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भारत के तरकश से निकला बाण, तुर्की-पाकिस्तान नहीं मांग पाएंगे पानी

तुर्की ने पाकिस्तान के साथ समंदर में पींग बढ़ाना शुरू की तो, ग्रीस के जंगी जहाज ने भारत की समुद्री-सीमा पहुंचकर बड़ा संदेश दिया है. क्योंकि तुर्की और ग्रीस, एक दूसरे को फूटी आंख नहीं सुहाते हैं. ग्रीक युद्धपोत एचएस पैसरा इनदिनों भारतीय नौसेना की पश्चिमी कमान का दौरा कर रहा है. इस दौरान पश्चिमी कमान के आईएनएस तरकश जहाज ने ग्रीक जंगी जहाज के साथ साझा एक्सरसाइज की. 

भारतीय नौसेना का ग्रीक नेवी के साथ साझा युद्धाभ्यास

भारतीय नौसेना के मुताबिक, स्टील्थ फ्रिगेट तरकश ने ग्रीक नेवी के साथ पैसेज एक्सरसाइज में हिस्सा लिया है. नौसेना की मुंबई स्थित पश्चिमी कमान के मुताबिक, एक्सरसाइज के दौरान, कम्युनिकेशन प्रोसिजर, टेक्टिकल मैनुवर, समंदर में जहाज में रिफ्यूलिंग, सरफेस फायरिंग और क्रॉस डेक लैंडिंग जैसी ड्रिल को आयोजित किया गया. 

नौसेना के मुताबिक, इस इंगेजमेंट से दोनों देशों की नौसेनाओं को एक-दूसरे की बेस्ट प्रैक्टिस जानने के साथ ही द्विपक्षीय मेरीटाइम इंटरऑपरेबिलिटी के बारे में जानने का मौका मिला. एक्सरसाइज के बाद, तरकश और पैसरा, अपने-अपने शेड्यूल तैनाती के लिए निकल गए. (https://x.com/in_wnc/status/1943348193250447872?s=46)

नौसेना प्रमुख कर चुके हैं ग्रीक नेवल बेस का दौरा

हाल के वर्षों में भारत और ग्रीस के सैन्य संबंध काफी मजबूत हुए हैं. पिछले साल सितंबर में नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी चार दिवसीय ग्रीस दौरे पर गए थे. इस दौरे से भारतीय नौसेना ने भूमध्य सागर में अपनी मौजूदगी शुरु कर दी है. 

ग्रीस दौरे के दौरान एडमिरल त्रिपाठी ने सालामिस नेवल बेस पर हेलेनिक नेशनल डिफेंस जनरल स्टाफ, जनरल दिमित्रिस चौपिस से मुलाकात की. इस दौरान दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच “सामरिक और ऑपरेशन्ल संबंधों के अलावा सैन्य सहयोग और साझा ट्रेनिंग भी चर्चा हुई.

चीफ ऑफ नेवल स्टाफ ने ग्रीस के अपने दौरे में हेलेनिक नेवी की ‘एचएस कैटसोनिस’ पनडुब्बी (टाइप 214), ‘एचएस हायड्रा’ फ्रिगेट और फास्ट पेट्रोल बोट ‘एचएस ग्रीगोरोपोयलोस’ का भी जायजा लिया वहां तैनात ग्रीक ऑफिसर्स और नौसैनिकों से मुलाकात की. 

भारत ने ढाई हजार साल बाद फिर शुरु किए ग्रीस से संबंध

गौरतलब है कि हाल के सालों में भारत और ग्रीस के संबंधों में काफी मजबूती आई है. वर्ष 2024 के शुरुआत में ग्रीस के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोताकिस ‘रायसीना डायलॉग’ में मुख्य वक्ता के तौर पर शामिल होने के लिए राजधानी दिल्ली आए थे. पिछले साल ही पहली बार ग्रीस के फाइटर जेट भारत की पहली मल्टीनेशन एयर एक्सरसाइज ‘तरंग-शक्ति’ में हिस्सा लेने के लिए जोधपुर बेस पहुंचे थे. इससे पहले मई 2024  में अलास्का (यूएस) में ‘रेड फ्लैग’ एक्सरसाइज से लौटते वक्त भारतीय वायुसेना के राफेल (रफाल) फाइटर जेट साझा एक्सरसाइज के लिए ग्रीस में रुके थे.

ग्रीस और तुर्की में है छत्तीस का आंकड़ा

दरअसल, ग्रीस का तुर्की  (तुर्किए) के साथ छत्तीस का आंकड़ा है. दोनों देशों का भूमध्य-सागर और एजियन सी में पिछले कई दशक से विवाद चल रहा है. साइप्रस को लेकर भी दोनों देशों में लंबी अदावत है. तुर्की के खिलाफ ग्रीस को वैश्विक समर्थन चाहिए. ऐसे में ‘वर्ल्ड-लीडर’ यानी विश्वगुरु भारत से महत्वपूर्ण देश कोई नहीं हो सकता है. भारत इसलिए, क्योंकि ये वही तुर्की है जो कश्मीर के मुद्दे पर ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर पाकिस्तान का साथ देना कभी नहीं भूलता. 

पहलगाम हमले के बाद दांत निकालकर हंसते दिखे थे एर्दोगन और शहबाज

पहलगाम नरसंहार के बाद तुर्किए के राष्ट्रपति, एर्दोगन और पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ एक साथ हंसते हुए नजर आए थे. वहीं भारत के खिलाफ उस दौरान एर्दोगन ने हथियार भी भेजे थे. वो दूसरी बात थी कि तुर्किए के सारे के सारे ड्रोन भारत के सामने फेल हुए. 

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तुर्किए के ड्रोन को भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही मात दे थी थी.  ऐसे में भारत ने भी तुर्किए की घेराबंदी शुरू कर दी है. हाल ही में पीएम मोदी तुर्किए के दुश्मन देश साइप्रस पहुंचे थे और अब इसी साल जून के महीने में भारत के एयरफोर्स चीफ ग्रीस के दौरे पर गए थे. 

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