ईरान ने भारत के साथ मित्रता को अटूट बताया है. सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई के अंतिम विदाई समारोह में भारतीय प्रतिनिधिमंडल के शामिल होने पर तेहरान ने आभार जताया है. और कहा है कि भारत का ये भाव ईरान के साथ गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और मानवीय संबंधों को प्रदर्शित करता है.
भारत में ईरानी दूतावास ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में भारत की सराहना की है.
आपको बता दें कि ईरान में हुए अंतिम संस्कार समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा और बिहार के गवर्नर लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन ने किया. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए और खामेनेई को श्रद्धांजलि दी.
भारत के साथ हमारा अनमोल रिश्ता है: ईरान
ईरानी दूतावास ने एक्स पर लिखा, “भारत गणराज्य में स्थित इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का दूतावास भारत की मित्रवत सरकार और जनता, विशेष रूप से भारत सरकार और जनता की ओर से उपस्थित आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के प्रति हार्दिक आभार और प्रशंसा व्यक्त करता है, जिन्होंने इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के शहीद नेता, महामहिम अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के अंतिम विदाई समारोह में भाग लिया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की.”
“ईरान के लोग मित्रता, करुणा और हार्दिक सम्मान के इस भाव को कभी नहीं भूलेंगे. वे इसे इस्लामी गणराज्य ईरान और भारत गणराज्य के बीच अटूट संबंधों का एक अनमोल प्रमाण और हमारे दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही मित्रता को और मजबूत करने के लिए एक अहम आधार मानते हैं.”
“भारत में स्थित इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का दूतावास एक बार फिर उन सभी भारतीय अधिकारियों, प्रतिष्ठित व्यक्तियों और भारत के नेक लोगों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करता है, जो इस दुख की घड़ी में ईरान के लोगों के साथ खड़े रहे और उनके प्रति सहानुभूति व्यक्त की.”
खामेनेई की अंतिम विदाई समारोह में भारत से कौन-कौन गया
तेहरान में हुए अंतिम संस्कार समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा और बिहार के गवर्नर लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन ने किया. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए. इसके अलावा जम्मू-कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती भी अंतिम संस्कार में शामिल हुईं और ईरान के साथ एकजुटता दिखाई.
इस दौरान महबूबा मुफ्ती ने एक पोस्ट में लिखा, “तेहरान से विदा लेते समय, इस गहरे दुख और शोक की घड़ी में मेरी संवेदनाएं वहां के साहसी नेतृत्व और जुझारू जनता के साथ हैं. हम हमेशा आपके साथ खड़े रहेंगे.”
खामेनेई के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़
28 फरवरी को ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की अमेरिका-इजरायल की एयरस्ट्राइक में मौत हो गई थी. इस हमले के बाद अमेरिका-ईरान के बीच सीधी जंग शुरु हो गई थी. इस युद्ध के चलते खामेनेई के शव को सुरक्षित रखा गया था और अब एक बड़े समारोह के जरिए खामेनेई के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम चल रहा है, जिसमें भारत, चीन, रूस समेत कई देशों के नेताओं ने भाग लिया है. 9 जुलाई को खामेनेई को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा. करोड़ों की संख्या में ईरानी जनता सड़कों पर उतरी हुई है और खामेनेई की मौत का शोक मना रही है.

