ईरान के नए सुप्रीम लीडर बनने के बाद पहली बार मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका के खिलाफ दिखाया है आक्रोश. ठीक वैसी ही भाषा में मोजतबा खामेनेई ने बात की है जैसे कि उनके पिता अयातुल्ला खामेनेई करते थे. मोजतबा खामेनेई ने कहा है कि होमुर्ज स्ट्रेट बंद रहेगा. ईरान हर मौत का बदला लेगा. हम किसी की शहादत को नहीं भूलेंगे. ईरान के लोगों के खून का बदला लेंगे. हम हर बच्चे की मौत का बदला लेंगे.
मोजतबा खामेनेई ने अपने पड़ोसी देशों से भी कहा है कि अगर वो अपनी जमीन से अमेरिका को नहीं हटाएंगे तो खाड़ी देशों में सभी अमेरिकी बेस पर अटैक होता रहेगा. दुश्मन बचकर नहीं निकल सकता. हमारे स्कूल के मारे गए छोटे-छोटे बच्चों इंसाफ जरूर मिलेगा.
28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के अटैक में अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को सुप्रीम लीडर की कुर्सी मिली है. जिस दिन मोजतबा ने सुप्रीम लीडर की कमान संभाली थी, उसी दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी देते हुए कहा था कि मोजतबा में कोई दम नहीं, नया सुप्रीम लीडर ज्यादा दिन नहीं चलेगा.
मिनाब के शहीदों का बदला ईरान जरूर लेगा: मोजतबा खामेनेई
मोजतबा खामेनेई को लेकर तमाम अटकलें और अफवाह उड़ रही थी. लेकिन इन अफवाहों पर लगाम लगाते हुए मोजतबा खामेनेई ने अपना पहला बयान जारी किया है. हालांकि इस दौरान मोजतबा दिखे नहीं, लेकिन सरकारी टीवी के माध्यम से उनका बयान पढ़ा गया.
अपने बयान में मोजतबा खामेनेई ने ईरानी सेना की तारीफ की और कहा, “दुश्मनों तो सबक जरूर मिलेगा, क्योंकि ईरानी सेना मजबूती से देश की रक्षा कर रही है. पीड़ितों को यकीन दिलाते हुए मोजतबा ने कहा, हम अपने शहीदों खासकर मिनाब के शहीदों के खून का बदला जरूर लेंगे. हर ईरानी शहीद के खून का बदला लिया जाएगा.”
ईरान के मिनाब शहर पर अमेरिका ने टॉम हॉक मिसाइल दागी थी. इस हमले में स्कूली छात्रों समेत लगभग 165 लोगों की मौत हो गई थी. जिन बच्चों की मौत हुई, वो सभी छोटे-छोटे हैं और इन हमलों से अनजान अपने स्कूल में पढ़ाई कर रहे थे. उसी वक्त स्कूल पर बम और मिसाइल अटैक किया गया. इन बच्चों का सामूहिक कब्र खोदी गई गई, जिसे देखकर पूरी दुनिया के आंसू निकल आए. संयुक्त राष्ट्र से लेकर कई देशों ने इस हमले की कड़ी निंदा की.
होर्मुज स्ट्रेट बंद रहेगा, खाड़ी देशों से अच्छे रिश्ते चाहते हैं: मोजतबा खामेनेई
मोजतबा खामेनेई ने कहा, “होर्मुज स्ट्रेट बंद रहेगा. दुश्मनों के जहाजों को नहीं निकलने दिया जाएगा. हम दुश्मन से नुकसान की भरपाई भी करेंगे. अगर दुश्मन नुकसान की भरपाई नहीं करेगा तो हम जितना जरूरी समझेंगे उसकी प्रॉपर्टी पर कब्जा करेंगे. अगर ये मुमकिन नहीं हुआ तो हम दुश्मन की उतनी ही प्रॉपर्टी तबाह कर देंगे.”
खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों पर मोजतबा खामेनेई ने सफाई दी. कहा, “हमारी दुश्मनी अपने पड़ोसी देशों से नहीं है. ईरानी सेना सिर्फ अमेरिकी सैन्य बेस को टारगेट कर रही है. ईरान पड़ोसी देशों के साथ अच्छे रिश्ते चाहता है. हमने अपने पड़ोसियों पर हमला नहीं किया है, बल्कि उन देशों में अमेरिका के ठिकानों को निशाना बनाया है क्योंकि दुश्मन उन इलाकों से ईरान पर हमला कर रहा था. खाड़ी देशों को अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान पर अटैक के लिए नहीं करने देना चाहिए.”
रेजिस्टेंस फ्रंट और हिजबुल्लाह बहादुर, कर रहा ईरान की मदद: मोजतबा खामेनेई
हम रेजिस्टेंस फ्रंट के देशों को अपना सबसे अच्छा दोस्त मानते हैं. कुर्बानी देने वाला हिजबुल्लाह तमाम मुश्किलों के बावजूद ईरान की मदद के लिए आगे आया है. बहादुर इराकी रेजिस्टेंस ने भी पक्के इरादे से उसी रास्ते पर चलना जारी रखा है.

