By Nalini Tewari
पाकिस्तानी सेना के खिलाफ उतर चुकी है बलोच महिला ब्रिगेड. बलूचिस्तान से एक ऐसा वीडिया आया है, जिसने पाकिस्तानी सेना में हड़कंप मच गया है. मुनीर की सेना से लोहा लेने के लिए मोर्चे पर ‘बलूच महिलाओं की आर्मी उतर गई है.
बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट की नई महिला विंग केएएडी यानि करीमा आर्म्ड असॉल्ट डिविजन ने पाकिस्तानी सैनिकों को घेरकर बड़ा हमला किया है. इस हमले का वीडियो भी रिलीज किया गया है, जिसमें साफ-साफ देखा जा सकता है कि बीएलएफ की महिला फौज के आगे पाकिस्तानी सैनिक कैसे बेबस नजर आए.
इस हमले में पाकिस्तानी अफसर समेत 6 से ज्यादा सैनिकों की मौत का दावा किया गया है.
पाकिस्तानी सेना पर बलूच महिला विंग का हमला
बीएलएफ ने एक वीडियो रिलीज करके पाकिस्तानी जवानों की मौत का बड़ा दावा किया है. बीएलएफ के मुताबिक पाकिस्तान के तुरबत इलाके में पाकिस्तानी सैनिकों के काफिले पर उनकी महिला ब्रिगेड ने अटैक किया और 06 से ज्यादा सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया है. (https://www.instagram.com/reel/Dd28GemRO53/?stkn=MTdxanRjN2VtaXFzaA==)
जिस महिला ब्रिगेड ने अटैक किया वो बीएलएफ की ‘काड’ महिलाओं की एक नई यूनिट है जिसने अपने दूसरे ऑपरेशन को अंजाम दिया है.
जारी फुटेज में पाकिस्तानी सेना के क्विक रिएक्शन फोर्स के काफिले पर हमले का वीडियो है. इसमें दिखाया गया है कि हथियारों से लैस महिलाओं ने सेना की गाड़ियों को रोका और फिर धावा बोल दिया. वीडियो में महिला लड़ाकों को मोर्चा संभालते हुए दिखाया गया है और सेना की गाड़ी के बेहद करीब से दो महिलाओं को अंधाधुंध फायरिंग करते दिखाया गया है, जबकि बाकी की महिलाएं पीछे से फायरिंग कर रही हैं.
अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक करके घिरे पाकिस्तान पर दोहरी मार पड़ी है. तालिबान के साथ सैन्य तनाव के बीच बलूचिस्तान में बीएलएफ की महिला ब्रिगेड पाकिस्तानी सैनिकों के छक्के छुड़ा रही है.
सीपीईसी जिसे बना रहा चीन, उस मार्ग पर महिला ब्रिगेड का कब्जा
पाकिस्तानी सेना के काफिले पर ये ताजा हमला उस रूट पर हुआ जिसे चीन बना रहा है. ये रूट चीन पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) का हिस्सा है और बीएलएफ ने इस रूट पर हमला कर दिखा दिया है कि चीन के लिए प्रोजेक्ट चलाना कितना मुश्किल हो गया है.
बलूचिस्तान के लोग खासकर विद्रोही चीन के इस प्रोजेक्ट का कड़ा विरोध कर रहे हैं और पिछले कुछ वर्षों में अलग-अलग हमलों में कई चीनी इंजीनियर्स और कर्मचारियों की भी मौत हो चुकी है, जो इस कॉरिडोर को बनाने में जुटे हैं. विरोध और लगातार हमलों के कारण सीपीईसी का काम डीरेल हो चुका है, जिसके बाद ऐसी खबरें भी आईं थी कि चीन ने इस कॉरिडोर के निर्माण की सुरक्षा के लिए अपनी सेना (पीएलए) को तैनात करने का मन बनाया है.
बलूचिस्तान के लोग पाकिस्तानी सेना पर शोषण और हत्या का आरोप लगाते हैं और इसी कारण अपने क्षेत्र की रक्षा के लिए इन लोगों ने हथियार उठाया है. लोगों की मांग है कि बलूचिस्तान को स्वतंत्र किया जाए.
बलूच महिलाओं की इस घातक विंग के बारे में जानिए
बलूचिस्तान के लोगों पर हो रहे जुल्मों से मुकाबला करने के लिए महिलाओं ने भी हथियार उठा लिए हैं. इसी रणनीति के तहत करीमा आर्म्ड असॉल्ट डिविजन यानि काड का निर्माण किया गया है. इसमें महिलाओं को कड़ी मिलिट्री ट्रेनिंग दी गई है, ताकि वो बलोच लोगों के अधिकारों के लिए शक्तिशाली बन सकें और पाकिस्तानी सेना से मुकाबला कर सकें.
बीएलएफ के मुताबिक, “कई वर्षों की ट्रेनिंग और तैयारी के बाद काड को एक संगठित लड़ाकू इकाई के रूप में खड़ा किया गया है. इस यूनिट को लगातार बड़े ऑपरेशन्स में शामिल किया गया है.”
इस हमले के बाद पाकिस्तान ने चुप्पी साध ली है, या यूं कहा जाए कि पाकिस्तान की सरकार और असीम मुनीर बोलने की स्थिति में नहीं हैं.


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