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कट्टरपंथियों के समर्थक यूनुस, विजय दिवस पर बोली शेख हसीना

बांग्लादेश की स्वतंत्रता की 53वीं वर्षगांठ पर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस पर गुपचुप तरीके से कट्टरपंथियों और सांप्रदायिक ताकतों का समर्थक करार दे दिया है.

विजय दिवस की पूर्व संध्या पर भारत में रह रहीं बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना ने यूनुस सरकार को एकबार फिर से ‘फासीवादी’ करार दे दिया है. शेख हसीना ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा, यूनुस एक अलोकतांत्रिक समूह का नेतृत्व कर रहे हैं जिनकी लोगों के प्रति कोई जिम्मेदारी नहीं है.

पाकिस्तान से बांग्लादेश को मिली स्वतंत्रता की वर्षगांठ पर सोमवार (16 दिसंबर) को भारत और बांग्लादेश दोनों मना रहे हैं विजय दिवस. इस मौके पर भारत आई है बांग्लादेश से मुक्ति योद्धाओं की टीम तो भारतीय सेना के अफसर ढाका में विजय दिवस के कार्यक्रम में शामिल हुए हैं.

राष्ट्र विरोधी समूह बांग्लादेश की सत्ता पर कर रहे कब्जा: शेख हसीना

विजय दिवस के मौके पर बांग्लादेश की यूनुस सरकार पर जमकर गरजी हैं शेख हसीना. शेख हसीना ने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट के जरिए अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस पर करारा वार किया है.

शेख हसीना ने यूनुस को “फासीवादी” कहा और आरोप लगाया कि उनके नेतृत्व वाली सरकार का मुख्य उद्देश्य मुक्ति संग्राम और मुक्ति समर्थक ताकतों की भावना को दबाना है.

शेख हसीना ने लिखा कि “राष्ट्र विरोधी समूहों ने असंवैधानिक तरीके से सत्ता पर कब्जा कर लिया है. इस अलोकतांत्रिक समूह की जनता के प्रति कोई जवाबदेही नहीं है. वो सत्ता पर कब्जा कर रहे हैं और सभी जन कल्याण कार्यों में बाधा डाल रहे हैं. बांग्लादेश के लोग बढ़ती कीमतों के बोझ तले दबे हुए हैं. चूंकि यह सरकार लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई नहीं है, इसलिए लोगों के प्रति उनकी कोई जवाबदेही नहीं है.”

इस साल 5 अगस्त को अराजक तत्वों के विरोध-प्रदर्शन और हिंसा के आगे देश छोड़ने को मजबूर हुई बांग्लादेश की (पूर्व) प्रधानमंत्री ने यूनुस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “ये सरकार गुप्त रूप से स्वतंत्रता विरोधी कट्टरपंथी सांप्रदायिक ताकतों का समर्थन कर रहे हैं. फासीवादी यूनुस सहित इस सरकार के नेताओं की मुक्ति संग्राम और उसके इतिहास के प्रति संवेदनशीलता की कमी उनके उनके इरादों को दर्शाती है.” 

शेख हसीना ने नहीं दिया है पीएम पद से इस्तीफा

शेख हसीना अपदस्थ हो गई हैं पर उन्होंने अब तक बांग्लादेश के पीएम पद से इस्तीफा नहीं दिया है. इसलिए अंतरिम सरकार बिना पीएम के इस्तीफे के ही बनाई गई है और बांग्लादेश पर राज कर रही है. शेख हसीना के खिलाफ बांग्लादेश में कई केस दर्ज किए गए हैं. और बांग्लादेश की सरकार ने कहा है कि वो अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत भारत से शेख हसीना को प्रत्यर्पित करने की मांग करेंगे.

बांग्लादेश के लिए ऐतिहासिक दिन है 16 दिसंबर

16 दिसंबर को बांग्लादेश, विजय दिवस के रूप में मनाता है. इसी दिन यानी 16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तानी सेना के तत्कालीन प्रमुख जनरल अमीर अब्दुल्ला खान नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ 13 दिन के युद्ध के बाद भारतीय सेना और मुक्ति वाहिनी की संयुक्त सेना के सामने आत्मसमर्पण किया था. जिसके बाद पूर्वी पाकिस्तान को बांग्लादेश बनाया गया था.

मोहम्मद यूनुस ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि

आजादी की 53वीं वर्षगांठ पर बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन और अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने सोमवार को राजधानी ढाका में राष्ट्रीय स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की. इसके बाद राष्ट्रीय प्रसारण में मोहम्मद यूनुस ने देश को संबोधित किया.

इस संबोधन में मोहम्मद यूनुस ने चुनाव को लेकर बड़ी घोषणा की है. यूनुस ने कहा कि 2025 के अंत तक या फिर 2026 की शुरुआत में बांग्लादेश में आम चुनाव होंगे. 

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