Africa Alert Breaking News Geopolitics

अफ्रीका सहित भारत को UNSC में करें शामिल

By Himanshu Kumar

भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सुधार के लिए जी-4 देशों की ओर से एक विस्तृत मॉडल प्रस्तुत किया है, जिसमें महासभा द्वारा लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए नए स्थायी सदस्य शामिल हैं तथा वीटो मुद्दे पर लचीलापन प्रदर्शित किया गया है.

भारत के संयुक्त राष्ट्र मिशन के प्रभारी आर. रविन्द्र ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पर्याप्त भौगोलिक प्रतिनिधित्व का अभाव इसकी विफलताओं के लिए जिम्मेदार है, तथा सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था को प्रभावी बनाने के लिए अफ्रीका को स्थायी सदस्यता देना आवश्यक होगा.

परिषद में सुधार के विषय पर आयोजित खुली बहस में भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान के समूह जी-4 की ओर से बोलते हुए रविन्द्र ने कहा, “इस महत्वपूर्ण संस्था के खराब प्रदर्शन का मुख्य कारण स्थायी श्रेणी में अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई देशों का प्रतिनिधित्व न होना तथा एशिया-प्रशांत क्षेत्र का कम प्रतिनिधित्व होना है.”

मिशन प्रभारी ने कहा कि “हम आश्वस्त हैं कि स्थायी और अस्थायी दोनों श्रेणियों में अफ्रीकी प्रतिनिधित्व, अधिक प्रतिनिधित्व-पूर्ण और प्रभावी परिषद के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सुधार का एक अनिवार्य हिस्सा होगा.” (https://x.com/IndiaUNNewYork/status/1823199657574416589)

भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में दीर्घकालिक सीट हासिल करने की कोशिश कर रहा है, वहीं पाकिस्तान और चीन ने इस मांग के खिलाफ अपनी इच्छा जाहिर की है. पाकिस्तान ने यूएनएससी में दीर्घकालिक सीट के लिए अफ्रीका की मांग का समर्थन किया, लेकिन कथित तौर पर भारत के लिए इसका विरोध किया.

इस दौरान अफ्रीकी देश सिएरा लियोन के राष्ट्रपति जूलियस माडा बायो ने कहा, “1.3 बिलियन से अधिक लोगों का घर होने और 54 अफ्रीकी देशों के संयुक्त राष्ट्र की कुल सदस्यता का 28 प्रतिशत हिस्सा होने के बावजूद, अफ्रीका परिषद में स्थायी सीटों से वंचित होने के ऐतिहासिक अन्याय से पीड़ित है.” उन्होंने कहा, “अपने निर्माण के लगभग 80 साल बाद भी परिषद समय में फंसी हुई है.” 1945 में जब संयुक्त राष्ट्र का निर्माण हुआ था, जबकि अफ्रीका का अधिकांश हिस्सा औपनिवेशिक शासन के अधीन था और अन्याय को जारी रखा. उन्होंने कहा, “अफ्रीका संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में दो स्थायी सीटों और मौजूदा तीन के अलावा दो अतिरिक्त अस्थायी सीटों की मांग कर रहा है.”
यूएनएससी की वर्तमान संरचना

यूएनएससी में 15 देश शामिल हैं. इनमें से पांच के पास स्थायी सीटें हैं और उन्हें महत्वपूर्ण निर्णयों पर वीटो लगाने का अधिकार है, जबकि 10 देशों के पास अस्थायी सीट है.

चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका यूएनएससी के गठन के बाद से इसके पांच स्थायी सदस्य रहे हैं. 

10 अस्थायी सीटों में, तीन सीटें अफ्रीकी देशों के लिए सुरक्षित हैं. एशिया-प्रशांत, लैटिन अमेरिका, कैरिबियन क्षेत्र और पश्चिमी यूरोप तथा अन्य देशों के लिए दो-दो सीटें और पूर्वी यूरोप के लिए एक सीट. अस्थायी सीट पर प्रत्येक देश दो साल के कार्यकाल के लिए यूएनएससी का हिस्सा होता है.

editor
India's premier platform for defence, security, conflict, strategic affairs and geopolitics.

Leave feedback about this

  • Rating

Choose Your Premium Plan

Unlock exclusive defence reports, geopolitical analysis and premium articles.