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मैं भारत का करीबी, ब्रिटेन से आया ट्रंप का बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चीन दौरे के बाद से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सुर बदल गए हैं. ब्रिटेन यात्रा पर गए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से भारत की तारीफ की है. पिछले कुछ दिनों में भारत को डेड इकोनॉमी बताने वाले ट्रंप ने कहा है कि वो प्रधानमंत्री मोदी के बेहद करीब हैं, हम लोग बहुत अच्छे दोस्त हैं.

हैरानी की बात ये है कि ट्रंप का ये बयान यूरोपी की सरजमीं से आया है. कल तक भारत को रूसी तेल खरीदने पर ट्रंप दबाव बना रहे थे तो अब ट्रंप ने यूरोप को रूसी तेल खरीदने पर घेरा है.

पीएम मोदी और मैं बहुत अच्छे दोस्त, मैं भारत का करीबी: ट्रंप

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ खड़े होकर ट्रंप ने की है भारत की तारीफ. मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी को कॉल करके उनकी जन्मदिन की बधाई देने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने खुद को भारत का करीबी बताया है. 

ट्रंप ने कहा, “मैं भारत के बहुत करीब हूं, मैं भारत के प्रधानमंत्री मोदी के बहुत करीब हूं, मैंने उनसे पिछले दिनों बात की थी. मैंने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं. हमारे बीच बहुत अच्छे संबंध हैं.”  

इस बीच ऐसी खबरें भी आई हैं कि अमेरिका जल्द भारत पर लगाए गए टैरिफ को वापस ले सकता है. गुरुवार को भारत के चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर वी. अनंत नागेश्वरन ने बताया है कि कुछ आयातों पर लगाया गया दंडात्मक शुल्क 30 नवंबर के बाद वापस ले लिया जाएगा. 

भारत की तारीफ, लेकिन ट्रंप ने यूरोप को रूसी तेल खरीदने पर घेरा

ब्रिटेन के पीएम स्टार्मर के सामने ट्रंप ने यूरोप के देशों के रूस के साथ व्यापार करने पर आपत्ति जताई है. ट्रंप ने कहा, “यूरोपीय देश अब भी रूस से तेल खरीद रहे हैं. मैंने तो उन पर पहले ही प्रतिबंध लगाए हैं. चीन इस समय अमेरिका को बहुत ज़्यादा टैरिफ दे रहा है. मैं उस पर और कड़े कदम उठाने के लिए भी तैयार हूं, लेकिन ये तब संभव नहीं जब वे देश, जिनके लिए मैं संघर्ष कर रहा हूं, खुद रूस से तेल खरीदते रहें. अगर तेल की कीमतें नीचे जाएंगी तो रूस समझौता करने पर मजबूर होगा. फिलहाल कीमतें काफी गिर चुकी हैं.”

पुतिन से निराश ट्रंप ने फिर अलापा भारत-पाकिस्तान सीजफायर वाला राग

ट्रंप ने कहा, रूस-यूक्रेन युद्ध में उन्हें सबसे बड़ा निराशा ये रही कि राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने उन्हें निराश किया, लेकिन भारत और पाकिस्तान के मामले में उन्होंने व्यापार के माध्यम से सीजफायर करवाने में सफलता पाई.

अपने मुंह मियां मिट्ठू बने ट्रंप ने कहा, “हमने 7 संघर्ष देखे और उनमें से अधिकांश को हल करना मुश्किल था. लेकिन हमने युद्ध रुकवाने में सफलता पाई.”

ट्रंप ने कहा कि “रूस-यूक्रेन स्थिति पर कुछ अच्छी खबर मिलने की उम्मीद है. इसका अमेरिका पर सीधा प्रभाव नहीं पड़ेगा. ब्रिटेन हमसे कहीं अधिक रूस-यूक्रेन के करीब है. हमें एक पूरा महासागर अलग करता है. लेकिन मैं यह जरूर कहूंगा कि उस युद्ध में लाखों लोग मारे गए हैं.”

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