यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रूस की तेल रिफाइनरी पर हमले रोकने की अपील का समर्थन किया है. लेकिन साथ में तंज भी कस दिया है कि ‘चुनाव’ जीतने के लिए रूस-यूक्रेन जंग ना रुकवाई जाए बल्कि एक एक मजबूत और निष्पक्ष समाधान निकलना चाहिए.
जेलेंस्की के मुताबिक,अमेरिका अगर रूस को युद्ध रोकने के लिए तैयार कर लेता है तो यूक्रेन भी इसके लिए तैयार हो सकता है. इसके लिए जेलेंस्की ने रूस की (युद्ध) अर्थव्यवस्था पर यूक्रेन के सटीक हमलों का दवाब बताया. यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि अभी तक रूस की तरफ से जंग रोकने के लिए कोई वास्तविक इच्छा नहीं दिखाई है.
जेलेंस्की ने कहा कि “लेकिन अगर हमारा सहयोगी, अमेरिका यह पक्का कर सकें कि रूस सचमुच जीवन को नष्ट करने वाले इस युद्ध को रोकने के लिए तैयार है – और ऐसा सचमुच और लंबे समय के लिए करे – तो यूक्रेन भी तनाव कम करने की दिशा में अपने कदम उठाएगा.”
ट्रंप ने यूक्रेन से रूस की तेल रिफाइनियों पर अटैक बंद करने का किया था आह्वान
एक दिन पहले, ट्रंप ने यूक्रेन से रूस के ऑयल डिपो और तेल रिफाइनरियों पर ड्रोन अटैक ना करने का आह्वान किया था. ट्रंप के मुताबिक, रूस के एनर्जी सेक्टर पर हो रहे हमलों से दुनियाभर में तेल के दामों में बढ़ोतरी हो रही है. ट्रंप ने साफ कर दिया था कि ईरान जंग से क्रूड ऑयल के दाम नहीं बढ़े हैं. पिछले 5-6 महीने से यूक्रेन ने रूस की तेल रिफाइनरियों और ऑयल डिपो पर ताबड़तोड़ ड्रोन अटैक किए हैं. यहां तक की रूस की राजधानी मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग तक के ऑयल डिपो और रिफाइनरियों तक को नहीं छोड़ा गया है.
जवाब में रूस ने भी यूक्रेन के उर्जा सप्लाई करने वाले संसाधनों पर अटैक किए हैं. दुनिया में तेल संकट को गहराते देख, ट्रंप ने यूक्रेन से रूस के तेल संसाधनों पर हमला ना करने की अपील की थी. हाल के दिनों में अमेरिका में तेल के दाम छह डॉलर के पार पहुंच गए हैं. इसी का जवाब जेलेंस्की ने दिया है.
जेलेंस्की ने कहा कि “अब अमेरिका का एक मजबूत प्रस्ताव है कि अहम इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले दोनों तरफ से रोके जाएं. अगर यह तनाव कम करने की दिशा में पहला कदम बन सकता है – यानी हमारे अहम इंफ्रास्ट्रक्चर पर रूस के हमलों और जवाब में हमारे हमलों को रोकने की दिशा में एक कदम – तो यूक्रेन तनाव कम करने में सहयोग करने को तैयार है.”
ट्रंप ने युद्ध रुकवाने के लिए मॉस्को और कीव भेजे थे विशेष दूत
हाल में ट्रंप ने अपने दो विशेष दूत, स्टीव विटकॉफ और जेरड कुशनर को मॉस्को और कीव (यूक्रेन की राजधानी) भेजा था. दोनों दूत ने मॉस्को में रूस के राष्ट्रपति व्लाडिमीर पुतिन और कीव में जेलेंस्की से मुलाकात कर युद्ध रोकने पर चर्चा की थी. लेकिन विटकॉफ और कुशनर के स्वदेश लौटते ही रूस और यूक्रेन ने युद्ध को तेज कर दिया.
यूक्रेन ने रूस के साइबेरिया में करीब 3000 किलोमीटर दूर, दो इंडस्ट्रियल प्लांट्स पर ड्रोन अटैक कर अब तक का सबसे लंबी दूरी का हमला करने का दावा किया. रूस ने भी यूक्रेन के मिग-29 को ड्रोन अटैक में तबाह करने का दावा किया. रूसी रक्षा मंत्रालय ने तो यूक्रेन के खारकीव में करीब 1600 यूक्रेनी सैनिकों को घेरने का दावा भी किया था. (ट्रंप की कोशिश नाकाम, साइबेरिया तक ड्रोन अटैक)
रूस और यूक्रेन ने ब्लैक सी में भी एक दूसरे के ऑयल टैंकर्स और कार्गो जहाज पर भी हमले किए हैं. रूस ने यूक्रेन के अनाज से भरे जहाज पर भी हमले किए हैं. यही वजह है कि जेलेंस्की ने मंगलवार को अपने बयान में अहम इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले रोकने को शांति वार्ता का हिस्सा बनाने पर जोर दिया.
नवंबर में अमेरिका में मिड-टर्म इलेक्शन, ट्रंप की साख दांव पर
जेलेंस्की ने हालांकि, अमेरिका में होने वाले चुनाव के मद्देनजर युद्ध को कुछ समय के लिए रोकने के बजाए हमेशा के लिए खत्म करने पर जोर दिया. नवंबर के महीने में अमेरिका में मध्यावधि चुनाव हैं. ये चुनाव अमेरिकी प्रतिनिधि सभा और सीनेट के लिए होने हैं.
माना जा रहा है कि चुनाव में अपनी (रिपब्लिकन) पार्टी की जीत को सुनिश्चित करने के लिए ट्रंप, रूस और यूक्रेन के बीच जंग रूकवाने की फिराक में है. ऐसा इसलिए ताकि चुनाव में ट्रंप को रूस-यूक्रेन जंग रूकवाने का मुद्दा बनाया जा सके. यही वजह है कि जेलेंस्की ने चुनाव के लिए जंग रुकवाने के बजाए, हमेशा के लिए युद्ध खत्म करने का आह्वान किया.

