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होर्मुज सीख: यूक्रेन ने 136 Russian जहाजों को बनाया निशाना

एक तरफ होर्मुज स्ट्रेट पर कब्जे को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच समुद्री-जंग चल रही है, दूसरी तरफ पिछले चार सालों से चल रहे रूस-यूक्रेन जंग में भी अदावत समंदर तक पहुंच गई है. पिछले दस दिनों में यूक्रेन ने अजोव सागर में रूस के 100 से ज्यादा जहाजों को निशाना बनाकर क्रेमलिन की नाक में दम कर दिया है. 

निशाना बनाए गए जहाजों में रूसी एफएसबी यानी बॉर्डर गार्ड्स के युद्धपोत भी शामिल है. यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, मंगलवार की रात ब्लैक सी में रूस के करीब 20 जहाजों पर ड्रोन अटैक किए गए. इनमें 17 ऑयल टैंकर, 02 एलएनजी टैंकर्स और एक टगबोट शामिल थी. 

यूक्रेन का दावा है कि 6 जुलाई से लेकर अब तक रूस के 136 जहाजों को ब्लैक सी और अजोव सागर में निशाना बनाया गया है. 

यूक्रेन का दावा है कि इन हमलों में रूसी फेडरल सिक्योरिटी और इंटेलिजेंस एजेंसी यानी एफएसबी (पूर्ववर्ती केजीबी)का एक जहाज इजुमरूद भी शामिल है. यूक्रेनी सेना ने बंदरगाह पर जले हुए हालात में खड़े हुए इस जहाज की सैटेलाइट तस्वीर भी जारी की है. 

यूक्रेन ने अजोव सागर और ब्लैक सी में बनाया निशाना

जानकारी के मुताबिक, यूक्रेन उन जहाज को ज्यादा निशाना बना रहे हैं, जो ब्लैक सागर से अजोव सागर में दाखिल होते हैं या वहां से निकलते हैं.  रूस के दक्षिणी प्रांत रोस्तोव ऑन डॉन, क्रीमिया और डोनबास से घिरा है अजोव सागर. अजोव सागर को ब्लैक सागर से जोड़ता है कर्च स्ट्रेट. ऐसे में इस समुद्री मार्ग पर यूक्रेन लगातार रूस के जहाजों को निशाना बना रहा है. ठीक वैसे, जैसे होर्मुज स्ट्रेट में ईरान, ऑयल टैंकर और दूसरे कॉमर्शियल जहाजों पर ड्रोन स्ट्राइक कर रहा है. 

रूस ने भी किया पलटवार

अजोव सागर में यूक्रेन के हमलों से बौखलाए क्रेमलिन (रूसी राष्ट्रपति के ऑफिस) ने रूसी सेना को यूक्रेन के बंदरगाहों पर हमला करने के निर्देश दिए हैं. ऐसे में पिछले कुछ दिनों में रूस ने यूक्रेन के ओडेशा और चेरनोमोर्सक पोर्ट पर बड़े अटैक किए हैं. रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इन हमलों में यूक्रेन के महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक ठिकानों को तबाह किया गया है. 

रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यूक्रेन के जिन टारेगट को निशाना बनाया गया है, उनमें फ्यूल की लोडिंग और अनलोडिंग के लिए इस्तेमाल होने वाला पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्टर और फ्यूल स्टोरेज टैंक. इन फ्यूल टैंक का इस्तेमाल यूक्रेनी सेना करती है. इसके अलावा, यूक्रेन की ड्रोन बनाने वाले वर्कशॉप को भी तबाह किया जा रहा है. 

रूस का दावा है कि चोरनोमोरस्क और दिनिप्रो-बुगस्की पोर्ट पर यूक्रेन के चार (04) जहाजों को भी नष्ट किया गया है. ये सभी जहाज, यूक्रेनी सेना के लिए कार्गो लाने ले जाने के लिए इस्तेमाल किए जाते थे. 

पिछले चार सालों में 25 लाख से ज्यादा चढ़े युद्ध की भेंट

यूक्रेन जंग के चार वर्ष से ज्यादा हो चुके हैं और खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है.रूसी सेना का दावा है कि पिछले चार वर्षों में यूक्रेन के करीब 15 लाख सैनिकों की जान चुकी है. रूस का दावा है कि पिछले साल यानी 2025 में अकेले, यूक्रेन के 5.20 लाख सैनिक जंग के मैदान में मारे गए.

वहीं यूक्रेन का दावा है कि पिछले चार वर्षों में  में अब तक रूस के 12 लाख से ज्यादा (12,57,880) सैनिकों की जान गई है. ऐसे में अगर रूस और यू्क्रेन, दोनों के दावों को जोड़ दिया जाए तो पिछले चार वर्षों में 25.50 लाख से ज्यादा सैनिक जंग के मैदान में मारे गए हैं. 

रूसी सेना को बड़ा नुकसान

यूक्रेनी सेना का दावा है कि पिछले चार वर्षों में रूस के 11 हजार से ज्यादा टैंक (11,684), 26 हजार से ज्यादा कॉम्बैट व्हीकल,37 हजार से ज्यादा आर्टलरी (तोप), 1.39 लाख ड्रोन और करीब 80 हजार (79,112) मिलिट्री व्हीकल, 29 युद्धपोत, दो (02) पनडुब्बी, 435 एयरक्राफ्ट और 347 हेलीकॉप्टर तबाह किए गए.

यूक्रेन के इन दावों पर हालांकि, अमेरिका और दूसरे यूरोपीय देश भी ज्यादा यकीन नहीं करते हैं. लेकिन ये जरूर है कि पिछले चार वर्षों में रूसी सेना को अच्छा खासा नुकसान हुआ है. 

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