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आतंकवाद से नहीं होगा रणनीतिक फायदा, मोदी ने पाकिस्तान को जमकर लताड़ा

एससीओ के मंच से जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ बोलना शुरु किया तो पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ मुंह छिपाने पर मजबूर हो गए. पीएम मोदी ने वैश्विक मंच से आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया और दुनिया से साफ तौर पर कहा कि आतंकवाद पर डबल स्टैंडर्ड बिलकुल स्वीकार्य नहीं है.

प्रधानमंत्री मोदी की यह कड़ी टिप्पणी एक राउंडटेबल चर्चा के दौरान आई है जिसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के अलावा एससीओ के बाकी नेता भी शामिल थे.

आतंकवाद किसी के लिए भी रणनीतिक संपत्ति नहीं हो सकता: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने पूरे आतंकी इकोसिस्टम को खत्म करने की बात कहते हुए कहा, “हमें एक सुर में यह कहना होगा कि इस गंभीर मुद्दे पर दोहरे मापदंडों की कोई गुंजाइश नहीं है, जो देश आतंकवाद का इस्तेमाल अपनी नीति के हथियार के तौर पर करते हैं और आतंकवादियों को पनाह और समर्थन देते हैं उन्हें कड़ा संदेश दिया जाना चाहिए. आतंकवाद किसी के लिए भी रणनीतिक संपत्ति नहीं हो सकता.”

पीएम मोदी ने कहा, “हमें आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को खत्म करना होगा, जिसमें उसकी फंडिंग, लोगों की भर्ती, कट्टरपंथ को बढ़ावा देना और सुरक्षित ठिकाने शामिल हैं.”

पीएम मोदी ने बिश्केक से कहा, “आतंकवाद आज भी पूरी मानवता के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है. इसके विरुद्ध लड़ाई में हम क्रिया-प्रतिक्रिया की सोच तक सीमित नहीं रह सकते. हमें आतंकवाद के फंडिंग, भर्ती, कट्टरपंथ और सुरक्षित ठिकानों को ध्वस्त करना होगा.”

पीएम मोदी ने वैश्विक युद्धों का भी जिक्र किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में कहा कि “युद्ध के मैदान में कोई समाधान नहीं निकलता है और सभी युद्धों और विवादों को बातचीत और कूटनीति के जरिए सुलझाया जाना चाहिए.”

पीएम मोदी ने कहा कि “आपस में तेजी से जुड़ती दुनिया में सुरक्षा का दायरा और व्यापक हो गया है. आज की आपस में जुड़ी दुनिया में सुरक्षा का दायरा और भी व्यापक हो गया है. पश्चिम एशिया के संकट ने दिखाया है कि एक क्षेत्र का संघर्ष केवल उसी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता… इसका असर दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री व्यापार और आपूर्ति श्रृंखलाओं पर पड़ता है.

पीएम मोदी ने कहा कि “ऐसे संघर्षों की सबसे बड़ी कीमत ग्लोबल साउथ के देशों को चुकानी पड़ती है. भारत लगातार कहता रहा है कि सभी तनाव और युद्ध का समाधान युद्ध के मैदान में नहीं, बल्कि बातचीत और कूटनीति के जरिए होना चाहिए.”

पाकिस्तान में फिर आतंकी सेंटर खड़ा कर रहा जैश

पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकवादियों ने निर्दोष पर्यटकों की हत्या की थी, जिसके जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए लश्कर और जैश ए मोहम्मद के हेडक्वार्टर को ध्वस्त कर दिया था. भारत ने पाकिस्तान के अंदर मौजूद उन ठिकानों और सैन्य संपत्तियों को निशाना बनाया था, जिनका इस्तेमाल आतंकवादियों को ट्रेनिंग देने के लिए किया जाता था.

लेकिन पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई की मदद से आतंकवादी एक बार फिर से उन इमारतों को खड़ा कर रहे हैं, जिन्हें भारत ने तबाह किया था. भारत की खुफिया एजेंसियां भी सतर्क हैं, क्योंकि सीमापार आतंकियों का जमावड़ा एक बार फिर से शुरु हो गया है.

बहरहाल पीएम मोदी ने दुनिया के राष्ट्राध्यक्षों और नेताओं से आतंकवाद के खिलाफ एक सुर में आवाज उठाने को कहा है, क्योंकि आतंकवाद से विश्व के कई देशों में पैर पसार चुका है, जिसका खात्मा करना बेहद जरूरी है.

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