By Nalini Tewari
बिश्केक में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अहम मुलाकात के फौरन बाद भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कीव का दौरा किया है. यूक्रेन की राजधानी कीव में राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की और जयशंकर के बीच बैठक हुई है. ये घटनाक्रम इसलिए अहम है, क्योंकि किर्गिज़स्तान में पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति से युद्ध समाप्त करने की नसीहत दी थी.
कीव में जयशंकर ने बड़ा बयान दिया है, कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो भारत मध्यस्थता करने के लिए तैयार है. जयशंकर ने संवाद और कूटनीति के जरिए युद्ध खत्म करने पर जोर दिया है.
यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात के दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की भारत की कोशिशों और शांति के स्पष्ट रुख की सराहना की है.
जेलेंस्की ने की भारत की तारीफ, युद्ध समाप्ति की कोशिशों की सराहना
जेलेंस्की ने जयशंकर के साथ मुलाकात की तस्वीरों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर करते हुए रूस के साथ युद्ध को खत्म करने में भारत के समर्थन के लिए धन्यवाद दिया.
जेलेंस्की ने अपनी पोस्ट में लिखा, “मैंने भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात की.हमने अहम मुद्दों पर चर्चा की. हम रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे इस अन्यायपूर्ण युद्ध को खत्म करने की भारत की प्रतिबद्धता के लिए आभारी हैं. यह समय निश्चित रूप से युद्ध का नहीं है. शांति की जरूरत है. भारत का रुख बिल्कुल साफ है.”
“आज, जब मंत्री हमारे साथ कीव में थे, रूस ने एक बार फिर जेट-पावर्ड ‘शहेद’ ड्रोन छोड़े, जिन्हें ईरान की मदद के बिना नहीं बनाया गया था. हालांकि हमारी कॉम्बैट एविएशन की वजह से प्रतिनिधिमंडल सुरक्षित रहा, क्योंकि यूक्रेनी लड़ाकू विमान ही इनमें से ज्यादातर ड्रोन को मार गिराते हैं. हमें उम्मीद है कि दुनिया की अन्य बड़ी ताकतें भी स्पष्ट रुख अपनाएंगी कि यह युद्ध खत्म होना चाहिए और एक भरोसेमंद शांति स्थापित होनी चाहिए.
रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्ति पर भारत का जोर, जयशंकर का बड़ा बयान
5 सितंबर तक एस जयशंकर यूक्रेन दौरे पर हैं. जयशंकर ने राजधानी कीव में राष्ट्रपति जेलेंस्की के अलावा यूक्रेनी विदेश मंत्री से मुलाकात की है. यूक्रेनी विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के साथ मौजूद जयशंकर ने कहा, “अगर भारत किसी भी तरह से मदद कर सकता है, तो हम इसके लिए तैयार हैं. अगर जरूरत पड़ी, तो भारत मध्यस्थता करने के लिए तैयार है.”
विदेश मंत्रियों की बैठक में जयशंकर ने रूस-यूक्रेन युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई. कहा कि “युद्ध का समाधान युद्ध के मैदान में नहीं, बल्कि बातचीत, कूटनीति और समझौते के जरिए ही संभव है.”
सिर्फ आर्थिक दबाव से खत्म नहीं होंगा संघर्ष: जयशंकर
एस जयशंकर से भारत पर रूस के साथ व्यापार पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंध और रूस से तेल खरीद पर भी सवाल पूछे हए. जिसके जवाब में जयशंकर ने कहा, “रूस-यूक्रेन के बीच संघर्ष, जो अपने पांचवें साल में है, सिर्फ इसलिए हल नहीं होगा कि कोई तेल, एल्युमिनियन, खनिज, धातु या खाद खरीद रहा है या नहीं. यह संघर्ष बातचीत, कूटनीति और समझौते से ही हल होगा, इसीलिए हम इसे बढ़ावा देंगे.”
दोनों विदेश मंत्रियों ने काला सागर में सुरक्षा से जुड़े घटनाक्रमों पर भी विस्तार से चर्चा की. इस दौरान वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हालिया हमलों का मुद्दा भी बातचीत में शामिल रहा. जयशंकर ने बताया, “भारत के लिए यह चिंता का विषय है, क्योंकि ऐसी घटनाओं में भारतीय नाविक भी प्रभावित हुए हैं.”
अंतहीन युद्ध अब खत्म होना चाहिए: पीएम मोदी
इसी सप्ताह बिश्केक में पीएम मोदी और पुतिन के बीच जबरदस्त केमिस्ट्री देखने को मिली. यूक्रेन युद्ध को लेकर मोदी ने पुतिन से मानवता को लगातार हो रहे नुकसान का जिक्र किया. मोदी ने कहा कि “युद्ध में बिताया एक-एक दिन मानवता को पीछे धकेल रहा है, और शांति की तरफ बढ़ाया गया एक-एक कदम नई आशा और उमंगों से भर देती है.”
पीएम ने कहा कि “भारत शांति के सभी प्रयासों का समर्थन करता है और शांति के हर प्रयास के लिए आगे भी समर्थन करता रहेगा. मोदी ने कहा कि सभी समस्याओं का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए और मौजूदा परिस्थितियों में पूरी मानवता को इसकी जरूरत है.”
पीएम मोदी ने अपने परममित्र पुतिन से दो टूक कह दिया कि “अंतहीन युद्ध का अब अंत करने की बारी है.”

