूत, यूक्रेन को देंगे पेट्रियट मिसाइलें 

बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से करीब 50 मिनट तक बातचीत की. दोनों की लंबी मीटिंग हुई. बातचीत के बाद, जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन पेट्रियट मिसाइलें खरीदने के लिए तैयार है अगर अमेरिका उन्हें दान करने के लिए तैयार नहीं है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, वह यूक्रेन को और पेट्रियट मिसाइल देने पर विचार कर रहे हैं, जो रूस के हमलों से बचाव के लिए महत्वपूर्ण हैं. ट्रंप बोले, “पेट्रियट मिसाइलें बहुत मुश्किल से मिलती हैं, लेकिन हम देखेंगे कि क्या हम कुछ और उपलब्ध करा सकते हैं.”

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