मणिपुर में एक बार फिर से हिंसा भड़क गई. उग्रवादियों के बहकावे में आकर लोगों की उग्र भीण ने मणिपुर के सेनापति शहर में बने असम राइफल्स के कैंप पर हमला बोल दिया.
सेनापति शहर में मंगलवार-बुधवार (14-15 जुलाई) की रात को हिंसक भीड़ ने असम राइफल्स के कैंप पर पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ की. लेकिन सशस्त्र बलों की चौकसी ने हालात पर काबू पा लिया. हल्के बल प्रयोग के बाद भीड़ को तितर बितर किया गया और स्थिति को बिगड़ने से रोक दिया गया. (https://www.instagram.com/reel/Dazg_JBR9KG/?igsh=OTV0NXh3NjBhNjNh)
यह घटना उस तलाशी अभियान के कुछ घंटे बाद हुई, जिसे असम राइफल्स ने विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया था.
खुफिया सूचना के बाद सेनापति शहर में तलाशी अभियान
असम राइफल्स को सूचना मिली थी कि माकुइलोंगदी इलाके में हथियारबंद उग्रवादी मौजूद हैं. यह स्थान एनएससीएन (आईएम) के ओकलोंग स्थित निर्धारित कैंप से करीब दो किलोमीटर पश्चिम में है. इसी सूचना के आधार पर इलाके में गश्त और तलाशी अभियान शुरू किया गया था.
जनसंपर्क अधिकारी के मुताबिक, “खुफिया रिपोर्ट और सोशल मीडिया पोस्ट से पता चला था कि कुछ हथियारबंद उग्रवादी निर्धारित कैंपों से बाहर हथियार और वर्दी के साथ घूम रहे थे. इसे संघर्षविराम (सीजफायर) के नियमों का उल्लंघन माना गया. इस संबंध में सीजफायर मॉनिटरिंग ग्रुप (सीएफएमजी) को भी औपचारिक रूप से जानकारी दी गई थी.”
“तलाशी अभियान के दौरान जब असम राइफल्स की टीम माकुइलोंगदी और ओकलोंग गांवों की ओर बढ़ी, तब स्थानीय महिलाओं और पुरुषों ने जवानों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की. इससे इलाके में तनाव बढ़ गया.”
सशस्त्र बल की गश्ती के बाद लोगों का गुस्सा फूटा
अधिकारियों के मुताबिक, रात करीब नौ बजे खबर मिली कि सेनापति शहर में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो रहे हैं और असम राइफल्स कैंप की ओर बढ़ने की तैयारी कर रहे हैं. इसके बाद सुरक्षा बलों की टीम तलाशी अभियान से वापस लौट आई. इसके बावजूद रात करीब 9:30 बजे बड़ी भीड़ कैंप तक पहुंच गई और पथराव शुरू कर दिया. भीड़ ने कैंप को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की और आगजनी की.
स्थिति को और बिगड़ने से रोकने और हिंसक भीड़ को तितर-बितर करने के लिए मणिपुर पुलिस के साथ समन्वय कर न्यूनतम बल का प्रयोग किया गया, जिसमें खाली राउंड और आंसू गैस के गोले दागे गए.कानून व्यवस्था बहाल करने में मदद के लिए सेनापति पुलिस और सीआरपीएफ को तुरंत तैनात किया गया. सुरक्षा बलों, मणिपुर पुलिस और सीआरपीएफ के कोऑर्डिनेशन से स्थिति नियंत्रण में लाई गई और आधी रात तक भीड़ को हटा दिया गया.
बाद में, वापसी के दौरान भीड़ के एक हिस्से ने असम राइफल्स के वाहनों में तोड़फोड़ की और उन्हें नुकसान पहुंचाया. एक हल्के वाहन को आग लगा दी गई, जबकि दो ट्रकों को पलटकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया. हिंसा के दौरान एक निजी कार को भी जलाए जाने की खबर है.
काबू में स्थिति, संदिग्धों पर रखी जा रही नजर
प्रशासन के मुताबिक, “सेनापति की स्थिति शांतिपूर्ण और नियंत्रण में है. स्थानीय आबादी या सुरक्षा बलों के किसी भी कर्मी को कोई चोट या हताहत नहीं हुआ है. सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के प्रयास सिविल सोसायटी संगठनों और जिला प्रशासन के साथ किए गए हैं.”
मणिपुर सरकार ने ताजा घटना पर कहा है कि “सुरक्षा बल शांति बनाए रखने, सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कानून का राज स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. वे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के अपने आदेश को पूरा करते हुए संयम और व्यावसायिकता बरतना जारी रखेंगे.”

