बैंकॉक के सफल दौरे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रीलंका की राजधानी कोलंबो पहुंच गए हैं. भारी बारिश के बावजूद कोलंबो एयरपोर्ट पर पीएम मोदी को रिसीव करने के लिए पांच बड़े मंत्री पहुंचे. इस दौरे के दौरान, भारत और श्रीलंका के बीच डिजिटलाइजेशन, स्वास्थ्य और ऊर्जा के अलावा रक्षा क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण समझौते होने की प्रबल संभावनाएं हैं.
पीएम मोदी का श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ, स्वास्थ्य मंत्री नलिंदा जयतिसा और मत्स्य पालन मंत्री रामलिंगम चंद्रशेखर समेत पांच शीर्ष मंत्रियों ने विशेष स्वागत किया. श्रीलंका में लेफ्ट की सरकार आने के बाद पहला ऐसा मौका है जब पीएम मोदी कोलंबो पहुंचे हैं. हालांकि सत्ता संभालने के बाद श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने भारत का दौरा करके बड़ा बयान देते हुए कहा था कि वो “श्रीलंका की जमीन का प्रयोग भारत के खिलाफ नहीं करने देंगे.”
बिम्सटेक सम्मेलन के बाद श्रीलंका दौरे पर पीएम मोदी
अपने तीन दिवसीय दौरे पर पीएम मोदी श्रीलंका पहुंच चुके हैं. पीएम मोदी के साथ-साथ विदेश मंत्री एस जयशंकर, एनएसए अजीत डोवल और विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी कोलंबो पहुंचे हैं. प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति दिसानायके दोनों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में “भारत-श्रीलंका संबंधों को और मजबूत करने और नए क्षेत्रों में में सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई.”
इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है. ये समझौते डिजिटलाइजेशन, स्वास्थ्य, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देंगे. विशेष रूप से श्रीलंका को सस्ती ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक नई व्यवस्था पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है. इस यात्रा के दौरान दिल्ली-कोलंबो के बीच बड़ा रक्षा डील हो सकती है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा को और मजबूत करेगी. इस समझौते में संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण कार्यक्रम और सैन्य उपकरणों की आपूर्ति जैसी मौजूदा व्यवस्थाओं को औपचारिक रूप दिया जाएगा.
मोदी और दिसानायके के बीच वार्ता के बाद, ऋण पुनर्गठन पर श्रीलंका को भारत की सहायता तथा मुद्रा विनिमय पर एक अन्य दस्तावेज सार्वजनिक किए जाने की संभावना है. (https://x.com/narendramodi/status/1908209978646913398)
भारत-श्रीलंका की सुरक्षा आपस में जुड़ी हुई है: भारतीय उच्चायुक्त
कोलंबो में भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा ने पीएम मोदी के दौरे पर जानकारी देते हुए बताया कि, समुद्री सुरक्षा भारत-श्रीलंका रक्षा साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बना रहेगा. समुद्री सुरक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, और यह अच्छी तरह से स्वीकार किया गया है कि हम एक ही क्षेत्र में हैं और हमारी सुरक्षा आपस में जुड़ी हुई है. इसी आधार पर हम सहयोग बढ़ा रहे हैं. भारत और श्रीलंका सबसे करीबी पड़ोसी हैं, खासकर समुद्री पड़ोसी. हमारा संबंध ऐतिहासिक, भौगोलिक और सांस्कृतिक रूप से बहुत गहरा है. हमारे बीच आपसी संबंध भी बहुत मजबूत हैं. दोनों देशों के बीच इस बात की समझ बनी हुई है कि हमारा भविष्य साझा है.
भारत की श्रीलंका में बहुत सराहना की जाती है: भारतीय उच्चायुक्त
चीन के कर्ज तले दबे होने के बाद जब वर्ष 2022 में श्रीलंका में आर्थिक संकट आया और देश गृहयुद्ध की चपेट में आने वाले था, तब भारत ने ही सबसे पहले मदद का हाथ बढ़ाया था. भारतीय उच्चायुक्त ने श्रीलंका को दी जा रही आर्थिक मदद पर कहा कि कोलंबो को नई दिल्ली की सहायता दुनिया के किसी भी देश को भारत की सहायता के संदर्भ में “अभूतपूर्व” थी. यह बहुत बड़ी सहायता थी तथा हम श्रीलंका को विभिन्न क्षेत्रों में सहायता प्रदान करने के लिए उसके साथ काम करना जारी रख रहे हैं तथा यहां इसकी बहुत सराहना की जाती है. भारत आईएमएफ को श्रीलंका को विस्तारित निधि सुविधा प्रदान करने का निर्णय लेने के लिए वित्तीय आश्वासन देने वाला पहला देश था, जो वर्तमान में श्रीलंका में परिचालन में है.”