देश को नक्सलमुक्त बनाने के बाद बांग्लादेशी घुसपैठियों के मोर्चे पर गृहमंत्रालय ने शुरु किया है तेजी से काम. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत में रहने वाले अवैध घुसपैठियों को बाहर निकालने के लिए मास्टर प्लान तैयार कर लिया है. केंद्र सरकार बीजेपी शासित त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल और असम में हाई पावर डेमोग्राफ़ी मिशन की शुरुआत करने वाली है, जिसे खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंजूरी दे दी है.
बीएसएफ के एक कार्यक्रम में पहुंचे अमित शाह ने खुद इसकी घोषणा की है, और बताया कि उन्होंने डेमोग्राफिक चेंज पर हाईलेवल कमेटी का गठन किया है. और यह कमेटी, अवैध प्रवास और अन्य असामान्य कारणों से पूरे भारत में हो रहे डेमोग्राफिक चेंज का मूल्यांकन करेगी.
आपको बता दें कि पिछले साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लालकिले की प्राचीर से पीएम मोदी ने सीमा पार घुसपैठ को लेकर कड़ा संदेश दिया था और कहा था कि देश में डेमोग्राफिक चेंज की इजाजत नहीं दी जाएगी. घुसपैठ को हर हाल में रोका जाएगाय
घुसपैठियों की पहचान और उन्हें उनके देश भेजने का काम शुरु: अमित शाह
अमितशाह ने घुसपैठ के मुद्दे को देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए बेहद गंभीर माना है. शाह ने कहा, “केंद्र सरकार ने न केवल घुसपैठ रोकने का बल्कि हर एक अवैध व्यक्ति की पहचान करने और उन्हें देश से बाहर निकालने का भी संकल्प लिया है. त्रिपुरा, असम और पश्चिम बंगाल में ऐसी सरकारें हैं जो इस सिद्धांत का समर्थन करती हैं कि कोई घुसपैठ नहीं होनी चाहिए.”
अमित शाह ने कहा, “घुसपैठ और अन्य कारणों से डेमोग्राफिक चेंज किसी भी राष्ट्र के वर्तमान व भविष्य के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है. इसी चुनौती से निपटने के लिए 15 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री ने डेमोग्राफिक चेंज को लेकर हाई लेवल कमेटी की घोषणा की थी. और अब सरकार ने इस कमेटी का गठन कर लिया है.”
बीएसएफ सिर्फ सीमा सुरक्षा नहीं, घुसपैठ भी रोकेगी: अमित शाह
कमेटी के बारे में ज्यादा जानकारी देते हुए अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा, “जल्द ही बीएसएफ के जवानों को चिह्नित किए गए घुसपैठ के संभावित बिंदु उपलब्ध कराए जाएंगे.
अमित शाह ने कहा कि “बीएसएफ का काम केवल सीमा की सुरक्षा तक ही सीमित रहना नहीं है. सीमा पर तैनात जवानों को स्थानीय पटवारी, पुलिस थाने, जिला कलेक्टर, एसपी के साथ भी तालमेल रखना चाहिए. अवैध घुसपैठ और मवेशियों की तस्करी के रास्तों की पहचान करना, फिर उसे पूरी तरह से बंद करना बीएसएफ की जिम्मेदारी है.”
तेजी से बंगाल छोड़ रहे घुसपैठिए, आई चौंका देने वाली तस्वीर
भारत की सीमाओं पर घुसपैठियों पर लगाम लगाने के लिए भारत सरकार एक्शन में है. बंगाल में शुभेन्दु अधिकारी के मुख्यमंत्री बनने के बाद से घुसपैठियों की पहचान की जा रही है. पश्चिम बंगाल में मौजूद घुसपैठियों में हड़कंप मचा हुआ है. ऐसी कई तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं जिसमें घुसपैठियों के कई जत्थे पश्चिम बंगाल से बांग्लादेश बॉर्डर की ओर जा रहे हैं.
उत्तरी 24 परगना और मालदा से आई तस्वीरों पर गौर किया जाए तो उत्तरी 24 परगना के बशीरहाट सब-डिवीजन में स्थित हकीमपुर चेकप्वाइंट पर 100 से ज्यादा बांग्लादेशी पुरुष और महिलाएं पहुंचे. सभी अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करके वापस अपने देश लौटना चाहते थे. ये वो लोग थे, जो पश्चिम बंगाल अलग-अलग इलाकों में अवैध रूप से रह रहे थे.
विदेशी घुसपैठियों को देश से निकालने और उनके लिए होल्डिंग सेंटर बनाने के ऐलान के बाद अवैध तरीके से रह रहे बांग्लादेशी चेकप्वाइंट पर पहुंच गए.
देश की डेमोग्राफी बदलने की साजिश, घुसपैठियों को नहीं दे सकते भारत: पीएम मोदी
लाल किले की प्राचीर से साल 2025 के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घुसपैठ का मुद्दा उठाया था. पीएम मोदी ने कहा, षड़यंत्र के तहत, सोची समझी साजिश के तहत देश की डेमोग्राफी को बदला जा रहा है. एक नए संकट के बीज बोए जा रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने घुसपैठियों द्वारा देश की डेमोग्राफी बदलने पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे रोकने के लिए ‘हाई पावर डेमोग्राफी मिशन’ शुरू करने की घोषणा की थी.
पीएम मोदी ने कहा कि “देश की सीमावर्ती इलाकों में डेमोग्राफी को एक साजिश की तरह बदल जा रहा है. जब सीमावर्ती क्षेत्रों में डेमोग्राफी में बदलाव होता है तब देश की सुरक्षा पर संकट होता है. कोई देश अपना देश दूसरों के हवाले नहीं कर सकता है. इसके लिए हाईपावर डेमोग्राफी मिशन शुरू करने का फैसला किया है. ये मिशन डेमोग्राफी संकट को खत्म करने के लिए है.”
भारत में कितने घुसपैठिए, क्या कहते हैं आंकड़े
भारत में घुसपैठियों का सही आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, लेकिन संसद में एक सवाल के जवाब में सरकार ने घुसपैठियों का आंकड़ा 2 करोड़ बताया था, बांग्लादेशी घुसपैठी सबसे अधिक असम, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा में हैं. असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा अपने चुनावी अभियान के दौरान कई बार कह चुके हैं कि असम में 40 फीसदी बांग्लादेशी हैं. वहीं बंगाल में शुभेन्दु अधिकारी ने भी घुसपैठियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था.

