एक बार फिर अल जजीरा चैनल का एक पत्रकार हमास से जुड़ा आतंकी निकला है. इजरायल की डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने अल जजीरा के लिए बतौर कैमरामैन काम करने वाले अहमद विशाह की हमास आईडी (पहचान-पत्र) और एके-47 से फायरिंग करते वीडियो जारी किया है. विशाह की मौत पर न्यूयॉर्क (अमेरिका) के मेयर जोहरान ममदानी ने इजरायल की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए थे.
पिछले हफ्ते गाज़ा के एक रिफ्यूजी कैंप पर आईडीएफ के हवाई हमले में विशाह की जान चली गई थी. गाज़ा में एयर-स्ट्राइक और मासूम लोगों की मौत को लेकर ममदानी ने इजरायल की आलोचना की थी.
ममदानी ने अपने संबोधन में विशाह का खासतौर से जिक्र किया था, जो मिडिल-ईस्ट के जाने-माने न्यूज चैनल अल-जजीरा से जुड़ा था. आईडीएफ ने हालांकि, विशाह के हमास से जुड़े सबूत पेश कर दिए. आईडीएफ के मुताबिक, विशाह को हमास के स्नाइपर के तौर पर जाना जाता था. लेकिन बाहरी दुनिया के लिए वो एक न्यूज चैनल का कैमरामैन था.
जानकारी के मुताबिक, विशाह के भाई की भी दो महीने पहले इजरायल की ड्रोन स्ट्राइक में मौत हो गई थी. विशाह का भाई भी अल जजीरा के लिए बतौर रिपोर्टर काम करता था.
नेतन्याहू ने बताया है ‘आतंकी चैनल’, इजरायल में बैन
गाजा में युद्ध के दौरान एकतरफा रिपोर्टिंग को लेकर इजरायल और अल जजीरा में कई बार आरोप-प्रत्यारोप लग चुके हैं. इजरायल यहां तक कह चुका है कि अल जजीरा की पत्रकारिता हमास आतंकियों के पक्ष में होती है. इजरायल के अल जज़ीरा पर पक्षपात रिपोर्टिंग का आरोप है तो अल जज़ीरा ने गाजा में हुए अटैक में अपने कर्मचारियों की मौत को लेकर इजरायल को घेरता रहा है. तनातनी इतनी बढ़ गई कि अप्रैल के महीने में पीएम नेतन्याहू ने एक कानून के जरिए इजरायल में अल जजीरा के प्रसारण पर रोक लगा दी थी. अल जज़ीरा को ‘आतंकी चैनल’ बताते हुए नेतन्याहू ने कतर को झटका दिया था, क्योंकि अल जजीरा कतर का चैनल है.
अल जजीरा के फ्रीलांस पत्रकार के घर मिले थे इजरायली बंधक
हमास ने जिस बाइक गर्ल नोआ अर्गमानी समेत 4 बंधकों को अक्टूबर 2023 को किडनैप किया था. उसके तकरीबन 8 महीने बाद, जून 2024 में इजरायली सेना ने उन सभी को एक बेहद ही खतरनाक मिशन के बाद छुड़ाया था.
जांच में पता चला कि तीन बंधकों को अल जजीरा के फ्रीलांस पत्रकार अब्दुल्ला अलजमाल के घर रखा गया था. बंधकों को छुड़ाने के दौरान पत्रकार को मुठभेड़ में मार गिराया गया था. हालांकि अल जजीरा ने साफ किया है कि “अब्दुल्ला अल जमाल उसका कर्मचारी नहीं था.”
इससे पहले भी यरूशलेम के एक होटल में इजरायली सेना ने रेड की थी, इस होटल में अल जजीरा का दफ्तर था. इजरायल में पहले ही अल जज़ीरा का प्रसारण बंद करा दिया गया है.

