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न्यूक्लियर Code जानने की सच्चाई, ट्रंप का जवाब सुनकर रह जाएंगे हैरान

ईरान के कड़े प्रहार से तंग आकर क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप न्यूक्लियर अटैक का प्लान कर रहे थे. युद्ध के दौरान सिचुएशन रूम में ट्रंप अपने मिलिट्री कमांडर्स से बार-बार क्यों पूछ रहे थे कोड. कमांडर्स ने ट्रंप को कोड बताने से क्यों मना कर दिया था. ऐसी रिपोर्ट सामने आने के बाद ट्रंप ने मीडिया के सामने आकर जारी किया है बयान. ट्रंप ने इस बात का खंडन किया है कि उन्होंने तेहरान पर न्यूक्लियर हमले का प्लान किया था.

ट्रंप ने ईरान पर परमाणु बम से हमला करने की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा,  मैं कभी न्यूक्लियर बम का इस्तेमाल नहीं करूंगा.

बिना परमाणु के ही हमने ईरान को हरा दिया: ट्रंप

ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप से पत्रकार सवाल जवाब कर रहे थे. इस दौरान ट्रंप एक रिपोर्टर ने पूछा कि क्या वह ईरान पर परमाणु बम से हमला करेंगे तो इस पर ट्रंप ने कहा, “ऐसा बेवकूफी भरा सवाल क्यों पूछा जा रहा है?… नहीं, मैं इसका इस्तेमाल नहीं करूंगा. न्यूक्लियर हथियार को किसी को भी कभी किसी के खिलाफ इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं मिलनी चाहिए.”

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर से ईरान के साथ युद्ध में जीत का दावा किया है. ट्रंप ने कहा, “हमने ईरान को पूरी तरह से खत्म कर दिया है.”

ट्रंप ने कहा, “हमने पहले चार हफ्तों में ही ईरान को सैन्य रूप से हरा दिया था. अब हम बस पीछे बैठकर देख रहे हैं कि क्या डील बनती है… मैं खुद को जल्दबाजी में नहीं डालना चाहता. मीडिया कहता है, “ट्रंप पर समय का दबाव है” — नहीं, बिल्कुल नहीं. आप जानते हैं किस पर समय का दबाव है? उन पर है.”

ट्रंप बार-बार मांग रहे थे न्यूक्लियर कोड, सैन्य अफसरों ने भेजा बाहर

ट्रंप का ताजा बयान ईरान के खिलाफ परमाणु युद्ध की सफाई के तौर पर देखा जा रहा है. दरअसल ईरान से जंग के बीच सीआईए के पूर्व अफसर लैरी जॉनसन ने हाल ही में एक बड़ा दावा किया था.

लैरी जॉनसन के मुताबिक, व्हाइट हाउस में सिचुएशन रूम की बैठक के दौरान ट्रंप ने न्यूक्लियर कोड तक पहुंचने की कोशिश की थी, लेकिन अमेरिका के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ जनरल डैन केन ने उन्हें रोक दिया. ट्रंप न्यूक्लियर कोड जानने के लिए इतने आतुर थे कि सिचुएशन रूम में जनरल डैन केन के साथ वाद विवाद हो गया. सिचुएशन रूम में गतिरोध इतना बढ़ गया कि ट्रंप को सिचुएशन रूम से बाहर भेज दिया गया. 

बताया जा रहा है कि ईरान की ओर से लगातार किए जा रहे अटैक और अमेरिकी सेना के हो रहे नुकसान ने ट्रंप बहुत परेशान थे और ईरान पर भड़के हुए थे. सिचुएशन रूम में चल रही बैठक के दौरान ट्रंप की घबराहत को देखते हुए जनरल केन ने उन्हें सीमिट जानकारी ही साझा की.

ईरान की सेना पूरी तरह से खत्म: ट्रंप

यही कारण है कि ट्रंप का हालिया बयान सिचुएशन रूम की कहानी का काउंटर माना जा रहा है. ईरान पर परमाणु अटैक न करने की घोषणा के साथ ही ट्रंप ने कहा, कि “ईरान की सेना पूरी तरह से पराजित हो चुकी है. उनके पास तोपों से लैस नावें हैं, हम उन्हें भी देखते ही खत्म कर देंगे. उनकी नौसेना और वायु सेना खत्म हो चुकी है. ईरान के विमानरोधी उपकरण भी खत्म हो चुके हैं और सभी नेता भी मारे जा चुके हैं. समस्या का एक हिस्सा यह है कि उन्होंने अपना नेतृत्व खो दिया है, और ईरानी आपस में कुत्ते-बिल्ली जैसे बुरी तरह लड़ रहे हैं.”

ट्रंप का दावा है कि उन्होंने सीजफायर बढ़ा कर ईरान को सोचने का मौका दिया है. अगर ईरान शर्ते नहीं मानता है तो एक बार फिर से युद्ध शुरु हो जाएगा.

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