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ईरान ने बंद की अमेरिका से बातचीत, फिर जलेगा मिडिल ईस्ट!

दक्षिणी लेबनान के ब्यूफोर्ट किले पर कब्जे से भड़के ईरान ने अमेरिका से सभी बातचीत खत्म करने की घोषणा कर दी है. ईरान ने इजराइल के लेबनान और गाजा में जारी हमलों के विरोध में अमेरिका के साथ वार्ता रोक दी है. ईरान ने मध्यस्थों के माध्यम से संदेशों का आदान-प्रदान बंद कर दिया है.

लेबनान में सीजफायर के उल्लंघन का हवाला देते हुए ईरान ने अमेरिका से बातचीत को निलंबित करने का फैसला किया है. सोमवार को ही इजरायली सेना ने लेबनान के 600 साल पुराने किले पर अधिकार जमा लिया था और लेबनान के ऐतिहासिक किले पर इजरायली झंडा फहराया था. आईडीएफ के इस एक्शन को सीजफायर का उल्लंघन माना जा रहा है और हिजबुल्लाह के साथ एकजुटता दिखाते हुए ईरान ने अमेरिका से बातचीत बंद करके शांति वार्ता को बड़ा झटका दिया है.

गाजा-लेबनान पर मांगे नहीं मानने तक नहीं करेंगे कोई बात: ईरान

ईरानी अधिकारियों और वार्ताकारों ने गाजा और लेबनान में इजराइली सैन्य अभियानों को तुरंत रोकने और साथ ही लेबनान के कब्जे वाले क्षेत्रों से इजरायल की पूर्ण वापसी की जरूरत पर जोर दिया है.

ईरान की ओर से ताजा बयान में कहा गया है कि “जब तक गाजा और लेबनान के संबंध में उसकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक ईरानी वार्ताकार दल मध्यस्थों के जरिए बातचीत और संदेशों के आदान-प्रदान को रोके रखेंगे. जब तक इन मुद्दों पर ईरान और प्रतिरोध मोर्चे के रुख पर ध्यान नहीं दिया जाता, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी.”

इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी अमेरिका के साथ सीजफायर को लेकर बयान दिया था. उन्होंने कहा- “जरूरी सूचना- ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम स्पष्ट रूप से लेबनान सहित सभी मोर्चों पर एक व्यापक युद्धविराम है. किसी भी मोर्चे पर इस युद्धविराम का उल्लंघन सभी मोर्चों पर उल्लंघन माना जाएगा. युद्धविराम के किसी भी उल्लंघन के परिणामों के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल दोनों जिम्मेदार होंगे.”

ईरान से बातचीत बंद होने पर क्या बोले राष्ट्रपति ट्रंप

ईरान के साथ बातचीत निलंबित होने की खबरों में पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान भी सामने आया है. ट्रंप ने कहा है. कि “ मुझे ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है लेकिन अगर यह सच है, तो कोई बात नहीं.”

ट्रंप ने कहा- “मुझे लगता है कि हम बहुत ज्यादा बात कर रहे हैं. चुप रहना बहुत अच्छा होगा. चुप रहने का मतलब यह नहीं है कि हम बम गिराना शुरू कर देंगे, हम नाकाबंदी जारी रखेंगे. नाकाबंदी लोहे की तरह मजबूत है. मैं तब तक इंतजार कर सकता हूं जब तक वे (ईरान)चाहे. उन्हें भारी नुकसान हो रहा है.”

अमेरिका-ईरान के बीच चल रही थी अंतिम दौर की वार्ता

पूरी दुनिया ये उम्मीद लगाए बैठी थी, कि जल्द ही अमेरिका-ईरान के बीच बात बन जाएगी. राष्ट्रपति ट्रंप बार-बार ये दावा कर रहे थे कि ईरान के साथ अंतिम वार्ता चल रही है और अमेरिका होर्मुज से ब्लॉकेड हटाने को तैयार है. ट्रंप ने तो यहां तक कह दिया था कि ईरान इस बात पर सहमत हो गया है कि जमीन में दबे न्यूक्लियर डस्ट को नष्ट कर दिया जाएगा.

हालांकि ईरान ने ट्रंप के दावों को झूठा करार दिया था. ईरान ने कहा था कि अपनी शर्तों पर वो समझौता करेगा. ईरान ने अमेरिका को धमकाते हुए कहा था कि ईरानी सेना बातों पर नहीं मिसाइल हमलों से शर्तें मनवाती है.

अब इस जुबानी जंग के बीच ईरान ने बातचीत बिलकुल बंद करने का ऐलान किया है. ये ऐलान उस वक्त किया गया है जब सोमवार को ही इजरायली सेना ने लेबनान के 600 साल पुराने किले पर इजरायली झंडा फहराया था. और दावा किया था कि ये किला हिजबुल्लाह का सैन्य बेस था, जिसे खाली करा दिया गया है.

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