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अटैक के पीछे ईरान, ट्रंप ने किया खारिज

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हुए अटैक से हड़कंप मचा हुआ है. राष्ट्रपति ट्रंप की सुरक्षा की ताजा समीक्षा की गई है, क्योंकि हिल्टन होटल में जो कुछ भी हुआ, उसे एक सुरक्षा चूक मानी जा रही है. कैसे हमलावर, खतरनाक हथियार और चाकू से ऐसी जगह पहुंच गया, जहां पर राष्ट्रपति और फर्स्ट लेडी के अलावा सभी बड़े कैबिनेट के मंत्री और अधिकारी मौजूद थे.

आशंका जताई जा रही थी कि इस हमले के पीछे ईरान का हाथ हो सकता है, लेकिन ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सीक्रेट एजेंट्स का धन्यवाद दिया है, और ईरान एंगल को खारिज कर दिया है. हमलावर से पूछताछ की जा रही है कि आखिर उसने राष्ट्रपति को मारने की कोशिश क्यों की थी.

हमलावर के पास खतरनाक हथियार थे: ट्रंप

ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सीक्रेट एजेंट्स की तारीफ की है, कहा है कि अगर सीक्रेट सर्विस एजेंट्स न होते तो अनहोनी हो जाती. सीक्रेट सर्विस ने हम सभी को सुरक्षित बचा लिया.

ट्रंप के मुताबिक हमलावर के पास खतरनाक हथियार था. ट्रंप ने कहा, “ये घटना पूरी तरह चौंकाने वाली थी. हमलावर ने सीक्रेट सर्विस एजेंट पर फायरिंग की. जिस पर गोली चली वो सीक्रेट सर्विस एजेंट भी सुरक्षित है. ट्रंप ने कहा कि हमलावर के पास बहुत पावरफुल गन थी. हमलावर को पकड़ लिया गया है. जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही है. संदिग्ध हमलावर बीमार और सिरफिरा लग रहा था.”

ट्रंप ने कहा कि “एक अधिकारी को गोली लगी थी, लेकिन वह इसलिए बच गया क्योंकि उसने एक बहुत अच्छी बुलेटप्रूफ़ जैकेट पहनी हुई थी.”

आपको बता दें कि जिस समय हे हमला हुआ वहां अफरा-तफ़री के बीच, सीक्रेट सर्विस के जवानों ने तुरंत राष्ट्रपति को घेर लिया. सीक्रेट सर्विस के जवान जल्दी से ट्रंप को नीचे बैठाते हुए पर्दे के रास्ते बाहर ले गए, जबकि मौके पर मौजूद कुछ लोगों को नीचे लिटा दिया गया.

जो ज्यादा काबिल होता है, उसी पर होते हैं हमले: ट्रंप

ट्रंप ने हिल्टन में हुई फायरिंग को लेकर कहा, कि “शुरू में मुझे ऐसा लगा कि शायद कोई ट्रे गिर गई है. आवाज काफी दूर से आ रही थी. लेकिन, फर्स्ट लेडी को पूरी तरह से एहसास था कि यह गोलीबारी की घटना है.”

ट्रंप ने कहा है कि “व्हाइट हाउस प्रेस डिनर का आयोजन स्थल वॉशिंगटन हिल, कोई खास सुरक्षित बिल्डिंग नहीं है. जो लोग सबसे ज्यादा काम करते हैं, उन्हीं पर सबसे ज्यादा हमले होते हैं. राष्ट्रपति होना खतरनाक पेशा है. इस तरह के हिंसक प्रयास उनकी “नौकरी का हिस्सा” है.

ट्रंप बोले, “जब आप प्रभावशाली होते हैं, तो लोग आपके पीछे पड़ जाते हैं.”

युद्ध से मुझे कोई डिगा नहीं सकता: ट्रंप

ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वह पीछे हटने वाले नहीं हैं. हमले के तुरंत बाद ट्रंप ने दो टूक शब्दों में कहा कि “यह घटना उन्हें ईरान के खिलाफ जारी युद्ध से डिगा नहीं पाएगी. अमेरिका का लक्ष्य जीत हासिल करना है और इस तरह की घटनाएं उनके इरादों को कमजोर नहीं कर सकतीं.”

ट्रंप ने ईरान की भूमिका को लेकर कहा, “कुछ कह नहीं सकते कि क्या इसके पीछे ईरान युद्ध से जुड़े तार हो सकते हैं. अब तक ऐसा नहीं लग रहा, लेकिन जांच में कुछ पता चलता है, तो बताया जाएगा.”

यानि ट्रंप मानते हैं कि “ईरान इसके पीछे नहीं था, लेकिन वो पूरी तरह से ईरान के रोल को खारिज भी नहीं कर रहे हैं.”

साल 1981 में इसी हिल्टन में राष्ट्रपति पर हुआ था हमला

साल 1981 में होटल हिल्टन में तत्कालीन राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसने पूरा अमेरिका दहल गया था. अब करीब 45 साल बाद फिर इसी होटल में ट्रंप पर हमले की कोशिश की गई.

30 मार्च 1981 को तत्कालीन वक्त राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन इसी होटल में एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे. जब वह बाहर निकलकर अपनी गाड़ी की तरफ बढ़ रहे थे, तभी जॉन हिंकले जूनियर नाम के एक शख्स ने उन पर गोली चला दी. इस गोलीबारी में राष्ट्रपति समेत कई सीक्रेट सर्विस एजेंट घायल हुए थे.

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