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पाकिस्तान ने मसूद अजहर पर रखा इनाम, BRICS का बड़ा असर

दुनिया को गुमराह करने के लिए पाकिस्तान ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को मोस्ट वांटेड घोषित कर 70 लाख का इनाम घोषित किया है. 

माना जा रहा है कि अगले महीने (अक्टूबर में) एफएटीएफ की बैठक से पहले, पाकिस्तान ने अपना नाम फिर से ग्रे लिस्ट में आने से बचने के लिए अपनी करतूतों पर लीपापोती की कोशिश की है. जबकि भारतीय एजेंसियों की पुख्ता जानकारी के मुताबिक, मसूद अजहर पाकिस्तान के सिंध प्रांत के नवाबशहर में छिपा हुआ है. 

हाल में पाकिस्तान की फेडरल  जांच एजेंसी (एफआईए) ने अपने भगोड़े आतंकियों की लिस्ट से जुड़ी रेड बुक अपडेट की है. इस बुक में मसूद अजहर पर इनाम बढ़ाकर 70 लाख कर दिया गया है. ये  वही मसूद अजहर जिसके बहावलपुर स्थित आतंकी मुख्यालय (मरकज शुभान अल्लाह) को हाल में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की देखरेख में मरम्मत कराकर तैयार किया गया है.

पुलवामा अटैक और पहलगाम नरसंहार का साजिशकर्ता है मसूद

ऑपरेशन सिंदूर (मई 2025) के दौरान, भारतीय वायुसेना ने जैश के इसी बहावलपुर स्थित मरकज पर एयर-स्ट्राइक कर तबाह कर दिया था. क्योंकि, पहलगाम नरसंहार में शामिल आतंकी, पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश और लश्कर ए तैयबा से जुड़े थे. पहलगाम नरसंहार की साजिश जैश और लश्कर ने आईएसआई की मदद से तैयार की थी. यही वजह है कि भारत की जांच एजेंसी, एनआईए (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) ने भी पहलगाम हमले में मसूद अजहर को आरोपी बनाया है.

पुलवामा अटैक (2019) में भी एनआईए ने मसूद अजहर को साजिशकर्ता के तौर पर अपनी चार्जशीट में मुख्य आरोपी बनाया था. 

ब्रिक्स ने पहलगाम हमले के लिए पाकिस्तान की लगाई थी लताड़

उल्लेखनीय है कि राजधानी दिल्ली में संपन्न हुए ब्रिक्स समिट (12-13 सितंबर) के घोषणा पत्र में पहलगाम हमले की जमकर भर्त्सना की गई है. पाकिस्तान का नाम लिए बगैर, घोषणापत्र को सभी देशों ने बिना किसी आपत्ति के स्वीकार किया है. इन देशों में चीन भी शामिल है, जो पिछले कई सालों से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट की श्रेणी में शामिल कराने की भारत की अपील पर वीटो लगा देता है. 

अगले महीने एफएटीएफ की अहम बैठक

अक्टूबर के महीने में फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की बैठक होने जा रही है. इस बैठक में आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान की कार्रवाई की समीक्षा की जानी है. एफएटीएफ को अगर जरा भी भनक लग गई कि पाकिस्तान की धरती से आतंक को खत्म करने के लिए कोई खास कदम नहीं उठाए गए तो, इस्लामाबाद को फिर से ग्रे लिस्ट में डाला जा सकता है. पहले भी पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से बाहर आने में काफी मशक्कत करनी पड़ी थी.

वर्ष 2021 में पहली बार पाकिस्तान के एफआईए ने मसूद अजहर की गिरफ्तारी पर 50 लाख रुपये (पाकिस्तानी करेंसी) का इनाम घोषित किया था. पाकिस्तान का दावा था कि मसूद अजहर अफगानिस्तान भाग गया है. लेकिन काबुल के तालिबान प्रशासन ने पाकिस्तान के आरोपों को एक सिरे से खारिज करते हुए साफ कर दिया था कि मसूद अजहर अफगानिस्तान में नहीं है. 

पाकिस्तान ने 26-11 हमले के आरोपियों को भी डाला रेड बुक में

मसूद अजहर के अलावा, एफआईए की नई अपडेटेड रेड बुक में मुंबई के 26/11 आतंकी हमलों में शामिल 19 आतंकवादियों को भी मोस्ट वांटेड की श्रेणी में रखा है.

ये वे आतंकी (आरोपी) है जिन्होंने आतंकी अजमल कसाब और उसके साथियों को पाकिस्तान से मुंबई भेजने के लिए सहायता, फाइनेंसिंग या बोट की व्यवस्था की थी. जबकि इनमें से 17 आतंकवादियों को उनकी तस्वीरों और 26/11 में उनकी विशिष्ट भूमिकाओं के साथ सूचीबद्ध किया गया है, पाकिस्तान ने लश्कर के दो आतंकवादियों की तस्वीरों को हटा दिया है. इन दोनों आतंकियों के केवल नाम ही लिस्ट में रखे गए हैं.

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