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जनरल ने वायुसेना प्रमुख को बताया गुरु, एलसीए तेजस में भरी एक साथ उड़ान

आज से वायुसेना प्रमुख मेरे गुरु हैं, क्योंकि उन्होंने मुझे लड़ाकू विमान में उड़ने का अवसर दिया है. ये कहना है थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का, जिन्होनें रविवार को एयर फोर्स चीफ एपी सिंह के साथ स्वदेशी एलसीए तेजस लड़ाकू विमान में एक साथ फ्लाई किया.

एयरो-इंडिया 2025 के उद्घाटन से एक दिन पहले बेंगलुरु के येलाहंका एयर फोर्स स्टेशन से वायुसेना प्रमुख एपी सिंह और थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने एक साथ स्वदेशी फाइटर जेट एलसीए तेजस में उड़ान भरी. करीब 45 मिनट की इस फ्लाइट का मकसद, स्वदेशी प्लेटफॉर्म में सशस्त्र सेनाओं के विश्वास के साथ ही ट्राई-सर्विस ज्वाइंटनेस और इंटीग्रेशन भी प्रदर्शित करना था.

स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) तेजस को खुद वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल सिंह ने फ्लाई किया और को-पायलट की भूमिका में थे थलसेना प्रमुख.

हालांकि, वायुसेना प्रमुख इससे पहले भी एलसीए तेजस में उड़ान भर चुके हैं. लेकिन जनरल द्विवेदी के साथ वायुसेना प्रमुख का ये पहला मौका था.

वायुसेना प्रमुख के साथ फ्लाइंग के बाद बोले जनरल द्विवेदी

उड़ान के बाद थलसेना प्रमुख ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि एयर चीफ मार्शल उनके एनडीए के समय से ‘कोर्स-मेट’ रहे हैं. जनरल द्विवेदी ने कहा कि “अगर उन्हें वायुसेना में शामिल होने का अवसर प्राप्त होता तो जरूर फाइटर पायलट बनते. लेकिन आज वायुसेना प्रमुख ने एक फाइटर पायलट का एहसास करा दिया, ऐसे में वे एपी सिंह को अपना गुरु मानने लगा हूं.”

एलसीए प्रोजेक्ट में विश्वास तो थलसेना और वायुसेना के बीच दिखाई सिनर्जी

अमेरिका से एफ-404 एविएशन इंजन में हो रही देरी के चलते एलसीए प्रोजेक्ट थोड़ा सुस्त पड़ गया है. इसको लेकर वायुसेना प्रमुख अपनी नाराजगी दिखा चुके हैं. हालांकि, माना जा रहा है कि मार्च के महीने से एविएशन इंजन की सप्लाई शुरू हो सकती है.

वहीं, एयरो इंडिया के जरिए भारत, मित्र-देशों को स्वदेशी हथियारों और मिलिट्री प्लेटफॉर्म सप्लाई करने के लिए प्रदर्शित कर रहा है.

ऐसे में स्वदेशी फाइटर जेट में उड़ान भरकर वायुसेना प्रमुख ने एलसीए प्रोजेक्ट में अपना विश्वास जताया और सशस्त्र सेनाओं (थलसेना और वायुसेना) के बीच आपसी सहयोग, समन्वय और सिनर्जी (तालमेल) का प्रदर्शन किया.

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