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Battle of Robots: भारत बना चैंपियन

गेम्स ऑफ द फ्यूचरः बैटल ऑफ रोबोट्स य़ानी ‘भविष्य का खेल- रोबोट्स के युद्ध’ प्रतियोगिता में चीन को पटखनी देने के बाद भारत ने अब रूस को हराकर चैंपियनशिप अपने नाम कर ली है. रूस के कजान में हुई इस अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारतीय टीम को 1.75 लाख डॉलर की पुरस्कार राशि दी गई है. भारत का नाम रोशन करने वाली टीम पुडुचेरी के डीएस रोबोटिक्स की है.

डीएस रोबोटिक्स ने सेंट पीटर्सबर्ग (रुस) की ‘डैडी बॉट्स’ टीम को हराया कर प्रतियोगिता अपने नाम की. प्रथम स्थान पर काबिज होने वाली भारतीय टीम के अलावा दूसरे और तीसरे नंबर पर रूस की टीम रही. इससे पहले भी डीएस रोबोटिक्स ने पिछले साल मास्को में हुई चैंपियनशिप में दूसरा स्थान हासिल किया था. लेकिन उस दौरान फाइनल में भारत की टीम चीन से हार गई थी. (https://youtu.be/kFpAsVlj5Ik?si=Krjsz2lPhsmrBpvi)

कजान में चल रही प्रतियोगिता ‘गेम्स ऑफ फ्यूचर -बैटल ऑफ रोबोट्स’ में 16 टीमों ने हिस्सा लिया था. ओलंपिक की तर्ज पर रोबोटिक फाइट में 4 स्टेज थे. पहले चरण के गेम्स में 16 टीमों में से 12 टीमें हार के बाद बाहर हो गईं. भारत ने प्री-क्वार्टर मुकाबले में चीन की आरओसी टीम को हराया था. सेमीफाइनल के बाद फाइनल में भारत की डीएस रोबोटिक्स और रूस की डैडी बॉट्स पहुंची. फाइनल में सेंट पीटर्सबर्ग की टीम को पुडुचेरी की टीम ने रोबोट के युद्ध में चित कर दिया.

19 फरवरी से 3 मार्च तक कजान में चलने वाली इस प्रतियोगिता में अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, फिनलैंड, लातविया, एस्टोनिया, चीन, अफ्रीका, भारत और अरब देशों सहित कुल 107 देशों के दो हजार से अधिक एथलीट और खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं. डिजिटल और पारंपरिक खेलों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने के लिए खुद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कजान पहुंचे. रूसी राष्ट्रपति पुतिन के अलावा बेलारूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, उज्बेकिस्तान, ताजिकिस्तान और सर्बिया के राष्ट्रपतियों ने टूर्नामेंट के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया.

टूर्नामेंट को फिजिटल नाम दिया गया है. डिजिटल और फिजिकल को मिलाकर फिजिटल प्रतियोगिता है. मतलब ये कि कजान में पारंपरिक खेलों के अलावा ई-स्पोर्ट्स में खिलाड़ी अपने देशों का परचम लहरा रहे हैं. फिजिटल स्पोर्ट्स को जनवरी 2023 में रूस में आधिकारिक तौर पर एक खेल के रूप में मान्यता दी गई थी. फिजिटल में भाग लेने वाले प्रतियोगी साइबर-स्पोर्ट्स, रोबोटिक्स, ऑग्मेंटेड और वर्चुअल रियलिटी, सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के एक्सपर्ट्स हैं. पारंपरिक और डिजिटल खेलों को मिलाकर बैटल ऑफ फ्यूचर में 21 तरह के खेलों का आयोजन किया गया है. रोबोट युद्ध, ड्रोन रेसिंग, खेल प्रोग्रामिंग, डांस सिम्युलेटर, वर्चुअल रियलिटी रिदम सिम्युलेटर जैसी प्रतियोगिता हुई हैं. इसके अलावा टैक्टिक्स चैलेंज में काउंटर स्ट्राइक 2, वारफेस और मोबाइल स्टैंड ऑफ जैसे टेक्नो गेम्स को भी शामिल किया गया है.  

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बैटल ऑफ फ्यूचर को राजनीति, भेदभाव और दोहरे मानकों से मुक्त बताया है. पुतिन ने कहा कि रूस ने ही एक अनूठी प्रतियोगिता का आयोजन किया है जो वैश्विक खेल परिवार को जोड़ता है. रूस को मेजबानी करने पर गर्व है. 

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