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ईरान ने जब्त की Unmanned सबमरीन, जंग का राउंड-3 शुरु

मिडिल-ईस्ट जंग के तीसरे राउंड में ईरान ने अमेरिका की एक अनमैन्ड सबमरीन जब्त करने का दावा किया है. अभी तक ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट की निगरानी करने वाले 40 से ज्यादा अमेरिकी एमक्यू-9 रीपर ड्रोन मार गिराए थे, लेकिन इस बार अंडरवॉटर ऑटोनॉमस सिस्टम को सीज़ कर आईआरजीसी ने सनसनी फैला दी है. आईआरजीसी ने जब्त किए अंडरवाटर ड्रोन का वीडियो भी जारी किया है. 

मंगलवार को आईआरजीसी ने अमेरिका की एक अनमैन्ड सबमरीन को सीज करने का दावा किया. डाइव-एलटी (डीआई-ई-एलडी), यूएस नेवी का एक अंडरवाटर ऑटोनॉमस सिस्टम है, जिसे समंदर के नीचे निगरानी के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

आईआरजीसी का दावा है कि इस अंडरवाटर ड्रोन को होर्मुज स्ट्रेट में दाखिल होने के तुरंत बाद जब्त किया गया. सीज़ किए जाने के वक्त, ये डाइव-एलडी ड्रोन, होर्मुज स्ट्रेट में बिछी ईरानी लैंड माइंस (बारूदी सुरंग) हटाने का काम कर रहा था.

पिछले छह महीने में 40 से ज्यादा एमक्यू-9 रीपर ड्रोन तबाह

पिछले छह महीने से चल रही मिडिल-ईस्ट जंग में ईरान ने अमेरिका के 40 से ज्यादा एमक्यू-9 रीपर ड्रोन को मार गिराने का अब तक दावा किया है. एक अनुमान के मुताबिक, ईरान से जंग के दौरान अमेरिका की करीब एक-चौथाई एमक्यू-9 फ्लीट नष्ट हो चुकी है.

अमेरिका, इन रिमोटली पायलटलेस एयरक्राफ्ट (आरपीए) का इस्तेमाल आसमान से होर्मुज स्ट्रेट और ईरान के दक्षिणी इलाकों में आईआरजीसी-नेवी की गतिविधियों पर निगरानी के लिए इस्तेमाल करता है. मंगलवार को भी आईआरजीसी ने अमेरिका के एक आरपीए (ड्रोन) को मार गिराने का दावा किया.

राउंड-3 में ऑयल टैंकर्स, कमर्शियल जहाज और युद्धपोतों पर हमला

पिछले एक हफ्ते से अमेरिका और ईरान के बीच तीसरे राउंड का युद्ध शुरु हो चुका है. इस राउंड में दोनों देश, एक दूसरे के कमर्शियल जहाज, ऑयल टैंकर्स और युद्धपोत को निशाना बना रहे हैं. बुधवार की तड़के, ईरान ने अमेरिका के दो युद्धपोत, डीडीजी-19 (यूएसएस डेलबर्ट डी ब्लैक) और डीडीजी-53 (यूएसएस जॉन पॉल जोन्स) पर बैलिस्टिक मिसाइल दागने का दावा किया. ये दोनों जहाज, यूएसएस ब्लैक और जोन्स, क्रूज मिसाइल अटैक युद्धपोत हैं. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने हमले के बाद दावा किया कि अमेरिका के दोनों जंगी जहाजों को बैलिस्टिक मिसाइल के हमले में जबरदस्त नुकसान हुआ है. 

अमेरिका की सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने हालांकि, दावा किया कि ईरानी हमले में दोनों जहाजों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. लेकिन हमले से बिलबिलाए अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में एक बड़ी जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के पांच ऑयल टैंकर्स (जहाज) को समंदर में डूबो दिया. सेंटकॉम ने इन जहाज पर हुए हमले और समंदर में डुबोने का एरियल (ड्रोन) फुटेज भी जारी किया.

जॉर्डन में यूएस बेस पर हमला, पैट्रियाट अलर्ट

ऑयल टैंकर्स को डुबाए जाने से भन्नाए ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना शुरु कर दिया है. आईआरजीसी ने जॉर्डन में एक कई मिलिट्री बेस पर ताबड़तोड़ बैलिस्टिक मिसाइल दागी दी. जॉर्डन के अल-अज़राक, मुवाफक साल्टी एयरबेस और प्रिंस हसन एयरबेस और अखबाह बेस पर कम से कम 40 मिसाइलें दागी गई. इन बेस पर अमेरिका के एफ-35, एफ-16 और एफ-15 फाइटर जेट के हैंगर्स पर हमले की खबर है.

जॉर्डन ने हालांकि, बयान जारी कर कहा कि 40 में से 38 मिसाइलों को आसमान में ही नष्ट कर दिया गया. अमेरिका की पैट्रियाट एयर डिफेंस सिस्टम को इस दौरान पूरी तरह अलर्ट पर रखा गया. 

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