Acquisitions Breaking News Defence Indo-Pacific

तेजस MK1A के लिए मिले 03 इंजन, GE कंपनी से बेहद धीमी सप्लाई

एक बार फिर भारत और अमेरिका के संबंध पटरी पर आते दिखाई पड़ रहे हैं. जैवलिन मिसाइल की डील के बाद, खबर है कि अमेरिकी कंपनी जीई-एयरोस्पेस ने एलसीए मार्क-1ए फाइटर जेट के लिए तीन (03) एफ 404-आईएन20 इंजन की सप्लाई की है. पिछले तीन साल से अमेरिका से होने वाले एविएशन इंजन की सप्लाई बेहद धीमी गति से चल रही है. 

सरकारी उपक्रम हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने वर्ष 2021 में जीई कंपनी से 99 एफ-404 इंजन का करार किया था. इस सौदे की कुल कीमत 5375 करोड़ थी. 2023 से कंपनी को इंजन की सप्लाई करनी थी. कंपनी को हर साल 11 इंजन की सप्लाई करनी थी. लेकिन पिछले तीन साल में कंपनी ने महज 10 इंजनों की सप्लाई की है.

पहले रूस-यूक्रेन और फिर इजरायल-हमास  युद्ध के चलते ग्लोबल सप्लाई चेन बाधित होने और फिर भारत-अमेरिका संबंधों में आई खटास के चलते, इंजन की सप्लाई में देरी चल रही है. इंजन की सप्लाई में हो रही देरी के चलते, एचएएल का एलसीए-तेजस प्रोजेक्ट काफी पीछे चल रहा है.

एलसीए-तेजस के उन्नत वर्जन एलसीए मार्क-1ए के लिए इन एफ 400-आईएन20 इंजनों का सौदा किया था. पिछले साल यानी 2025 के अंत तक एचएएल को भारतीय वायुसेना को एलसीए-मार्क-1ए फाइटर जेट की सप्लाई शुरु करनी थी. लेकिन अब ये प्रोजेक्ट काफी लेट चल रहा है. 

जीई कंपनी हालांकि, वर्ष 2004 से ही एलसीए तेजस फाइटर जेट के लिए एफ-404 इंजन की सप्लाई कर रही है, लेकिन मार्क-1ए के लिए इंजन (एफ 404-आईएन 20) बेहद उन्नत किस्म का है. कंपनी के मुताबिक, एफ 404-आईएन 20 का थ्रस्ट सबसे ज्यादा और इसमें सिंगल-क्रिस्टल टरबाइन ब्लेड और हायर-फ्लो फैन है. इस इंजन के साथ लड़ाकू विमान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी मैक 1.1 की रफ्तार से उड़ान भर सकता है.

इंजन की सप्लाई में देरी से एलसीए-तेजस प्रोजेक्ट की रफ्तार रूकी, वायुसेना खिन्न

एविएशन इंजन की सप्लाई में हो रही देरी से मार्क-1ए की डिलीवरी न होने के चलते वायुसेना प्रमुख एपी सिंह कई बार सार्वजनिक तौर से अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं. वर्ष 2021 में रक्षा मंत्रालय ने एचएएल से 83 एलसीए मार्क-1ए लड़ाकू विमानों का सौदा किया था. इस सौदे की कुल कीमत 48 हजार करोड़ थी. इनमें से 10 मार्क 1ए ट्रेनर एयरक्राफ्ट हैं. एचएएल का दावा था कि 2027-28 तक वायुसेना को सभी मार्क 1ए एयरक्राफ्ट मिल जाएंगे.

एलसीए मार्क-1ए के लिए कुल 212 इंजन का सौदा किया है एचएएल ने

सितंबर 2025 में रक्षा मंत्रालय ने एचएएल के साथ वायुसेना के लिए 97 अतिरिक्त मार्क-1ए लड़ाकू विमानों का करार किया था. ऐसे में इन 97 लड़ाकू विमानों के लिए एचएएल ने जीई कंपनी से दो महीने बाद यानी नवंबर 2025 में 113 एफ-404 (जीई-आईएन20) इंजन का एग्रीमेंट किया था. इस सौदे की कुल कीमत करीब एक अरब डॉलर यानी 8800 करोड़ थी. यानी जीई को कुल 212 इंजन सप्लाई करने हैं. लेकिन अभी तक महज 10 इंजन सप्लाई हो पाए हैं. 

मार्क 1ए फाइटर जेट, एलसीए तेजस से उन्नत किस्म का है. बीवीआर यानी बियोंड विजुअल रेंज मिसाइल, एयर टू एयर रिफ्यूलिंग, आइसा रडार, इलेक्ट्रोनिक वारफेयर सूट सहित अर्ली वार्निंग रडार सिस्टम के चलते मार्क-1ए, एलसीए तेजस से ज्यादा घातक है.

editor
India's premier platform for defence, security, conflict, strategic affairs and geopolitics.