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भारत की नीति ट्रंप नहीं तय करते, रूसी तेल पर स्पष्ट संदेश

भारत के रूसी तेल खरीद और अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और व्हाइट हाउस के दावे पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और कांग्रेस नेता शशि थरूर ने किया है तगड़ा वार. बर्लिन से पीयूष गोयल ने अपने बयान में कहा कि हम जल्दबाजी में सौदे नहीं करते और न ही किसी के सिर पर बंदूक रखकर डील करते हैं. 

वहीं पूर्व विदेश मंत्री शशि थरूर ने कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप को यह नहीं बताना चाहिए कि भारत क्या करेगा. ट्रंप को भारत के फैसलों की घोषणा नहीं करनी चाहिए, क्योंकि भारत भी अमेरिका की तरफ से नहीं बोलता है. 

दरअसल ट्रंप के बाद व्हाइट हाउस ने भी अपने ताजा बयान में कहा है कि भारत ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुरोध पर रूस से तेल खरीदना कम करना शुरू कर दिया है.

ट्रंप न बताएं कि भारत क्या करेगा: शशि थरूर

हाल ही में ट्रंप ने ये कहकर सनसनी फैलाने की कोशिश की थी कि पीएम नरेंद्र मोदी ने उन्हे ये आश्वासन दिया है कि रूस से तेल कम खरीदा जाएगा. वहीं व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने भी गुरुवार को कहा, मैंने कुछ अंतरराष्ट्रीय खबरें देखीं है, जिनमें कहा गया है कि चीन रूस से तेल खरीदना कम कर रहा है. हम जानते हैं कि भारत ने भी राष्ट्रपति ट्रंप के अनुरोध पर ऐसा ही किया है.’

व्हाइट हाउस के इस बयान पर शशि थरूर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. शशि थरूर ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि ट्रंप का भारत के फैसलों के बारे में ऐलान करना उचित है. मुझे लगता है कि भारत अपने फैसलों के बारे में घोषणा करेगा. हम दुनिया को नहीं बताते कि ट्रंप क्या करेंगे. मुझे लगता है कि ट्रंप को दुनिया को यह नहीं बताना चाहिए कि भारत क्या करेगा.”

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर सरकार की दो टूक

भारत-अमेरिका की ट्रेड डील को बेहद करीब से देख रहे केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा, कि “भारत पर कोई भी देश, खासकर अमेरिका, व्यापारिक समझौते के लिए दबाव नहीं बना सकता. भारत बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन किसी भी डेडलाइन या दबाव में निर्णय नहीं लेगा.”

पीयूष गोयल ने जर्मनी की राजधानी बर्लिन में आयोजित ‘बर्लिन ग्लोबल डायलॉग’ में कहा, “हम अमेरिका से बातचीत कर रहे हैं, लेकिन हम जल्दबाजी में सौदे नहीं करते और न ही किसी के सिर पर बंदूक रखकर डील करते हैं.”

भारत पर टैरिफ लगा, तो हमारे पास विकल्प खुले, दबाव में नहीं करते हैं काम: पीयूष गोयल

अमेरिका के टैरिफ दबाव को लेकर एक सवाल के जवाब ने पीयूष गोयल ने कहा, “भारत लंबी सोच रखता है. हम किसी दबाव या जल्दबाजी में निर्णय नहीं लेते. अगर हम पर टैरिफ लगाया गया है, तो हम उससे निपटने के नए तरीके ढूंढ रहे हैं. नए बाजार तलाश रहे हैं, और घरेलू मांग को मजबूत बना रहे हैं. हमारी अर्थव्यवस्था बहुत लचीली है.”

आपको बता दें कि रूस से तेल खरीदने पर अमेरिका ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है. अमेरिका के इस कदम के बाद भारत ने अमेरिका से हो रही ट्रेड डील की समीक्षा की है और अमेरिका के आगे न झुकने का फैसला किया है. भारत की इस रणनीति के कारण ही अकड़ने वाले ट्रंप की अकड़ ढीली पड़ी और ट्रंप ने भारत को महान देश बताते हुए पीएम मोदी की जमकर तारीफ की थी.

ट्रंप, रूसी तेल को लेकर कर रहे दावे, भारत ने कहा, राष्ट्रहित सर्वोपरि

रूस के तेल को लेकर हाल ही में ट्रंप ने पत्रकारों के बीच कहा था कि पीएम मोदी ने कहा है कि वो रूस से तेल खरीदना कम कर देंगे. साल के अंत तक, व्यापार लगभग शून्य हो जाएगा. यह एक बड़ी बात है. भारत बहुत अच्छा रहा है. महान देश है और प्रधानमंत्री मोदी से बात हुई है और वो शानदार नेता है और मेरे बहुत करीबी हैं.  

हालांकि ट्रंप के इस दावे पर विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया था कि ट्रंप और मोदी के बीच हुई इस बातचीत की जानकारी नहीं हैं. यानि ऐसी कोई भी बातचीत होने को खारिज कर दिया गया. वहीं विदेश मंत्रालय ने कहा था कि ऊर्जा खरीद पर जो भी भारत के हित में होगा वो करेगा. भारत के लिए राष्ट्रहित सबसे पहले है. 

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