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ब्रिटिश F-35 फाइटर जेट की घर वापसी, पांच हफ्ते से त्रिवेंद्रम में फंसा था

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय ब्रिटेन दौरे से पहले तिरुवनंतपुरम में खड़ा रॉयल नेवी का लड़ाकू विमान वापस लौटेगा. दुनियाभर में ट्रोल होने और फजीहत झेलने के बाद आखिरकार तकरीबन पांच हफ्तों बाद इंग्लैंड की नौसेना (रॉयल नेवी) का एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट तिरुवनंतपुरम से अपने देश उड़ान के लिए तैयार है. 

अगले 24-48 घंटे के बीच अमेरिका में बना एफ-35 लड़ाकू विमान इंग्लैंड रवाना हो जाएगा. इसी सप्ताह पीएम मोदी दो दिवसीय (23-24 जुलाई) इंग्लैंड के दौरे पर जा रहे हैं.

14 जून से त्रिवेंद्रम एयरपोर्ट पर खड़ा है एफ-35 फाइटर जेट

पिछले महीने की 14 तारीख (जून) से पांचवी श्रेणी का ये ‘अदृश्य’ विमान इमरजेंसी लैंडिंग के चलते त्रिवेंद्रम एयरपोर्ट पर खड़ा था. शुरुआत में बताया गया था कि फ्यूल की कमी के चलते फाइटर जेट की लैंडिंग कराई गई है. बाद में हालांकि, तकनीकी खराबी कारण बताया गया. 

त्रिवेंद्रम एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद, फाइटर जेट उड़ नहीं पाया. ऐसे में पूरी दुनिया में ये विमान को लेकर सवाल उठने लगे, क्योंकि पहली बार किसी गैर-नाटो देश में अमेरिका में बना सबसे उन्नत और आधुनिक फाइटर जेट फंस गया था.

ये एफ-35 फाइटर जेट, रॉयल नेवी के विमान-वाहक युद्धपोत एचएमएस वेल्स पर तैनात था. घटना के वक्त, एचएमएस वेल्स अरब सागर में तैनात था.

एफ 35 के फंसने से अमेरिका, ब्रिटेन और नाटो देशों के दावों की पोल खुली

अमेरिका, ब्रिटेन और नाटो देशों को एफ 35 में आई खराबी को लेकर इसलिए भी झेंपना पड़ा क्योंकि भारतीय वायुसेना ने एफ-35 को डिटेक्ट करने का दावा कर डाला. वायुसेना ने बताया कि देश के आईएसीसीएस यानी इंटीग्रेटेड एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम ने अरब सागर में उड़ाने  भरते हुए एफ-35 को पकड़ लिया था. जबकि अमेरिका का दावा है कि इस फाइटर जेट को दुनिया की कोई रडार नहीं पकड़ सकती है.

अमेरिका ने ब्रिटेन और इजरायल सहित अपने सहयोगी देशों को इस बेहद एडवांस लड़ाकू विमान को सप्लाई किया है.

एफ 35 सही करने में रॉयल नेवी के इंजीनियर्स के पसीने छूटे

शुरुआत में फाइटर जेट के पायलट ने सुरक्षा का हवाला देकर एफ-35 को त्रिवेंद्रम एयरपोर्ट के हैंगर में ले जाने से भी मना कर दिया था. ऐसे में सीआईएसएफ की एक क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) को एफ-35 की सुरक्षा में तैनात किया गया. रॉयल नेवी के इंजीनियर्स भी तकनीकी खराबी सही करने में नाकाम रहे. बाद में ब्रिटेन से जब रॉयल एयर फोर्स की एक स्पेशलिस्ट टीम त्रिवेंद्रम पहुंची, तब जाकर एफ-35 को एमआरओ यानी मेंटेनेंस रिपेयर और ओवरहालिंग फैसिलिटी में शिफ्ट किया गया. भारत की एमआरओ में रिपेयर के बाद सोमवार को एफ-35 को एक बार फिर हैंगर से एयरपोर्ट के टारमेक पर लाया गया.

केरल के पर्यटन विभाग ने जारी किया था पोस्टर, सोशल मीडिया पर हुई एफ 35 की ट्रोलिंग

त्रिवेंद्रम में अटके एफ-35 को लेकर केरल टूरिज्म डिपार्टमेंट ने पर्यटन के बढ़ावा देने को लेकर तस्वीर जारी की थी, कि जो राज्य में आता है, जाने का नाम नहीं लेता. सोशल मीडिया पर भी एफ-35 के उड़ान भरने में नाकाम रहने पर जमकर ट्रोलिंग हुई थी.

बुधवार को ब्रिटेन के दौरे पर जा रहे पीएम मोदी

बुधवार को पीएम मोदी ब्रिटेन के आधिकारिक दौरे पर जा रहे हैं. इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार मुक्त संधि पर हस्ताक्षर के साथ ही रक्षा क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा होने की संभावना है. इंग्लैंड की रोल्स रॉयस कंपनी के एविएशन इंजन को लेकर भी खास तौर से बातचीत हो सकती है.

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