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तुर्किए में US न्यूक्लियर बेस में हड़कंप, ईरानी हमला नाकाम

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भले ही जीत का ढिंढोरा पीट रहे हों, लेकिन युद्ध के 14वें दिन भी ईरान की ओर से किया जा रहा हमला थम नहीं रहा. ईरान लगातार अमेरिका के साथ-साथ यूरोप के लिए भी चुनौती बनता जा रहा है. मिडिल ईस्ट में जंग के बीच ईरान ने तुर्किए में नाटो के बेस पर हमला किया है. ईरान ने तुर्की में नाटो के इंसर्लिक बेस पर हमला कर दिया है. आशंका है कि जिस बेस पर ईरान ने अटैक किया है, उस बेस पर बड़ी संख्या में परमाणु बम हैं.

हाल ही में नाटो देश तुर्किए ने ईरान के हमले का विरोध किया था, लेकिन तुर्किए के राष्ट्रपति रेसेप एर्दोगन ने ईरान के पक्ष में बयान देते हुए कहा था कि हम शिया-सुन्नी नहीं मुस्लिम हैं और ईरान की मदद करेंगे. तुर्किए इस जंग को खत्म कराने के लिए मध्यस्थता की पेशकश भी कर चुका है.

तुर्किए में अमेरिकी परमाणु बमों के बेस पर ईरान ने दागी मिसाइल

ईरान ने तुर्किए में नाटो के बेस को निशाना बनाया है. ईरान ने तुर्की में नाटो के इंसिर्लिक एयर बेस पर अटैक किया है. हमले के बाद ब्लास्ट और सायरन की आवाजें सुनाई दीं. हालांकि इस अटैक को इंटरसेप्ट  कर लिया गया. ईरानी मिसाइल को रोक लिया गया. नाटो के बेस पर अमेरिका के 50 न्यूक्लियर बम होने का अनुमान है. बताया जा रहा है कि नाटो समझौते के तहत अमेरिका ने यहां परमाणु बम  स्टोर किए गए हैं जिसको ईरान ने निशाना बनाया है.

बताया जा रहा है कि तुर्किए के इंसर्लिक एयर बेस पर सायरन बजने के बाद हड़कंप मच गया. जिस बेस पर ईरान ने मिसाइल दागी, वो बेस दक्षिण तुर्किए में अदाना के पास नाटो का है. बेस पर करीब 5 मिनट तक बजता रहा और रेड अलर्ट जारी कर दिया गया.

खाड़ी देशों में अमेरिका से जुड़े ठिकानों पर बम बरसा रहा ईरान, फ्रेंच बेस भी टारगेट पर

ईरान खाड़ी देशों पर लगातार अटैक कर रहा है. अमेरिका के अलावा ईरान ने इराक में फ्रांस के बेस पर अटैक किया है. आईआरजीसी लगातार चारों ओर बम और खतरनाक मिसाइल से हमले बोल रहा है, तो बदले में इजरायल की ओर से भी तेहरान पर एयर स्ट्राइक की जा रही है. तुर्किए में हुए हमले के बाद तेहरान के पश्चिमी हिस्से में स्थित करज शहर में कई धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं. धमाकों के साथ ही आसमान में लड़ाकू विमानों फाइटर जेट्स की आवाजें भी सुनाई दी हैं.

शुक्रवार को सऊदी अरब की सेना ने दो दर्जन से ज्यादा ईरानी ड्रोन्स को हवा में ही नष्ट कर दिया. ये कार्रवाई तेल सुविधाओं पर हमले की ईरानी धमकियों के बाद की गई है. इस क्षेत्रीय संघर्ष की आंच अब अन्य देशों तक भी पहुंच गई है, जिसमें इराकी कुर्दिस्तान में तैनात एक फ्रांसीसी सैनिक की मौत हो गई है.

एक्सपर्ट चेतावनी दे रहे हैं कि अमेरिका-इजरायल दोनों ही ईरान की ताकत भांप नहीं पाए, इसलिए ये युद्ध लंबा चल सकता है. अभी जल्द खत्म होने वाला नहीं लगता.  

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