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भूटान पीएम दिल्ली में, Xi मोदी मुलाकात में ट्राई-जंक्शन का उठेगा मुद्दा ?

पूर्वी लद्दाख से सटी एलएसी पर चीन के साथ हुए डिसएंगेजमेंट समझौते के साथ ही राजधानी दिल्ली में भूटान के प्रधानमंत्री भी पहुंच गए हैं. भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने पीएम नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की. खास बात ये है कि मंगलवार को पीएम मोदी ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने के लिए रूस जा रहे हैं जहां चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात संभव है.

पीएम मोदी से मुलाकात के बाद तोबगे ने खुशी जाहिर करते हुए लिखा कि भारत सरकार और जनता के प्रति दृढ़ सद्भावना और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया. हमने दोस्ती के अपने विशेष बंधन को मजबूती से आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की.

पीएम मोदी ने भूटान के समकक्ष से मुलाकात के बाद एक्स अकाउंट पर लिखा कि भूटान, भारत का एक विशेष मित्र है और हमारा सहयोग आने वाले समय में बेहतर होता जाएगा.

दरअसल, सोमवार को ही भारत और चीन ने पूर्वी लद्दाख से सटी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर विवादित मुद्दों को सुलझाते हुए डिसएंगेजमेंट करार किया है. इस करार के साथ ही सैनिक डेप्संग (डेप्सांग) और डेमचोक जैसे विवादित इलाकों से पीछे हट जाएंगे. इसके साथ ही दोनों देशों के सैनिक एलएसी पर पैट्रोलिंग भी कर पाएंगे, जो 2020 की गलवान झड़प के बाद से बंद थी. (LAC पर भारत चीन में डिसएंगेजमेंट, BRICS समिट से ऐन पहले समझौता)

डिसएंगेजमेंट करार, भारत और चीन के संबंधों में सुधार में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. ऐसे में रूस के कज़ान में पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति के बीच वार्ता का रास्ता भी खुल गया है. लेकिन इस मुलाकात से पहले भूटान के पीएम का नई दिल्ली पहुंचना भी बेहद अहम है.

क्योंकि वर्ष 2017 से भारत, भूटान और चीन के ट्राई-जंक्शन डोकलाम में विवाद चल रहा है. 72 दिनों के फेस-ऑफ के बाद भारत और चीन की सेनाओं पीछे तो हट गई थी लेकिन विवाद आज तक जारी है. चीन ने डोकलाम से सटे भूटान के विवादित इलाकों में अपने मिलिट्री-विलेज बनाना शुरु कर दिए हैं, जिसे तनाव बरकरार है.

ऐसे में क्या शी जिनपिंग से मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी भूटान से जुड़ा विवाद भी सुलझाने पर चर्चा करेंगे, पूरी दुनिया की निगाहें लगी होंगी. क्योंकि सुरक्षा समझौते के तहत भूटान की सुरक्षा की जिम्मेदार भारत के कंधों पर ही है.

सोमवार को जब टोगबे राजधानी दिल्ली में थे, तो भूटान में भारतीय सेना की इंडियन मिलिट्री ट्रेनिंग टीम (आईएमटीआरएटी) यानी इमट्राट हा इलाके में एक स्थानीय मेले में हिस्सा ले रही थी. इमट्राट के हा (भूटान) में स्थापित होने के 62 साल पूरा होने के उपलक्ष्य में ये मेला आयोजित किया गया था.

तिब्बत (चीन) और भूटान की सीमा पर हा आखिरी शहर है, जहां से डोकलाम के लिए पैदल-मार्ग है.

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