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समंदर में चलेगी भीम की गदा, ऑफशोर सुरक्षा के लिए 11 वैसल

समुद्री-तटों की सुरक्षा के लिए गोवा शिपयार्ड (जीएसएल) ने दूसरे और तीसरे पीढ़ी के ऑफशोर पेट्रोल वैसल की कील-लेयिंग सेरेमनी का आयोजन किया है. महाराष्ट्र के रत्नागिरी स्थित योमन मरीन सर्विसेज लिमिटेड (वाईएमएसपीएल) में इस कार्यक्रम को आयोजित किया गया. शनिवार को जीएसएल ने ‘तवस्या’ नाम के एक फ्रिगेट (जंगी जहाज) को भी समंदर में लॉन्च किया था.

गोवा शिपयार्ड और जीआरएसआई बनाएंगे 11 नेक्सट जेनरेशन ओपीवी

11 नेक्सट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वैसल (एनजीओपीवी) के स्वदेशी डिजाइन और निर्माण के लिए रक्षा मंत्रालय ने वर्ष 2023 में जीएसएल और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई), कोलकाता के साथ एग्रीमेंट किया था. करार के तहत सात जहाजों का निर्माण गोवा शिपयार्ड लिमिटेड कर रही है और बाकी चार जहाजों का निर्माण जीआरएसई कर रही है.

गोवा शिपयार्ड लिमिटेड की निर्माण रणनीति के अंतर्गत दो ओपीवी (यार्ड 1281 और 1282) के फेब्रिकेशन का कार्य वाईएमएसपीएल, रत्नागिरी के परिसर में किया जा रहा है. यही वजह है कि इनकी कील बिछाने का कार्यक्रम रत्नागिरी में आयोजित किया गया.

लगभग 3000 टन भार वाले एनजीओपीवी को तटीय रक्षा एवं निगरानी, खोज एवं बचाव कार्यों, अपतटीय संपत्तियों की सुरक्षा और समुद्री डकैती विरोधी अभियानों के लिए डिजाइन किया गया है.

नौसेना के नए फ्रिगेट का नाम भीम की गदा पर

शनिवार को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल) द्वारा परियोजना 1135.6 के फॉलो-ऑन शिप (फ्रिगेट) का समंदर में लॉन्च किया गया. इस युद्धपोत को ‘तवस्या’ नाम दिया गया है.

नौसेना के प्रवक्ता, कमांडर विवेक मधवाल के मुताबिक, इस पोत का नाम ‘तवस्या’, महाभारत के महान योद्धा भीम की गदा के नाम पर है.  कमांडर मधवाल के मुताबिक, यह भारतीय नौसेना की अदम्य भावना और बढ़ते सामर्थ्य का प्रतिनिधित्व करता है.

समंदर में लॉन्च कार्यक्रम के दौरान रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ तथा एफओसी-इन-सी पश्चिम वाइस एडमिरल संजय जे सिंह मौजूद थे. नौसेना की परंपरा के अनुसार, रक्षा राज्य मंत्री की पत्नी नीता सेठ ने समंदर को लॉन्च किया.

तवस्या के लॉन्च पर क्या कहा रक्षा राज्यमंत्री ने

इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने भारतीय नौसेना की बढ़ती आत्मनिर्भरता का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि यह सफलता भारत के नौसैन्य इतिहास में एक निर्णायक क्षण है, जो हमारी तकनीकी क्षमताओं एवं आत्मनिर्भरता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है.

रक्षा राज्य मंत्री ने जोर देकर कहा कि ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली, टारपीडो लांचर, सोनार और सहायक नियंत्रण प्रणालियों जैसे महत्वपूर्ण घटकों का सफल स्थानीयकरण भारत के जहाज निर्माण इकोसिस्टम के बढ़ते लचीलेपन को प्रदर्शित करता है. तवस्या का जलावतरण न केवल भारतीय नौसेना के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि भारत की रणनीतिक रक्षा महत्वाकांक्षाओं की दिशा में एक बड़ी छलांग है.

रक्षा मंत्रालय और गोवा शिपयार्ड लिमिटेड के बीच वर्ष 2019 में दो प्रोजेक्ट 1135.6 फॉलो-ऑन फ्रिगेट के निर्माण के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए थे. पहला जहाज ‘त्रिपुट’, जुलाई, 2024 को जलावतरित किया गया था. इन जहाजों को सतह, उप-सतह और हवाई युद्ध संचालन के लिए तैयार किया गया है. ‘त्रिपुट’ और ‘तवस्या’ 124.8 मीटर लंबे तथा 15.2 मीटर चौड़े हैं और इनका ड्राफ्ट 4.5 मीटर का है. इनका विस्थापन लगभग 3600 टन है और अधिकतम गति 28 नॉट्स है.


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