“आत्मनिर्भर हो रही भारत की सेना की शक्ति के आगे पाकिस्तान नहीं टिकता.” ये बयान भारत की ओर से नहीं, बल्कि पाकिस्तान से आया है और वो भी फेल्ड (फील्ड) मार्शल असीम मुनीरे के चहेते ने ये सच कबूल किया है.
पाकिस्तानी सेना के डायरेक्टर जनरल इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशन (डीजी आईएसपीआर) लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने भारत की सैन्य शक्ति का लोहा माना है. अहमद शरीफ चौधरी ने कहा है कि भारत की सैन्य शक्ति काफी ज्यादा और मजबूत है, और भारत लगातार अपनी सैन्य ताकत बढ़ा रहा है, जबकि पाकिस्तान के पास सिर्फ रक्षात्मक क्षमता ही है.
भारत के पास भारी रक्षा बजट और सैन्य शक्ति: पाकिस्तानी सैन्य प्रवक्ता
पाकिस्तान के लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने एक इंटरव्यू दिया है, जिसमें उन्होंने भारत की ताकत के बारे में खुलकर बात की है. भारत के खिलाफ हमेशा आग उगलने वाले लेफ्टिनेंट चौधरी ने ये कबूल किया है कि भारत के पास भारी-भरकम रक्षा बजट है और पाकिस्तान के पास इतनी शक्ति नहीं है कि वह भारत के साथ हथियारों की रेस में शामिल हो सके.
लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी से सवाल पूछा गया था कि भारत की मिसाइल एयर डिफेंस और पारंपरिक स्ट्राइक क्षमता में हो रहे विकास को लेकर पाकिस्तान कितना चिंतित है?
इसके जवाब में अहमद शरीफ चौधरी ने कहा, “हम भारतीय सैन्य क्षमताओं का सम्मान करते हैं. हम उनके सैन्य भंडार और क्षमताओं को बढ़ाने में बहुत सारा पैसा और संसाधन खर्च करने की उनकी इच्छा को समझते हैं लेकिन हम भारतीयों के साथ किसी तरह की हथियारों की दौड़ में शामिल हैं.”
लेफ्टिनेंट जनरल चौधरी ने पाकिस्तान की डिफेंस पॉलिसी को रक्षात्मक बताया, कहा, “हमारी रक्षात्मक क्षमताएं रक्षात्मक ही हैं. दुनिया के किसी भी देश के खिलाफ हमारा कोई आक्रामक इरादा नहीं है. हमें अपनी रक्षात्मक क्षमता पर पूरा भरोसा है.”
मक्का पैक्ट बना सिर्फ कागजी समझौता, पाकिस्तान ने बचाव किया
हाल ही में इस्लामिक नाटो की राह पर बढ़ते हुए सऊदी अरब, तुर्किए और पाकिस्तान ने मक्का एग्रीमेंट किया है. जिसके तहत तीनों देशों ने ये कहा है कि अगर किसी एक देश पर अटैक होगा, तो दूसरे देश पर भी हमला माना जाएगा.
लेकिन यमन के हूतियों के आगे पस्त पड़ रहे सऊदी अरब के सामने पाकिस्तान किसी भी तरह की सैन्य मदद के लिए नहीं आया है, क्योंकि हूती पर अगर पाकिस्तान ने हमला किया तो अपने दोस्त ईरान को नाराज कर बैठेगा.
हूती और सऊदी अरब के बीच बढ़े तनाव में मक्का पैक्ट की हवा निकल गई है, लेकिन इस पर भी जनरल शरीफ चौधरी ने सफाई दी. कहा कि “ मक्का समझौता सामूहिक सुरक्षा और प्रतिरोध पर आधारित है. इस पैक्ट में न तो हमला करने का कोई इरादा है, न ही दखलंदाजी है और न ही इसका कोई आक्रामक पहलू है.”
दुनिया के टॉप 04 सैन्य शक्तियों में है भारत
हाल के वर्षों में भारत की सुरक्षा और आधुनिकीकरण को मजबूत करने के लिए रक्षा बजट में भारी बढ़ोतरी की गई है. भारत की सैन्य शक्ति अब स्वदेशी हथियारों, मिसाइल तकनीक और आधुनिक उपकरणों के दम पर लगातार आत्मनिर्भर हो रही है. ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स 2026 के अनुसार सैन्य ताकत के मामले में भारत दुनिया में चौथे स्थान पर है. पहले स्थान पर अमेरिका, फिर रूस और तीसरे स्थान पर चीन हैं.
इस साल की ग्लोबल फायरपावर रैंकिंग के अनुसार पाकिस्तान दुनिया के शीर्ष 10 सबसे शक्तिशाली देशों की सूची में शामिल नहीं है, पिछले साल के मुकाबले घटकर पाकिस्तान 14वें स्थान पर पहुंच गया है.


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