Breaking News Middle East War

हमास समर्थक भारतीय छात्र अमेरिका में गिरफ्तार, गाजा की है पत्नी

अमेरिका में हमास से संबंध रखने के आरोप में भारतीय छात्र बदर खान सूरी को हिरासत में लिया गया है. बताया जा रहा है बदर खान सूरी अमेरिका में रहकर हमास के लिए काम करता था. वाशिंगटन के जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में पढ़ता था, लेकिन हमास के कहने पर सोशल मीडिया पर प्रचार प्रसार करने का काम करता था.

अमेरिकी एजेंसियां भारतीय छात्र से पूछताछ कर रही हैं. जांच में पता चला है कि बदर खान की पत्नी मफेज सालेह गाजा की है और अल जजीरा और फिलिस्तीनी आउटलेट्स के साथ-साथ गाजा के विदेश मंत्रालय के लिए काम कर चुकी है.

आपको बता दें, अमेरिका एजेंसियां अमेरिका में उन छात्रों की तलाश कर रही हैं, जो हमास के समर्थक हैं. ये वे छात्र-छाआएं हैं जिन्होंने पिछले साल इजरायल के खिलाफ एकजुट होकर अमेरिकी सड़कों पर हमास के समर्थन में प्रदर्शन किया था. पिछले सप्ताह ही एक और हमास समर्थक रजनी श्रीनिवासन भारतीय छात्रा ने सेल्फ डिपोर्ट का रास्ता चुनकर अमेरिका से बाहर निकल गई थी, क्योंकि साथी छात्र की गिरफ्तारी के बाद उस पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी. 

होमलैंड सिक्योरिटी कर रही है पूछताछ

वर्जीनिया के रॉसलिन से बदर खान सूरी नाम के एक भारतीय को हिरासत में लिया गया है, जो वाशिंगटन के जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में पढ़ता था. छात्र को फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह हमास के साथ कथित संबंधों और सोशल मीडिया पर हमास के प्रचार प्रसार करने के आरोप में हिरासत में लिया गया है. छात्र को होमलैंड सिक्योरिटी विभाग पूछताछ कर रही है. छात्र बदर खान सूरी पर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने और “विरोधीवाद” फैलाने का भी आरोप है. हालांकि जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी की ओर से जो बयान जारी किया गया है, उसमें कहा गया कि अभी तक हमें सूरी को हिरासत में लिए जाने की वजह नहीं बताई गई है. साथ ही कथित गैरकानूनी गतिविधियों में उसके शामिल होने की हमें कोई जानकारी नहीं थी.

पत्नी कर चुकी है अल जजीरा में काम

बताया जा रहा है कि छात्र वीजा पर अमेरिका में रह रहे बदर सूरी की शादी गाजा की रहने वाली मफेज सालेह से हुई है. मफेज सालेह, अमेरिकी नागरिक है. जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी की वेबसाइट के अनुसार, सूरी की पत्नी मफेज सालेह गाजा से हैं और अल जजीरा और फिलिस्तीनी मीडिया आउटलेट्स के लिए लिखती है. मफेज, युद्धग्रस्त गाजा में विदेश मंत्रालय के साथ भी काम कर चुकी है.

वहीं बदर सूरी, जॉर्जटाउन के अलवलीद बिन तलाल सेंटर फॉर मुस्लिम-क्रिश्चियन अंडरस्टैंडिंग में पोस्टडॉक्टरल फेलो हैं, जो यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ फॉरेन सर्विस का हिस्सा है. सूरी ने एक भारतीय यूनिवर्सिटी से पीस एंड कॉन्फ्लिक्ट स्टडीज में पीएचडी की है और इस सेमेस्टर में “दक्षिण एशिया में बहुसंख्यकवाद और अल्पसंख्यक अधिकार” विषय पर एक क्लास को पढ़ा भी रहा है.

भारत निर्वासित किया जा सकता है हमास समर्थक छात्र?

छात्र बदर खान के वकील ने कहा कि ट्रंप प्रशासन उसे अमेरिकी विदेश नीति को नुकसान पहुंचाने वाला मान कर डिपोर्ट करने की मांग कर रहा है. वहीं अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग में सहायक सचिव ट्रिशिया मैकलॉघलिन ने एक्स पोस्ट पर आरोप लगाया कि बदर खान सक्रिय तौर पर हमास का प्रचार कर रहा था और सोशल मीडिया पर यहूदी विरोधी भावना को बढ़ावा दे रहा था, उसे अमेरिका से निर्वासित किया जा सकता है.

हमास प्रदर्शन में शामिल भारतीय छात्रा हुई सेल्फ डिपोर्ट

पिछले सप्ताह ही रंजनी श्रीनिवासन नाम की छात्रा एयरपोर्ट पर खुद को बचते बचाती दिखी और तेजी से चलते हुए अमेरिकी एयरपोर्ट से सेल्फ डिपोर्ट हो गई. हमास समर्थक होने के कारण अमेरिका ने रंजनी का वीजा रद्द कर दिया था, जिसके बाद उसने एप का प्रयोग करके सेल्फ डिपोर्ट किया है. अमेरिका के कोलंबिया यूनिवर्सिटी में अर्बन प्लानिंग में भारतीय नागरिक और डॉक्टरेट की छात्रा रंजनी श्रीनिवासन ने एफ-1 स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका में प्रवेश किया. लेकिन हमास समर्थित रैलियों में शामिल होने के कारण उसके हिरासत में लिए जाने की आशंका थी, जिसके बाद वो खुद ही अमेरिका से नौ दो ग्यारह हो गई. रंजनी के अमेरिका से जाने पर अमेरिकी गृह सुरक्षा सचिव ने कहा था, “आतंकवाद की वकालत करने वाले को खुद निर्वासित होते देखने से खुशी हुई.” 

अमेरिका में कसी जा रही हमास समर्थकों पर नकेल

ट्रंप प्रशासन ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी के एक छात्र महमूद खलील को गिरफ्तार किया और उसे डिपोर्ट करने की कोशिश की. आरोप था कि महमूद खलील फिलिस्तीनी समर्थक विरोध प्रदर्शन में शामिल हुआ था. इसके अलावा वेस्ट बैंक की एक अन्य फिलिस्तीनी छात्रा लेका कोर्डिया को गिरफ्तार किया गया था. अटेंडेंस की कमी के कारण उसका वीजा 26 जनवरी, 2022 को खत्म हो गया था, बावजूद इसके छात्रा अमेरिका में न सिर्फ रह रही थी, जबकि इजरायल विरोधी प्रदर्शनों में भी शामिल हुई थी. 

गौरतलब है कि पिछले साल अमेरिका में इजरायल के खिलाफ और हमास के समर्थन में कॉलेज और यूनिवर्सिटी में जमकर प्रदर्शन किया गया था. अमेरिका में खूब तोड़फोड़ और बवाल मचा था. यहूदी छात्रों पर अटैक भी हुआ था. ट्रंप प्रशासन ने ऐसे छात्रों पर सख्ती दिखाई है. वीजा रद्द करने के साथ-साथ गिरफ्तारी भी की जा रही है. 

editor
India's premier platform for defence, security, conflict, strategic affairs and geopolitics.

Warning: Version warning: Imagick was compiled against ImageMagick version 1692 but version 1693 is loaded. Imagick will run but may behave surprisingly in Unknown on line 0