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वोटिंग से पहले एनकाउंटर, JCO समेत दो सैनिक वीरगति को प्राप्त

जम्मू कश्मीर में वोटिंग से पांच दिन पहले आतंकियों ने किश्तवाड़ में सुरक्षाबलों पर बड़ा हमला किया है. आतंकी हमले में भारतीय सेना के एक जेसीओ समेत दो सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए हैं जबकि दो अन्य घायल हुए हैं. साथ ही बारामूला में भी आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच एनकाउंटर जारी है.

भारतीय सेना की नगरोटा (जम्मू) स्थित व्हाइट नाइट कोर के मुताबिक, किश्तवाड़ के छतरो में एक खुफिया सूचना के आधार पर जम्मू कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर आतंकियों के खिलाफ एक साझा ऑपरेशन छेड़ा गया था. शुक्रवार दोपहर भारतीय सेना की एक पेट्रोलिंग टीम का आतंकियों से आमना-सामना हुआ. जमकर हुई फायरिंग में सेना के चार सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए, चारों सैनिकों को हॉस्पिटल पहुंचाया गया. देर शाम सेना ने आधिकारिक बयान जारी कर दो सैनिकों के वीरगति को प्राप्त होने की सूचना साझा की.

व्हाइट नाइट कोर के मुताबिक, सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों की पहचान नायब सूबेदार विपिन कुमार और सिपाही अरविंद सिंह के तौर पर हुई है. कोर कमांडर ने सभी सैनिकों की तरफ से वीरगति को प्राप्त सैनिकों को सलामी और श्रद्धांजलि अर्पित की है. सेना के मुताबिक, जंगल में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन जारी है.

गौरतलब है कि 18 सितंबर को जम्मू कश्मीर में पहले चरण की वोटिंग है. ऐसे में आतंकी, चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं. खास बात ये है कि शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किश्तवाड़ से सटे डोडा जिले में एक चुनावी रैली को संबोधित करने जा रहे हैं.

इस बीच सेना की श्रीनगर स्थित चिनार कोर (15 कोर) ने खबर दी है कि बारामूला जिले में भी आतंकियों से ऑपरेशन शुरू हो गया है.

बुधवार को कठुआ जिले में दो आतंकियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया था. उनके कब्जे से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ था. गुरुवार को भी एलओसी के करीब केरन सेक्टर (जिला कुपवाड़ा) में भारतीय सेना को एक जंगल से बड़ी संख्या में एके-47 के राउंड, हैंड ग्रेनेड और रॉकेट लॉन्चर के गोले बरामद हुए थे.

भारतीय सेना के मुताबिक, आतंकियों को मकसद जम्मू कश्मीर में दस साल बाद होने जा रहे चुनाव को बाधित करना है.

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