नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में अमेरिकी दूतावास के पास जोरदार धमाका होने के कई घंटों बाद भी सुराग नहीं हाथ लगा है. ओस्लो में ड्रोन के जरिए धमाके को अंजाम दिए जाने का शक है. नार्वे पुलिस जांच में जुटी हुई है.
मिडिल ईस्ट में भड़के युद्ध के बीच नॉर्वे में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अमेरिकी दूतावास के करीब जोरदार धमाका हुआ. इस धमाके को ईरान में सैन्य कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि गनीमत इस बात की रही कि इस धमाके में किसी की जान नहीं गई. ओस्लो पुलिस का कहना है कि धमाके के कारणों की जांच की जा रही है. सीसीटीवी की मदद से सुराग तलाशा जा रहा है,
अमेरिकी दूतावास के पास धमाके के पीछे आतंकी?
ओस्लो में अमेरिकी दूतावास के पास तीव्र इंटेसिटी के धमाके के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, एंबेसी के पास जोरदार धमाका हुआ. धमाके के बाद काला धुआं देखा गया. घबराए हुए स्थानीय लोगों ने बताया कि धमाका इतना ज़ोरदार था कि उनके कानों में दर्द होने लगा और आसपास के घरों के खिड़की दरवाजे टूट गए. पुलिस के मुताबिक, रात 9 बजे के ठीक बाद, ओस्लो के मुख्य इलाके में निगरानी ड्रोन चक्कर लगाते हुए देखे गए थे. ऐसे में जांच की जा रही है कि क्या ड्रोन के जरिए धमाके को अंजाम दिया गया और क्या तेहरान में अटैक से इस धमाके का कोई कनेक्शन है.
पुलिस की जांच और इंटेलिजेंस के लिए जॉइंट यूनिट के हेड फ्रोड लार्सन ने बताया है कि, “एक अंदाजा यह है कि यह आतंकी हमला है. लेकिन हम पूरी तरह से इसी पर अटके नहीं हैं. हमें इस बात के लिए भी तैयार रहना होगा कि जो हुआ है उसके पीछे और भी वजहें हो सकती हैं.
सितंबर में ओस्लो शहर में हुआ था ग्रेनेड हमला
अमेरिकी दूतावास के आसपास के इलाके में पुलिस ने भारी संख्या में बल तैनात किया है. पुलिस ने अमेरिकी दूतावास के कर्मचारियों और राजनयिकों से बातचीत की है.
इससे पहले भी पिछले साल ओस्लो शहर में सितंबर में ग्रेनेड हमला हुआ था.
नॉर्वे जैसे शांतिप्रिय देश में हुए इस आतंकी हमले के बाद लोगों में खौफ है. वहीं आशंका इस बात की भी है कि क्या खाड़ी देशों से बाहर निकलकर ईरान ने यूरोपीय देशों में बने अमेरिका से जुड़ी इमारतों पर भी टारगेट करना शुरु कर दिया है. खुफिया एजेंसियां जांच में जुट गई हैं. कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी शुरु की गई है.

