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ट्रंप का दावा फर्जी, थाईलैंड बोला कोई सीजफायर नहीं

थाईलैंड ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को टका सा जवाब दे दिया है. ट्रंप के सीजफायर के दावे को खारिज करते हुए थाईलैंड ने कहा है कि कंबोडिया के खिलाफ उनकी सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी. 

थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल ने फेसबुक पर पोस्ट लिखकर सैन्य एक्शन की घोषणा की है. पीएम चर्नविराकुल ने कहा है कि उनके देश की सेना कंबोडिया के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखेगी. 

यानि थाईलैंड के पीएम ने ट्रंप के उस ताजा दावे को नकार दिया है जिसमें ट्रंप कह रहे थे कि थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीजफायर पर सहमति हो गई है.

हमारी सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी, कोई संघर्षविराम नहीं: पीएम अनुतिन

थाईलैंड के पीएम अनुतिन ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा, “थाईलैंड सैन्य कार्रवाई तब तक जारी रखेगा, जब तक हमें अपनी जमीन और लोगों पर कोई खतरा महसूस नहीं होता. मैं इसे साफ-साफ कहना चाहता हूं. आज सुबह (शनिवार) हमारी कार्रवाई खुद ही सब कुछ बता रही है कि हमारे बीच कोई संघर्ष विराम नहीं है. थाई सेना दुश्मन की हर कार्रवाई का जवाब दे रही है और आगे भी देती रहेगी.”

ट्रंप ने कहा था, कि “मैंने दोबारा संघर्षविराम करवा दिया है”

थाईलैंड पीएम के बयान के कुछ घंटे पहले ही डोनाल्ड ट्रंप ने ये दावा किया था कि “उन्होंने थाई प्रधानमंत्री अनुतिन और कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन मानेट से बातचीत की है. दोनों से बातचीत में गोलीबारी रोकने पर सहमति करवा दी गई है.” 

हालांकि ये ट्रंप ने कहा था. इसके बारे में न तो कंबोडिया और न ही थाईलैंड ने कुछ कहा था. लेकिन कुछ ही घंटों में हवाई हमले करके थाईलैंड ने ट्रंप को अपना जवाब बता दिया है.

थाईलैंड ने एफ 16 लड़ाकू विमानों से गिराए कंबोडिया में बम

सीजफायर के दावे के कुछ घंटों बाद ही थाई फौज ने हवाई और जमीनी हमले किए. कंबोडिया के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, “13 दिसंबर 2025 को थाई सेना ने 02 एफ-16 लड़ाकू विमानों से 7 बम गिराए. थाई सेना ने बमबारी अभी तक नहीं रोकी है और लगातार जारी रखे हुए है.ये हमले स्थानीय समयानुसार सुबह 8 बजे तक गांवों और बस्तियों पर हो रहे थे.”

बताया जा रहा है कि ताजा गोलीबारी में थाई सीमा के पास पर्सात प्रांत के थमोर दा इलाके में 2 होटल को नुकसान पहुंचा है. एक अलग घटना में, थाई नौसेना ने एक जहाज से तोप के गोले दागे, जो कंबोडिया के कोह कोंग प्रांत में गिरे. इन गोलों ने होटल और समुद्री तट वाले इलाकों को नुकसान पहुंचाया.

पिछले एक सप्ताह में हुए ताजा तनाव में दोनों देशों में कम से कम 20 लोग मारे जा चुके हैं और करीब 200 घायल हुए हैं. थाईलैंड-कंबोडिया की 800 किलोमीटर लंबी सीमा पर करीब 6 लाख लोग बेघर हो चुके हैं.

ट्रंप का करवाया सीजफायर क्यों टूटा, क्या है ताजा विवाद?

दोनों देशों के बीच विवाद की जड़ एक शिव मंदिर है. यूनेस्को की धरोहर लिस्ट में भगवान शिव के इस मंदिर का निर्माण 9-12 शताब्दी के बीच कंबोडिया के खमेर साम्राज्य के राजाओं ने कराया था.बॉर्डर पर विवादित मंदिर होने के चलते, थाईलैंड और कंबोडिया के सैनिक, पेट्रोलिंग के वक्त यहां भिड़ जाते हैं, जिसके चलते समय-समय पर सैन्य टकराव की स्थिति बन जाती है. दोनों देशों के बीच पिछले 100 वर्षों से इस मंदिर को लेकर तकरार रही है.

बताया जा रहा है कंबोडिया ने थाईलैंड की सीमा में ताकझांक के लिए प्रिया विहार मंदिर में सीसीटीवी कैमरा लगाया था. साथ ही एक इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर उपकरण था, ताकि थाईलैंड की तरफ से आने वाले ड्रोन को जाम कर मार गिराया जाए. 

विवाद बढ़ा तो पिछले सोमवार को थाईलैंड ने कंबोडिया के एक खाली पड़े कैसिनो पर एफ-16 लड़ाकू विमान से हवाई हमला किया था. इस कैसिनो को कंबोडिया के सैनिक, अपने ठिकाने के तौर पर इस्तेमाल कर रहे थे. जिसके बाद कंबोडिया ने पलटवार किया. 

आसियान अध्यक्ष ने की सीजफायर की अपील, ऑब्जर्वर टीम जाएगी थाईलैंड और कंबोडिया

मलेशिया की पीएम अनवर इब्राहिम दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन आसियान के अध्यक्ष हैं. अनवर इब्राहिम ने कहा कि “मलेशिया के रक्षा प्रमुख की अगुवाई में एक आसियान ऑब्जर्वर टीम सीमा पर तैनात की जाएगी. इसके अलावा अमेरिका इस इलाके की निगरानी के लिए सैटेलाइट सुविधा भी देगा.”

कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन मानेट ने कहा कि “वह मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के प्रस्ताव का स्वागत करते हैं.”

लेकिन थाई प्रधानमंत्री अनुतिन ने कहा कि “किसी भी तरह का समझौता नहीं हुआ है.” हालांकि थाई विदेश मंत्री ने ये जरूर कहा कि “उनका देश ऑब्जर्वर टीम के साथ सहयोग करेगा, लेकिन संघर्षविराम से पहले बातचीत जरूरी है. जब लड़ाई चल रही हो, तब अचानक संघर्षविराम का ऐलान करना संभव नहीं है.”

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