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ट्रंप के चेले गोर की शपथ, भारत संग मजबूत संबंध को बताया प्राथमिकता

 अमेरिका के टैरिफ मनमानी के आगे जब भारत नहीं झुका तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ये संकेत दिए हैं कि भारत पर लगाया गया टैरिफ कम किया जाएगा. ट्रंप ने ये बयान भारत में अमेरिकी राजदूत नियुक्त सर्जियो गोर के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान की. 

अमेरिका के टैरिफ वॉर के चलते भारत के साथ संबंधों में आई तल्खी का भी ट्रंप ने जिक्र किया. ट्रंप ने कहा, अभी वे (भारत) मुझे पसंद नहीं करते, लेकिन हमें फिर से पसंद करने लगेंगे. 

भारत के साथ ट्रेड डील बेहद करीब होने का दावा, ट्रंप ने फिर अलापा रूसी तेल वाला राग

ओवल ऑफिस में ट्रंप से सवाल किया गया कि भारत के साथ व्यापार समझौता कितना करीब है और क्या वह नई दिल्ली पर टैरिफ कम करने पर विचार करेंगे? इसका जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा, “हम भारत के साथ एक डील कर रहे हैं. ये डील पहले से बहुत अलग है. वे हमें फिर से पसंद करने लगेंगे, हमें एक उचित सौदा मिल रहा है.”

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “अभी रूसी तेल की वजह से भारत पर टैरिफ बहुत ज्यादा हैं, और उन्होंने रूसी तेल का व्यापार बंद कर दिया है. इसमें काफी कमी की गई है. हां, हम टैरिफ कम करने जा रहे हैं. किसी समय हम इसे कम करेंगे.” 

ट्रंप ने दी राजदूत सर्जियो गोर को नसीहत, भारत को बताया अच्छा वार्ताकार

अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत में नियुक्त नए राजदूत सर्जियो गोर से कहा, “वे (भारत) बहुत अच्छे वार्ताकार हैं, इसलिए सर्जियो आपको इस पर गौर करना होगा. मुझे लगता है कि हम एक ऐसे समझौते के बहुत करीब हैं जो सभी के लिए अच्छा है.” 

ट्रंप ने अपने करीबी सर्जियो गोर की तारीफ करते कहा, “मैं सर्जियो पर भरोसा करता हूं कि वे हमारे देश के सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय संबंधों में से एक, भारत गणराज्य के साथ रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में मदद करेंगे. यह एक बड़ी बात है. भारत दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में से एक है, दुनिया का सबसे बड़ा देश है और इसकी आबादी 1.5 अरब से ज़्यादा है.”

पीएम मोदी के मित्र बन चुके हैं सर्जियो गोर: डोनाल्ड ट्रंप

ट्रंप ने भारत के साथ संबंधों पर बात करते हुए कहा, प्रधानमंत्री मोदी के साथ हमारे बेहतरीन संबंध हैं और सर्जियो ने इसे और भी मजबूत किया है क्योंकि वे पहले से ही प्रधानमंत्री मोदी के साथ मित्रवत हो गए हैं.

ट्रंप ने कहा, “राजदूत के रूप में सर्जियो हमारे देश के संबंधों को मजबूत करने, प्रमुख अमेरिकी उद्योगों और तकनीकों में निवेश को बढ़ावा देने, अमेरिकी ऊर्जा निर्यात बढ़ाने और हमारे सुरक्षा सहयोग का विस्तार करने के लिए काम करेंगे.”

भारत का राजदूत बनना मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान: सर्जियो गोर

शपथ ग्रहण के बाद सर्जियो गोर ने कहा, “कि यह उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है. सर्जियो गोर बोले, मैं अमेरिका और भारत के बीच रिश्तों को और बेहतर बनाने के लिए पूरी लगन से काम करूंगा. गोर ने ट्रंप को धन्यवाद देते हुए कहा आपके नेतृत्व में जो उपलब्धियां हुई हैं, वे ऐतिहासिक हैं.”

गोर को एलन मस्क ने बताया था सांप, नहीं है राजनयिक अनुभव

सर्जियो गोर कार्मिक (ऑफिस में बैठकर काम) पद पर काम करते हैं. ना कोई विदेश नीति का अनुभव है और ना ही कहीं पहले राजदूत के पद पर तैनात थे. सर्जियो गोर ने चूंकि ट्रंप के चुनाव में बेतहाजा चंदा इकट्ठा किया और उसके अलावा ट्रंप के बेटे की किताब को पब्लिश करवाया है. ट्रंप के करीबी रहने और ट्रंप के कैंपेन के कार्यकर्ता होने के नाते सीढ़ी दर सीढ़ी चढ़ते चले गए. 

जब ट्रंप सत्ता में आए तो गोर को व्हाइट हाउस में होने वाली सारी नियुक्ति का काम सर्जियो गोर को ही सौंपा गया. कहा जाता है कि एलन मस्क और डोनाल्ड ट्रंप के बीच जो दूरियां और खटपट आई, उसके पीछे भी यही व्यक्ति था. एलन मस्क तो खुलेआम सर्जियो गोर की तुलना सांप (स्नेक) से कर चुके हैं.

सर्जियो गोर ऐसे समय में नई दिल्ली भेजे जा रहे हैं, जब अमेरिका के मनमाने टैरिफ को लेकर तनाव है. 50 प्रतिशत टैरिफ के आगे भारत ने झुकने से मना कर दिया है. वहीं अमेरिका के खिलाफ भारत के साथ परममित्र रूस ही नहीं, चीन भी खड़ा हुआ है. 

नौसिखिए सर्जियो गोर को भारत का राजदूत बनाए जाने पर अमेरिका में उठे सवाल

सर्जियो गोर के पास कार्मिक अनुभव है, लेकिन कोई राजनयिक अनुभव नहीं है. विदेश नीति के बारे में बहुत कम ज्ञान है, बावजूद इसके ट्रंप ने गोर को भारत का राजदूत बनाकर बड़ा दांव खेला है.

अमेरिका के सीनियर सीनेटर ग्रेगरी मीक्स ने हाल ही में कहा था कि “भारत जैसे जटिल और महत्वपूर्ण देश में अमेरिकी हितों की रक्षा के लिए करियर डिप्लोमैटिक अनुभव और काबिलियत जरूरी है.अमेरिका-भारत संबंधों के इतने संवेदनशील मोड़ पर वॉशिंगटन को एक अनुभवी और विश्वसनीय राजदूत की जरूरत थी, ना कि एक मागा (मेक अमेरिका ग्रेट अगेन) के वफादार की.”

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