पाकिस्तान में चुन-चुनकर बड़े-बड़े आतंकियों के मारे जाने से खौफ में है लश्कर-ए-तैयबा. लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक बड़े कमांडर रिजवान हनीफ ने सार्वजनिक रैली में कबूल किया है कि कोई अज्ञात शूटर, एक-एक करके आतंकियों का खात्मा कर रहा है. पाकिस्तान में टारगेटेड किलिंग से खौफ है.
पाकिस्तान को आतंकियों की मेहमानवाजी ना निगलते बन रही है और ना ही उगलते. साल 2020 से हो रही टारगेटेड किलिंग को लेकर पाकिस्तान खुलकर अपना मुंह नहीं खोल पा रहा है.
लेकिन लश्कर किस कदर डरा हुआ है, इसकी ये बानगी है कि रिजवान हनीफ का वीडियो. अब तक चुप्पी रखने वाले संगठन का आतंकी सरेआम दर्द बयां करने लगा है, कि उसके संगठन के एक-दो नहीं बल्कि 30 बड़े आतंकी मारे जा चुके हैं.
आपको बता दें कि भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान में बैठे आतंकी आकाओं की कमर ऐसी टूटी है कि वो बिलबिला रहे हैं. ऊपर से पिछले कुछ वर्षों में जैश सरगना मसूद अजहर हो या फिर लश्कर चीफ हाफिज सईद उनके करीबी आतंकियों को मौत के घाट उतारा जा चुका है.
हर कोई जानता है कि पाकिस्तान हाफिज सईद से लेकर मसूद अजहर जैसे खूंखार आतंकियों का ठिकाना है. दुनियाभर के मोस्टवांटेड आतंकियों को पाकिस्तानी सेना और आईएसआई सुरक्षा देती है. पाकिस्तानी सेना भी आतंकियों के इशारे पर काम करती है.
धुरंधर स्टाइल में पाकिस्तान में मारे जा रहे आतंकी
पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से जुड़े एक आतंकी कमांडर ने एक सार्वजनिक रैली में दावा किया है कि पिछले तीन से चार वर्षों में 30 से ज्यादा लश्कर आतंकियों की हत्या की जा चुकी है. लश्कर के आतंकी रिजवान हनीफ ने इन हत्याओं के पीछे भारतीय खुफिया एजेंसियों के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाने की कोशिश की है.
हनीफ का दावा है कि पिछले तीन-चार सालों में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) के अलग-अलग इलाकों में उसके संगठन के 30 आतंकी मारे गए हैं.
हनीफ ने बयान में कहा, “पेशावर, कराची, रावलपिंडी, रावलकोट और मुज़फ़्फ़राबाद में अज्ञात हमलावरों ने लश्कर-ए-तैयबा के 30 से ज्यादा सदस्यों को मार डाला है.”
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में लश्कर-ए-तैयबा का उप प्रमुख और वरिष्ठ कमांडर रिजवान हनीफ यह दावा करता दिख रहा है कि “भारतीय खुफिया एजेंसियों ने अज्ञात हमलावरों की मदद से लश्कर के कई आतंकियों की हत्या कराई.” (https://www.instagram.com/reel/Dbm5_x-xequ/?igsh=MTJ1Mjk3emVhcDB0bg==)
हालांकि भारत पहले ही ऐसे फर्जी आरोपों को नकार चुका है.
पीओके में जारी विरोध, लश्कर आतंकी ने भड़काया
आतंकी भर्ती और सीमा पार घुसपैठ में भूमिका के लिए कुख्यात रिजवान हनीफ वीडियो में हनीफ हिंदू धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक और घृणा फैलाने वाली भाषा का इस्तेमाल करता भी सुनाई देता है.
हनीफ का वीडियो ऐसे वक्त में आया है जब पाकिस्तान अपने आतंरिक विरोध का सामना कर रहा है. जिन आतंकियों को पाकिस्तान ने पाला-पोसा और ट्रेनिंग दी, वही आतंकी पाकिस्तान में आए दिन हमले कर रहे हैं. पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में भारी विरोध प्रदर्शन जारी हैं, जिसके कारण पाकिस्तान अस्थिरता का सामना कर रहा है.
माना जा रहा है कि आतंकी एक बार फिर से किसी बड़ी साजिश में जुटे हुए हैं, तभी हिंदुओं के खिलाफ लोगों को भड़काया जा रहा है.
टारगेटेड हत्या भारत की नीति नहीं: विदेश मंत्रालय
पाकिस्तान ने पहले भी भारत पर अपनी सीमा के अंदर आतंकवादियों की हत्याओं के पीछे होने का आरोप लगाता रहा है. साल 2024 में जब पाकिस्तान के मंत्री ने ऐसे आरोप लगाए थे कि भारतीय एजेंसियां पाकिस्तान में सीमा-पार टारगेटेड हत्याओं में शामिल थीं. इसके अलावा एक ब्रिटिश अखबार के जरिए भी पाकिस्तान ने प्रोपेगेंडा फैलाने की कोशिश की थी.
उस वक्त भारत ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी कहा कि दूसरे देशों में टारगेटेड हत्याएं करना भारत सरकार की नीति नहीं है.
हालांकि पाकिस्तान के लिए ये पहेली है कि जेम्स बॉन्ड की तरह वो कौन धुरंधर है, जो इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद और सोवियत संघ की केजीबी की तरह काम कर रहा है.

