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राष्ट्रहित सर्वोपरि, डोवल का युवाओं को पाठ

जंतर-मंतर पर जेन-जी के आंदोलन के बीच, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोवाल ने युवाओं को ‘स्वतंत्रता और जिम्मेदारी’ के भाव का पाठ पढ़ाया है. एनएसए ने देश के युवा वर्ग को ‘राष्ट्रहित’ को सर्वोपरि रखने और निजी स्वार्थ से ऊपर उठकर देश निर्माण में योगदान देने की अपील की है. मौका था, पुणे में महान स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य बाल तिलक सम्मान का, जिससे डोवल को सम्मानित किया गया है. गृह मंत्री अमित शाह ने खुद डोवल को ‘तिलक अवार्ड’ से सम्मानित किया.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डोवल ने कहा कि हमें अपने देश को आज ‘सशक्त और विकसित’ बनाना है लेकिन हमारी प्रगति से सभी लोग खुश नहीं होते, कुछ देश हैं जिनकी आंखों में ये खटकता है. (https://x.com/NewsArenaIndia/status/2083480481170153895?s=20)

डोवल को लोकमान्य तिलक अवार्ड

एनएसए ने कहा कि लोकमान्य तिलक जी के जीवन को समझने के लिए उस समय (ब्रिटिश राज) की मजबूरियों, दयनीयता को हम कल्पना नहीं कर पाएंगे. डोवल ने का कि खासकर हमारा युवा वर्ग है, वो सोचता है कि भारत हमेशा से ऐसे ही था. जिसे हम स्वतंत्रता कहते हैं शायद वो करने की जो आपकी इच्छा है, स्वतंत्रता ये नहीं थी. जिन्होंने इसके लिए प्राण दिए, संघर्ष किया, लोकमान्य तिलक इसके सिरमौर थे.

डोवल के मुताबिक, “लोकमान्य तिलक का जो व्यक्तित्व, समय था,  उस समय तक आावज उठाने की हिम्मत बहुत लोगों में नहीं थी. जो चाहते भी थे कुछ बोलना, कोई रास्ता निकाले बातचीत करके, वो कठिन रास्ता मुकाबला करके,  ये शायद इसका नेतृत्व और भाव लोकमान्य तिलक ने दिया.”

तिलक ने स्वराज और स्वतंत्रता आंदोलन को जनता से जोड़ा: अमित शाह

अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज (1 अगस्त) लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक जी की 106वीं पुण्यतिथि है. उन्होंने कहा कि “तिलक महाराज ने स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा और अर्थ देने के लिए ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा’ मंत्र दिया था. हमारा शासन, भाषा, संस्कृति और हमारा धर्म जब प्रस्थापित होता है, तभी पूर्ण स्वराज की प्राप्ति होती है. तिलक महाराज ने स्वराज और स्वतंत्रता के आंदोलन के साथ जनता को जोड़ने का काम किया.”

शाह ने कहा कि तिलक महाराज ने स्वतंत्रता आंदोलन में एक नए प्रकार के राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को जन्म दिया. तिलक महाराज ने भविष्य में देश के चलने की दिशा भी तय कर दी और कहा कि यह देश जब भी आजाद होगा इसी रास्ते पर चलेगा। आज हमारा देश सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के रास्ते पर चल पड़ा है.

मोदी के कहने पर डोवल ने सुलझाए थी सीरियल बम बलास्ट की साजिश

अमित शाह ने बताया कि जब (प्रधानमंत्री) नरेन्द्र मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब वहां सीरियल बम धमाके हुए थे और उस वक्त मोदी जी ने कहा था कि न सिर्फ इन बम धमाकों बल्कि इनमें शामिल लोगों और देशभर में जितने बम धमाके हुए हैं, उनकी जांच गुजरात पुलिस को करनी चाहिए. गृह मंत्री ने कहा कि उस वक्त मोदी जी ने कहा था कि अजीत डोभाल जी को बुलाकर गुजरात पुलिस उनके साथ मिलकर यह जांच करे. उन्होंने कहा कि इसका परिणाम यह था कि न केवल अहमदाबाद बम धमाके बल्कि देशभर में हुए 13 बम धमाकों को एक साथ गुजरात पुलिस ने हल किया.

मोदी की सुरक्षा नीति में डोवल का बड़ा योगदान, अमित शाह ने की भूरि प्रशंसा

शाह ने कहा कि जब भी नरेन्द्र मोदी जी के कालखंड का इतिहास लिखा जाएगा और देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा की मीमांसा होगी, तब अजीत डोभाल जी के योगदान के बारे में निश्चित रूप से एक स्वर्णिम अध्याय उसमें शामिल होगा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आज भारत की विदेश नीति बेहद मज़बूत हुई है और हमने सम्मान के साथ दुनिया में अपना स्थान मजबूत किया है. मोदी सरकार की इस उपलब्धि में डोभाल जी का बहुत बड़ा योगदान है. (https://x.com/AmitShahOffice/status/2083480363817730392?s=20)

गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने 2019 के बाद मल्टी एजेंसी सेंटर (एमएसी-मैक) को मज़बूत करने का काम किया जो आज देश की आंतरिक सुरक्षा की रीढ़ है. उन्होंने कहा कि अजीत डोभाल जी ने ही मैक की एक मजबूत नींव रखने का काम किया. शाह ने कहा कि 2014 में जब नरेन्द्र मोदी जी देश के प्रधानमंत्री बने तब उन्होंने डोभाल जी को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बनाया. डोभाल को सबसे लंबे समय तक देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रहने का सम्मान भी प्राप्त है.

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने कई दृष्टि से भारत की सेना को आधुनिक बनाने, समसामयिक परिवर्तन करने, सेना के अंदर तकनीक और वीरता की अद्भुत फाइन ट्यूनिंग करने जैसे कई बड़े फैसले अजीत डोभाल जी के कार्यकाल में लिए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के फैसलों के पीछे श्री डोभाल के बहुत लंबे अनुभव वाली सलाह भी होती है. शाह ने कहा कि पिछले 12 साल में प्रधानमंत्री मोदी जी ने भारतीय सेनाओं की सुरक्षा करने और आक्रमण करने की क्षमता में आमूलचूल परिवर्तन करने का काम किया है और इसमें श्री अजीत डोभाल जी का बहुत बड़ा योगदान है. (https://x.com/AmitShah/status/2083522799231213960?s=20)

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