इजरायल-हमास जंग के बीच अब ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की शामत आने वाली है. यमन के हूती विद्रोहियों के खात्मे की उल्टी गिनती शुरु हो चुकी है. लाल सागर में आए दिन हूती विद्रोही व्यापारिक जहाजों को निशाना बना रहे हैं पर अब हूती का काउंटडाउन शुरु हो चुका है क्योंकि अमेरिका ने लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर हूती हमलों के खिलाफ एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाने की घोषणा की है. अब अगर रेड सी में हूती विद्रोही इजरायल या इजरायल की ओर जाने वाले जहाजों को टारगेट करते हैं तो उनकी खैर नहीं. अमेरिका के अभियान में कई देशों ने अपना ग्रीन सिग्नल दे दिया है. भारतीय जहाजों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए भारत ने भी अपने मिसाइलों से लैस दो वॉरशिप को तैनात किया है.
हूती विद्रोहियों की धमकी के बाद अमेरिका का एक्शन
गाजा में हो रहे इजरायली अटैक के बाद हूती विद्रोहियों ने ऐलान किया था कि गाजा के समर्थन में वो दक्षिणी लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों को मिसाइलों के जरिए निशाना बनाएंगे. पिछले महीने ही हूती विद्रोहियों ने भारत आ रहे एक जहाज को हाईजैक कर लिया था. हथियारों से लैस हूती विद्रोही हेलीकॉप्टर के जरिए जहाज पर उतरे और जहाज के स्टाफ को बंधक बना लिया. हूती विद्रोहियों ने हाईजैकिंग का बेहद खतरनाक वीडियो भी शेयर किया था. इसके अलावा भी कई जहाजों को हाल ही में हूती विद्रोहियों ने निशाना बनाया. जिसके बाद यूएस ने 10 देशों के साथ मिलकर गठबंधन बनाया है, जो कि वाणिज्यिक जहाजों को बचाने के लिए पेट्रोलिंग करेंगे.
क्या है ‘ऑपरेशन प्रॉस्पेरिटी गार्जियन’?
अमेरिका के नेतृत्व वाली मल्टीनेशनल सिक्योरिटी इनिशिएटिव में बहरीन, ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, इटली, नीदरलैंड, नॉर्वे, सेशेल्स और स्पेन शामिल होंगे. दक्षिणी लाल सागर में वैश्विक भागीदारी का 12 फीसदी व्यापार होता है. अमेरिका के रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन ने ऑपरेशन प्रॉस्पेरिटी गार्डियन को नई सुरक्षा पहल करार दिया है. बहरीन के दौरे पर लॉयड ऑस्टिन ने इसको जरूरत बताया और कहा, ये एक इंटरनेशनल चुनौती है जो सामूहिक कार्रवाई की मांग करती है.
भारत के घातक 2 डिस्ट्रॉयर खाड़ी में तैनात
भारत ने अपने दो घातक डेस्ट्रायर को अदन की खाड़ी में तैनात किया है. ये युद्धपोत किलर मिसाइलों से लैस हैं. भारतीय नौसेना के आईएनएस कोच्चि और रडार की पकड़ में नहीं आने वाले आईएनएस कोलकाता को अदन की खाड़ी में भेजा है.
सोमालियाई समुद्री-लुटेरों के खिलाफ भारत का ऑपरेशन जारी
पिछले हफ्ते अदन की खाड़ी में सोमालियाई दस्युओं ने मालटा के एक मालवाहक जहाज को हाईजैक कर लिया था. ऐसे में भारतीय नौसेना का एक पी8आई मेरीटाइम रिकोनेसेंस एयरक्राफ्ट और एक युद्धपोत इस हाईजैकिंग के खिलाफ ऑपरेशन करने जा रहे हैं. समुद्री-लुटेरे बंधक बनाए जहाज को सोमलिया ले जा रहे हैं. भारतीय नौसेना का टोही विमान और युद्धपोत इस जहाज को चेज कर रहे हैं.
कौन हैं हूती विद्रोही?
हूती विद्रोही अलकायदा, ISIS और कई आतंकी गुटों की मदद से यमन की सरकार के खिलाफ युद्ध लड़ रहे हैं. हूतियों को हथियार ईरान मुहैया कराता है. हूती विद्रोहियों ने ईरानी मिसाइलों की मदद से लाल सागर में कब्जा कर रखा है. समय समय पर वाणिज्यिक जहाजों पर ड्रोन और मिसाइल अटैक करता है. हूतियों के लाल सागर में अटैक किए जाने से तेल के व्यापार पर बड़ा असर पड़ा है.
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