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ईरान जंग में कूदा यूक्रेन, Caspian Sea में जहाज पर किया हमला

By Nalini Tewari

अमेरिका-ईरान जंग और रूस-यूक्रेन युद्ध की आग और अधिक भड़कने की पूरी संभावना है. क्योंकि, यूक्रेन ने कैस्पियन सागर में एक ईरानी कॉर्मशियल जहाज पर हमला कर दिया है. यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की का आरोप है कि ये जहाज, रूस और ईरान के बीच मिलिट्री कार्गो की सप्लाई कर रहा था.

जेलेंस्की ने रूस पर ईरान को अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सैटेलाइट इंटेलिजेंस साझा करने के भी गंभीर आरोप जड़ दिए हैं. साफ है कि जेलेंस्की की नीति, रूस के खिलाफ अमेरिका को भड़काने की नजर आ रही है. 

कीव के हमले से भड़के ईरान ने तेहरान में यूक्रेनी राजदूत को तलब कर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दे डाली है. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने यूरोपीय संघ (ईयू) की सुरक्षा मामलों की प्रमुख काजा कैलिस से फोन पर बात कर अपना विरोध दर्ज कराते हुए हमले के जिम्मेदार यूक्रेन के खिलाफ कठोर कदम उठाने की मांग की है. 

कैस्पियन सागर में किसी जहाज पर ये पहला हमला है. होर्मुज स्ट्रेट, अजोव सागर और काला सागर के बाद कैस्पियन सागर भी अब जंग का मैदान बनने जा रहा है. ईरान के मुताबिक, जिस जहाज पर यूक्रेन ने हमला किया है, वो एक कमर्शियल वेसल है. ईरान के मुताबिक, हमले में जहाज के एक नाविक की मौत हुई है और एक अन्य नाविक घायल है.

जेलेंस्की ने रूस-ईरान सैन्य गठजोड़ का किया खुलासा
ईरानी जहाज पर हमले के बाद, जेलेंस्की ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर रूस और ईरान के सैन्य गठजोड़ को लेकर बड़ा खुलासा किया है. जेलेंस्की के मुताबिक, ये जहाज रूस और ईरान के बीच मिलिट्री कार्गो की सप्लाई कर रहा था. यूक्रेन जंग में रूस ने ईरान के सप्लाई किए हुए आत्मघाती शहीद ड्रोन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया है. हालांकि, अब रूस खुद इन ड्रोन का निर्माण कर रहा है, लेकिन माना जाता है कि युद्ध के शुरूआती महीनों में यूक्रेन से ड्रोन वॉरफेयर में पिछने के बाद रूस ने ईरान से बड़ी संख्या में शहीद ड्रोन का आयात किया था. शहीद ड्रोन के युद्ध में इस्तेमाल करने के बाद रूस ने यूक्रेन पर बढ़त बनाई थी. अन्यथा, यूक्रेन के ड्रोन्स ने रूस में अच्छे खासी तबाही मचाई थी. 

ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम की सफलता के पीछे भी वैश्विक जानकार, रूस का हाथ बताते आए हैं. सामरिक वर्ग में इस बात के कयास हमेशा लगते रहे हैं कि कैस्पियन सागर के जरिए रूस और ईरान के बीच गुपचुप हथियारों और दूसरे सैन्य साजो सामान का आदान-प्रदान किया जाता है. लेकिन पहली बार जेलेंस्की ने इस बात का सार्वजनिक तौर से खुलासा किया है.

रशियन सैटेलाइट की मदद से ईरान ने किया यूएस मिलिट्री बेस पर हमला: जेलेंस्की  
जेलेंस्की ने इस बात का भी आरोप लगाया कि मौजूदा मिडिल-ईस्ट जंग में ईरान ने खाड़ी देशों में यूएस मिलिट्री बेस पर जो सटीक हमले किए हैं, उसमें रूस का बड़ा हाथ रहा है. जेलेंस्की के मुताबिक, रूस ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सैटेलाइट इमेज ईरान को मुहैया कराई हैं. 

जेलेंस्की का आरोप है कि 19 और 20 जुलाई को रूस की सैटेलाइट बहरीन, जॉर्डन और कुवैत में यूएस मिलिट्री बेस की जासूसी कर रही थी. इससे ईरान की स्ट्राइक और रूसी सैटेलाइट इमेज के बीच में साफ तौर से गठजोड़ है. क्योंकि रशियन सैटेलाइट, ईरानी हमलों के पहले और बाद में इन देशों के ऊपर घूम रही थी. रूसी सैटेलाइट ने ईरानी हमलों के बाद, यूएस मिलिट्री बेस में हुए नुकसान की तस्वीरें भी कैद की हैं. 

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने लिखा कि मैं अपने देश की इंटेलिजेंस एजेंसियों को निर्देश दे रहा हूं कि हमारे पास ईरान को मदद करने वाली रूसी सबूतों को अपने पार्टनर्स (अमेरिका) के साथ साझा करे. जेलेंस्की के मुताबिक, जुलाई के महीने में यूक्रेन ने रशियन सैटेलाइट पर नजर रखी है, जो खाड़ी देशों में यूएस मिलिट्री बेस की सर्विलांस कर रही हैं. 

जेलेंस्की ने लिखा कि हमें इस बात से मुंह नहीं फेरना चाहिए कि दुष्ट देश (रूस) परिस्थितियों को अधिक खराब करते हैं और उसे दूर तक फैलाने की कोशिश करते हैं. जेलेंस्की के मुताबिक, रूस को रोकना होगा.

रूस-यूक्रेन जंग में अमेरिका को शामिल करने का जेलेंस्की -प्लान
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने भले युद्ध रोकने का आह्वान किया है, लेकिन कैस्पियन सागर में ईरानी जहाज पर हमले से तेहरान के पलटवार की पूरी संभावना है. ऐसे में रूस-यूक्रेन जंग की आग अब अमेरिका-ईरान युद्ध तक पहुंच गई है. जेलेंस्की ने यूएस मिलिट्री बेस पर रूसी सैटेलाइट की जासूसी का खुलासा कर, रूस-यूक्रेन जंग में अमेरिका को शामिल करने की साजिश रची है. क्योंकि, पिछले साढ़े चार साल में रूस ने ताबड़तोड़ हमले कर यूक्रेन की कमर तोड़ दी है. 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में आने के बाद से यूएस ने यूक्रेन को सैन्य मदद बेहद कम कर दी है. रूस के यूक्रेन की राजधानी कीव पर अटैक के बाद जेलेंस्की ने अमेरिका से पैट्रियाट मिसाइल की मांग की है. लेकिन ट्रंप का मूड, रूस-यूक्रेन जंग को बढ़ाने का कतई नहीं है. कैस्पियन सागर में ईरान जहाज पर हमले और रूसी सैटेलाइट की निगरानी पर हालांकि, अभी अमेरिका का आधिकारिक पक्ष आना बाकी है. 

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