अमेरिका से चल रहे तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में एक ऐसी चाल चलने की तैयारी कर दी है, जिससे मिडिल-ईस्ट में एक बार फिर युद्ध की चिंगारी भड़क सकती है. खबर है कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में टैक्स वसूलने के लिए एक जहाज को लॉन्च कर दिया है. दुनियाभर के समुद्री-जहाजों की जानकारी रिलीज करने वाली संस्था, ‘मरीन-ट्रैफिक’ ने ईरान के इस टोल-कलेक्टर जहाज की जानकारी का खुलासा किया है.
मरीन ट्रैफिक के मुताबिक, ईरान के इस जहाज का नाम है ‘आईआरजीसी टोल कलेक्ट’. इस जहाज को ईरान की ताकतवर मिलिशिया संगठन इ्स्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर के नाम पर आईआरजीसी टोल कलेक्ट रखा गया है. साफ है कि ये जहाज, आईआरजीसी के जंगी बेड़ा का हिस्सा है.
फिलहाल ये जहाज, केशम आईलैंड के करीब आईआरजीसी के एक नेवल बेस पर एंकर है. लेकिन इसका गंतव्य के तौर पर ईरान ने टोल कलेक्शन लिखा है.
मरीन ट्रैफिक ने शेयर की जानकारी
होर्मुज में अमेरिका और ईरान में जारी वर्चस्व की जंग में ईरान टोल टैक्स की जगह अब पर्यावरण टैक्स के नाम से जहाजों से पैसों वसूलने लगा है. मरीन ट्रैफिक ने खुलासा किया है कि होर्मुज की खाड़ी में आईआरजीसी ने टोल कलेक्टर बोट गश्त पर लगा दी है.
जानकारी के मुताबिक, आईआरजीसी का ये टोल-कलेक्टर, उन छोटी आत्मघाती बोट से अलग है, जो होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका और दूसरे दुश्मन देशों के जहाज पर अटैक करती हैं. ये एक ड्रेजर शिप है यानी ऐसा जहाज, जो बंदरगाह में जमी कीचड़ को साफ करता है.
दरअसल, 40 दिनों की जंग के दौरान, अमेरिका और इजरायल ने ईरान की नौसेना के जंगी बेड़े को पूरी तरह तबाह कर दिया है. अमेरिका का दावा है कि युद्ध के दौरान ईरान के छोटे-बड़े करीब 150 जहाज को नष्ट कर दिया गया. ऐसे में बहुत हद तक संभव है कि ईरान ने इस ड्रेजर को टोल-कलेक्टर में तब्दील कर दिया है.
अमेरिकी धमकी के बावजूद टोल वसूलने को तैयार ईरान
ईरान के विदेश मंत्री और प्रवक्ता, होर्मुज में टैक्स वसूलने की बात से इंकार कर रहे हैं, लेकिन ये टोल कलेक्टर गवाह है कि ईरान के इरादे नेक नहीं है. आईआरजीसी भी होर्मुज में वसूली को पर्यावरण-टैक्स का नाम दे चुका है. साथ में ओमान के साथ मिलकर होर्मुज में ऑयल टैंकर्स और दूसरे कॉमर्शियल जहाजों के प्रबंधन को लेकर एक नए सिस्टम को विकसित करने का ऐलान कर चुका है.
28 फरवरी को अमेरिका और इजराल के हमले के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में नेवल ब्लॉकेड लगा दिया था. ऐसे में यहां से गुजरने वाले सभी ऑयल टैंकर, एलपीजी कैरियर्स और दूसरे कॉमर्शियल जहाज की इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से आवाजाही रूक गई थी. ऐसे में पूरी दुनिया पर तेल का संकट गहरा गया था. ईरान नौसेना और ईरान की मिलिशिया फोर्स, आईआरजीसी ने यहां से गुजरने वाले जहाज पर ड्रोन और मिसाइल से हमला करना शुरु कर दिया था. जंग के दौरान ईरान ने होर्मुज में समुद्री लैंड माइंस भी लगा दी थी. ऐसे में कई जहाज इन बारूदी-सुरंग का भी शिकार हुए.
होर्मुज में ईरान ने पीजीएसए का भी किया गठन
कुछ हफ्ते पहले, ईरान ने ऐलान किया था कि कॉमर्शियल जहाज होर्मुज से गुजर तो सकते हैं लेकिन आईआरजीसी की परमिशन लेने के बाद. कुछ दिन बाद ईरान ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से टोल लेने का ऐलान कर दिया. इसके लिए ईरान ने एक खास पर्शियल गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (पीजीएसए) नाम की संस्था का गठन भी कर दिया. ईरान ने होर्मुज में सभी कॉमर्शियल जहाज के लिए एक नया रूट मैप जारी किया जो लारक द्वीप के उत्तर और दक्षिण से होकर गुजरता था.

