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तेहरान में ड्रोन-मिसाइल रैली, ट्रंप को झुकाकर ईरान का जोश High

अमेरिका के साथ किसी भी वक्त दोबारा शुरु होने वाले युद्ध के बीच ईरान ने दिखाई है अपनी शक्ति. ईरान के अलग अलग शहरों में जनता के बीच आईआरजीसी ने अपने ताकतवर ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल का प्रदर्शन किया है.

ईरानी सैन्य बल ने तो अमेरिकी सेना की हालत खराब की ही हुई है, लेकिन अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस बार ईरान जनता से भी मुंह की खानी पड़ी है, क्योंकि  जनता ने एकजुटता दिखाते हुए अपने सैन्यबल और सरकार के साथ खड़े होने की कसम खाई है. जबकि अक्सर ईरानी जनता के शोषण के नाम पर ट्रंप अपने सैन्य एक्शन को सही ठहराते रहे हैं.

ईरानी सैन्य बल ने जनता के साथ मिलकर रैलियां निकाली हैं, जिसमें ईरान अपने ड्रोन्स और बैलिस्टिक मिसाइल दिखा रही है. ताकि जनता का विश्वास जीता जा सके, साथ ही जनता की एकजुटता के जरिए आईआरजीसी अपने जवानों का मनोबल ऊंचा रख पाए.

ईरान की सड़कों पर आईआरजीसी का शक्ति प्रदर्शन

पिछले 2 दिनों से ईरानी लोग अपनी सेना के समर्थन में रैलियां निकाल रहे हैं. जिसमें नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के समर्थन और डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ नारेबाजी की गई. अलग-अलग शहरों में निकाली जा रही रैलियों में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) भी शामिल हुई.

राजधानी तेहरान में निकाली गई रैली बेहद खास रही, क्योंकि इस रैली में ईरान के शक्तिशाली ड्रोन दिखाए गए. ड्रोन रैली में आईआरजीसी ने ताकतवर शाहेद-136 ड्रोन का प्रदर्शन किया. वहीं एक दूसरे शहर में निकाली गई रैली में आईआरजीसी ने अपनी खोर्रमशहर-4 (खैबर शेकन) जैसी बैलिस्टिक मिसाइल जनता के सामने पेश की.

ईरान के दक्षिण-पश्चिमी शहर अहवाज में भी अमेरिका और इजरायल का विरोध करने और अपनी सरकार का समर्थन करने के लिए हजारों लोग सड़कों पर उतरे. लोगों ने अपने देश के साथ खड़े होने की प्रतिबद्धता जताई और देशभक्ति दिखाई. लोगों ने ऐसी रैलियां निकाल कर ईरानी सैन्य बलों के प्रति अटूट श्रद्धा व्यक्त की.

क्लस्टर बम वाली मिसाइल ने भरा लोगों में जोश

तेहरान में लोग कलाश्निकोव शैली की असॉल्ट राइफलें लिए एक मिसाइल के ऊपर सवार नजर आए. इनमें से के क़द्र बैलिस्टिक मिसाइल थी, क़द्र मिसाइलें अमेरिका-इजरायल के साथ युद्ध में गेमचेंजर साबित हुई हैं. कद्र मिसाइल क्लस्टर म्यूनेशन यानि छोटे-छोटे बम छोड़ सकती हैं, जिनका इस्तेमाल ईरान ने इजरायल पर हमलों के दौरान किया था. वहीं रैली में खोर्रमशहर-4 बैलिस्टिक मिसाइल को भी देखा गया, जो क्लस्टर बमों का वारहेड लेकर चल सकती है.

नवविवाहित जोड़े भी रैलियों में शामिल, बोले, ईरान लड़ेगा

ईरान के अहवाज समेत तेहरान, केरमानशाह, बुशहर जैसे शहरों में कई नवविवाहित जोड़े भी रैलियों में आकर्षण का केंद्र रहे. कुछ जोड़ों ने तो अपने निकाह की रस्में भी इन जनसभाओं के दौरान ही पूरी की हैं. नवविवाहितों का मानना है कि इस मुश्किल वक्त में देश की रक्षा और एकता ज्यादा महत्वपूर्ण हैं.

ईरानी नागरिक इन सभाओं के जरिए अपने दुश्मनों को स्पष्ट संदेश दे रहे हैं कि वे अपनी सरकार, सुप्रीम लीडर और सशस्त्र बलों के साथ पूरी तरह खड़े हैं. रात में अंधेरे के वक्त अपने मोबाइल और टॉर्च की रोशनी से रोशनी बिखेर रहे हैं.

सीजफायर बढ़ाने पर मजबूर हुए ट्रंप

22 अप्रैल से पहले तक अमेरिकी राष्ट्रपति दुनिया के सामने ये संदेश दे रहे थे, कि चाहे कुछ भी हो जाए वो ईरान के साथ सीजफायर नहीं बढ़ाएंगे. ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव को ठुकराया तो ईरान को पाषाण युग में भेजकर रहेंगे. ईरान के पावर प्लांट और पुलों को तबाह कर देंगे.

लेकिन ट्रंप का मजाक उस वक्त उड़ गया जब अमेरिकी डेलिगेट्स बातचीत के लिए तैयार थे लेकिन ईरान ने अपने डेलिगेट्स को भेजने से मना कर दिया. ट्रंप धमकाते रहे, लेकिन आईआरजीसी पर कोई असर नहीं हुआ. ईरान ने साफ कह दिया कि जब तक होर्मुज नाकेबंदी खत्म नहीं होती, उनका प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान नहीं जाएगा.

थक हार कर ट्रंप ने 22 अप्रैल को खत्म होने वाला युद्धविराम बढ़ा दिया. इसी युद्धविराम के बढ़ाए जाने के बाद हजारों की संख्या में ईरानी जनता सड़क पर उतर गई और अपने देश की संप्रभुता के सम्मान के लिए एकजुटता दिखाई.

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