Acquisitions Breaking News Defence Reports

डिफेंस कंपनियों के शेयर में उछाल, कारण हैं ये

रक्षा मंत्रालय के नौसेना और कोस्ट गार्ड के लिए 21 हजार करोड़ से ज्यादा के बोट्स और हेलीकॉप्टर खरीदने का नतीजा ये हुआ कि डिफेंस कंपनियों का स्टाक बढ़ गया है. बुधवार को डिफेंस स्टॉक का शेयर 5 प्रतिशत की वृद्धि के साथ खुला. इन कंपनियों में बीईएल, एमडीएल, जीआरएसई और एचएएल शामिल हैं.

मंगलवार को रक्षा मंत्रालय की अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने भारतीय नौसेना के लिए 150 से ज्यादा फास्ट अटैक क्राफ्ट और इंटरसेप्टर क्राफ्ट (बोट्स) खरीदने की मंजूरी दी थी. यही वजह है कि मझगांव डॉकयार्ड लिमिटेड (एमडीएल) और गार्डन रीच शिपयार्ड एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) के शेयर बढ़ गए. (नौसेना को 151 अटैक बोट्स, Navy Day से पहले रक्षा मंत्रालय की सौगात)

एमडीएल के शेयर में बढोतरी इसलिए भी देखने को मिली क्योंकि सोमवार को नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने फ्रांस के साथ तीन अतिरिक्त स्कॉर्पीन क्लास सबमरीन बनाने का भी ऐलान किया था. एमडीएल पहले से ही फ्रांस के नेवल ग्रुप के साथ मिलकर छह कलवरी (स्कॉर्पीन) क्लास पनडुब्बियां बना रहा है. इनमें से पांच बनकर नौसेना को सौंप दी गई है और छठी वागीर के समुद्री-परीक्षण चल रहे हैं. (Navy मेगा प्लान: रफाल मरीन, SSN सबमरीन और 94 नए जहाज)

बुधवार को रक्षा मंत्रालय ने इंडियन कोस्टगार्ड के लिए छह एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर (एएलएच) खरीदने की घोषणा की थी. यही वजह है कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के शेयर में भी बढोतरी देखने को मिली.

एचएएल और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के शेयर में इसलिए भी उछाल देखने को मिला, क्योंकि ग्लोबल थिंकटैंक सिपरी ने दोनों ही कंपनियों को दुनिया की टॉप 100 आर्म्स कंपनियों की श्रेणी में रखा है. एचएएल और बीईएल के साथ एमडीएल, भारत के वे तीन कंपनियां हैं जिन्होंने इस लिस्ट में अपना नाम दर्ज कराया है. स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिपरी) ने ये लिस्ट दुनियाभर की कंपनियों के मुनाफा कमाने के हिसाब से तैयार की है. (युद्ध से Arms कंपनियों की चांदी: SIPRI रिपोर्ट)


Warning: Version warning: Imagick was compiled against ImageMagick version 1692 but version 1693 is loaded. Imagick will run but may behave surprisingly in Unknown on line 0