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मालदीव फिर रहा ताक, मुइज्जू ने कभी निकाला था भारतीय सैनिकों को

कभी अपने देश से भारत के हेलीकॉप्टर और पायलट को निकालने पर उतारू मालदीव एक बार फिर अपने रक्षा जरूरतों के लिए भारत की तरफ ताक रहा है. भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मालदीव को भरोसा दिया है कि जरूरत पड़ने पर फिर से हेलीकॉप्टर और दूसरे डिफेंस प्लेटफॉर्म मुहैया कराए जा सकते हैं.

बुधवार को राजनाथ सिंह ने मालदीव के रक्षा मंत्री मोहम्मद घासन मौमून से मुलाकात कर ये भरोसा जताया. इनदिनों मौमून भारत के दौरे पर आए हुए हैं.

राजनाथ सिंह ने मालदीव की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुसार तथा नई दिल्ली की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति और सागर (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) के दृष्टिकोण के अनुरूप, रक्षा तैयारियों के लिए क्षमता वृद्धि में मालदीव को समर्थन देने के लिए भारत की तत्परता की पुष्टि की.

दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों ने द्विपक्षीय रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग के विभिन्न पहलुओं की व्यापक समीक्षा की. वार्ता के दौरान भारत-मालदीव व्यापक आर्थिक और समुद्री सुरक्षा साझेदारी के लिए संयुक्त दृष्टिकोण को साकार करने में मिलकर काम करने की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई गई. (https://x.com/rajnathsingh/status/1876930936992067919)

मालदीव के रक्षा मंत्री मौमून ने मालदीव के लिए ‘प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता’ के रूप में भारत की ऐतिहासिक भूमिका की सराहना की. मौमून ने रक्षा और सुरक्षा कर्मियों के प्रशिक्षण और आधुनिक अवसंरचना क्षमताओं को बढ़ाने में माले की सहायता के लिए नई दिल्ली को धन्यवाद दिया.

मौमून ने पूर्व में मालदीव सरकार के अनुरोध पर, भारत द्वारा माले को रक्षा उपकरण और भंडार सौंपे जाने का भी जिक्र किया.

दरअसल, पिछले कई सालों से भारत ने मालदीव को दो एएलएच हेलीकॉप्टर मुहैया कराए थे. इन हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल मालदीव द्वारा बीमार व्यक्तियों को अस्पताल ले जाने या फिर समंदर में फंसे मछुआरों और नाविकों के लिए इस्तेमाल किया जाता था. ये दोनों हेलीकॉप्टर, भारतीय नौसेना ऑपरेट करती थी. ऐसे में दोनों हेलीकॉप्टर के पायलट सहित बाकी क्रू और मेंटनेंस स्टाफ भी मालदीव में तैनात रहता था.

वर्ष 2023 के चुनाव में मौजूदा राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने मालदीव से भारत के (नौ)सैनिकों को बाहर करने को एक बड़ा मुद्दा बनाया था. लेकिन डेढ़ साल बाद मुइज्जू और उनके मंत्री एक बार फिर अपनी रक्षा जरूरतों के लिए भारत की तरफ ताक रहे हैं.

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