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बाइडेन ने इजरायल को रोकी हथियारों की सप्लाई

राफा में हमले की तैयारी करने के चलते अमेरिका ने इजरायल को बम और हथियारों की सप्लाई रोक दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने खुद ये फैसला लिया है. माना जा रहा है कि बाइडेन ने ये फैसला इजरायल द्वारा राफा में शरण ले रहे 10 लाख फिलिस्तीनियों की सुरक्षा के लिए लिया है. 

जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी सरकार ने हमला करने वाले हथियार और तोप के गोलों की सप्लाई को इजरायल जाने से रोक दिया है. इनमें 900 किलोग्राम के 1800 बम हैं और 250 किलोग्राम के 1700 बम शामिल हैं जिनकी शिपमेंट बाइडेन के आदेश पर रोक दी गई है. गौरतलब है कि करीब एक महीने पहले किचन ऑफ वर्ल्ड नाम के एनजीओ के सदस्यों की ड्रोन अटैक में मौत के बाद बाइडेन ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फोन कर अपनी नाराजगी जताई थी. बाइडेन ने उस वक्त ही नेतन्याहू को साफ कर दिया था कि अगर शरणार्थियों और उन्हें जरूरी मदद पहुंचाने वाले कार्यकर्ताओं को नुकसान पहुंचाया गया तो मदद रोक दी जाएगी. 

गाजा में अपनी सैन्य कार्रवाई पूरी करने के बाद नेतन्याहू के निर्देश पर अब इजरायल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) राफा में ग्राउंड अटैक करने की तैयारी कर रही हैं. इसी कड़ी में मिस्र से से राफा बॉर्डर को भी इजरायली सैनिकों ने अपने कब्जे में कर लिया है. दरअसल, गाजा में आईडीएफ ने अपने ग्राउंड ऑपरेशन लगभग पूरे कर लिए हैं. गाजा में रहने वाले स्थानीय लोग आईडीएफ के ऑपरेशन के चलते राफा चले गए थे. इस समय राफा में करीब 10 लाख लोग शरण लिए हुए हैं. 

गाजा में आतंकी संगठन हमास के आतंकियों का सफाया करने और गाजा टनल की खाक छानने के बाद में इजरायल को अपने 100 से ज्यादा बंधकों का अभी तक कोई अता पता नहीं चल पाया है. ऐसे में इजरायल को शक है कि हमास के आतंकियों ने बंधकों को राफा में छुपाया हुआ है. यही वजह है कि आईडीएफ ने ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी कर ली है. इजरायल का ये भी आरोप है कि राफा इलाके से हमास आतंकी रॉकेट अटैक भी कर रहे हैं. 

इजरायल ने राफा में शरण ले रहे लोगों के लिए एक खुले मैदान में मानवीय कैंप लगाने का ऐलान किया है. ऐसा इसलिए कि लोग वहां चले जाएं और आईडीएफ राफा में अपने ऑपरेशन कर सके. 

लेकिन बाइडेन को अपने देश में फिलिस्तीन के समर्थन और एंटी-इजरायल विरोध प्रदर्शनों का सामना भी करना पड़ रहा है. अमेरिकी की कई यूनिवर्सिटी में छात्र-छात्राएं धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. हिंसा की घटनाएं भी सामने आ रही हैं. इसके अलावा इजरायल को सैन्य समर्थन देने के लिए दूसरे देशों की आलोचना का शिकार भी बनना पड़ रहा है. यही वजह है कि बाइडेन ने ऑफेंसिव हथियारों की सप्लाई इजरायल जाने से रोक दी है. हालांकि, बाइडेन प्रशासन का कहना है कि इजरायल को आत्मरक्षा के लिए जरुरी हथियारों की सप्लाई जारी रहेगी. इनमें आयरन डोम से जुड़ी मिसाइल शामिल हैं जो रॉकेट अटैक से इजरायल की एयर-स्पेस को सुरक्षा प्रदान करती हैं. 

इजरायल हमास युद्ध को सात महीने पूरे हो चुके हैं. संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के आंकड़ों की मानें तो अब तक गाजा में 30 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है. वहीं 7 अक्टूबर को हमास के आतंकी हमले में इजरायल के 1200 लोगों की मौत हुई थी और 250 से ज्यादा लोगों का अपहरण कर लिया गया था. अभी भी 100 से ज्यादा बंधक हमास की कैद में हैं. ऐसे में इजरायल ने साफ कह दिया है जब तक सभी बंधकों को छुड़ा नहीं लिया जाता, हमास के खिलाफ ऑपरेशन जारी रहेंगे. यही वजह है कि गाजा के बाद अब बारी राफा की है.  

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