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दिल्ली टू दमिश्क, सीरिया की कट्टरपंथी सरकार संग भारत की पहली बैठक

भारत ने मिडिल ईस्ट के अशांत देश सीरिया से औपचारिक बातचीत की है. डिप्लोमैटिक संबंध बहाल करते हुए भारत के विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने अल शरा सरकार के मंत्री से मुलाकात की है. असद शासन के पतन के बाद दमिश्क के साथ दिल्ली की ये पहली कूटनीतिक पहल है.

आपको बता दें सीरिया की सरकार आईएसआईएस आतंकी संगठन से जुड़े पूर्व आतंकी अल शरा उर्फ अली जोलानी के हाथों में है. अल शरा अब अपनी छवि सुधार रहे हैं और देशों से डिप्लोमैटिक रिश्ते बढ़ा रहे हैं.

अल शरा की सरकार से क्या हुई भारत की बात?

भारतीय विदेश मंत्रालय के पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका के ज्वाइंट सेक्रेटरी सुरेश कुमार ने सीरियाई विदेश मंत्री असद हसन अल-शैबानी से दमिश्क में मुलाकात की है. दोनों ने मुलाकात में कई मुद्दों पर बात हुई है. हेल्थ सेक्टर, फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री और मेडिकल ट्रेनिंग पर सुरेश कुमार और असद अल हसन का फोकस रहा. 

विदेश मंत्री के अलावा भारतीय प्रतिनिधि ने सीरिया के स्वास्थ्य मंत्री से भी मुलाकात की है. इस दौरान सीरिया ने भारत से स्वास्थ्य तकनीक और दवाइयों के क्षेत्र में अच्छी साझेदारी की उम्मीद जताई है. वहीं इंजीनियरिंग कोर्स और स्कॉलरशिप जैसे शैक्षिक कार्यक्रमों को भी आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है. भारत ने अल शरा की सरकार को आश्वासन दिया है कि वह सीरियाई डॉक्टरों की ट्रेनिंग और मेडिकल स्टाफ की स्पेशल ट्रेनिंग में मदद करता रहेगा.

कोविड काल में भारत ने सीरिया को 10 टन दवाएं भेजीं और 2021 में 2000 टन चावल की आपातकालीन मदद दी थी.

भारत ने गोलान हाइट्स तो सीरिया ने कश्मीर पर दिया भारत का साथ 

भारत के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल असद के साथ अच्छे संबंध थे. जब सत्ता में असद सरकार थी, तो भारत ने गोलान हाइट्स पर इजरायली कब्जे का विरोध किया था. गोलान हाइट्स जिस पर अभी इजरायली नियंत्रण है. उसे भारत ने सीरिया का बताया था. वहीं असद सरकार ने भी मित्रता का परिचय देते हुए कश्मीर मामले पर भारत का साथ दिया था. असद सरकार ने हमेशा कश्मीर को भारत का हिस्सा बताया.

अब सीरिया में आईएस से संबंधित अल शरा (अबू जोलानी) की सरकार है. ऐसे में क्या अल शरा का भी रुख कश्मीर को लेकर भारत के पक्ष में रहेगा? रणनीतिक तौर पर भारत के लिए अहम है सीरिया. क्योंकि सीरिया की सीमा तुर्किए, इराक, जॉर्डन, इजरायल और लेबनान से सटी हुई है.

अमेरिका ने दी है सीरिया को रियायत, ट्रंप ने की थी अल शरा से मुलाकात

कुछ महीने पहले सऊदी अरब की यात्रा पर गए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सीरिया के नए राष्ट्रपति अल शरा से मुलाकात की थी. रियाद में अल शरा से मुलाकात के दौरान ट्रंप ने सीरिया को कई तरह की प्रतिबंध से छूट देने के साथ-साथ अल शरा का नाम आतंकी लिस्ट से हटा दिया था. 

भारत ने अभी तक नई की सरकार से दूरी बना रखी थी, लेकिन अब विदेश मंत्रालय के अधिकारी की मुलाकात से इस बात के संकेत मिल चुके हैं कि आने वाले दिनों में सीरिया के साथ भारत अपना पहले जैसा दोस्ताना संबंध जारी रखेगा. 

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