कैस्पियन सागर में ईरानी कॉमर्शियल जहाज पर हुए हमले से ईरान आगबबूला है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने यूरोपीय यूनियन के विदेश नीति प्रमुख काजा कलास और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से फोन पर यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की की शिकायत की है.
अराघची ने जेलेंस्की को मुफ्तखोर बताते हुए सबक सिखाने की धमकी दे दी है. कहा है कि यूक्रोन को बिना जवाब दिए नहीं रहा जा सकता. क्योंकि जेलेंस्की इजरायल के लिए काम करते हैं.
आपको बता दें कि जेलेंस्की के आदेश के बाद कैस्पियन सागर में यूक्रेनी सेना ने ईरान के एक जहाज पर मिसाइल हमला किया था, जिसमें एक नाविक की मौत हो गई थी. इस हमले के बाद जेलेंस्की ने कहा था कि ये अटैक इसलिए किया गया क्योंकि ईरान की मदद रूस कर रहा है.
यूक्रेन ने यूरोप को जंग में घसीटा: अब्बास अराघची
ईरान के विदेश मंत्री, यूक्रेन के खिलाफ फुल एक्शन में हैं. कैस्पियन सागर में एक ईरानी कमर्शियल जहाज पर हुए हमले के बाद अराघची ने यूक्रेनी राष्ट्रपति को खूब खरी-खोटी सुनाई है.
सोशल साइट एक्स पर एक पोस्ट में, अराघची ने कहा कि “जेलेंस्की ने ईरान के कमर्शियल जहाज पर हमला करके यूएन चार्टर का खुला उल्लंघन किया है. यूरोप को अपनी लड़ाई में घसीटने के लिए इजरायल के कहने पर यूएन चार्टर का खुला उल्लंघन किया गया.”
इस हमले के फौरन बाद तेहरान ने यूक्रेनी राजदूत को तलब करके हमले का विरोध जताया था. यूक्रेन के चार्ज डी अफेयर्स को औपचारिक विरोध दर्ज कराने के लिए बुलाया और कीव पर यूक्रेन से आगे लड़ाई को बढ़ाने की कोशिश करने का आरोप लगाया.
काजा कल्लास और लावरोव से की अराघची ने बात
अब्बास अराघची ने ईयू के विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ अलग-अलग कॉल पर बात की है. इस बातचीत में अराघची ने साफ कहा कि “कीव में मुफ्तखोर ने जो किया, उसका बिना जवाब नहीं दिये नहीं रहा जा सकता.”
ईरान ने यूक्रेनी हमले को दुश्मनी वाला और क्रिमिनल बताया है और कहा कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा की रक्षा करेगा.
दरअसल ईरान और यूक्रेन के बीच ये झगड़ा पुराना है. ईरान-रूस के बीच प्रगाढ़ रिश्ते हैं, गहरे सैन्य संबंध हैं. यूक्रेन के साथ जारी युद्ध के दौरान रूस ने ईरान द्वारा बनाए गए शाहेद ड्रोन का खूब इस्तेमाल किया है. वहीं बदले में यूक्रेन ने मिडिल ईस्ट के कई देशों में ड्रोन इंटरसेप्ट करने की तकनीक साझा की.
ऐसे में कॉमर्शियल जहाज पर हुआ हमला चिंगारी जैसा है. माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में मिडिल ईस्ट के अलावा ईरान-यूक्रेन के बीच सैन्य तनातनी देखने को मिल सकती है.

