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इंडो-नेपाल बॉर्डर पर पकड़े गए नेपाली कैदी, एक्शन में SSB

नेपाल में हुए जेन ज़ी के प्रदर्शन और हिंसक आंदोलन के बाद कई जिलों के जेल से हजारों कैदी भाग गए. नेपाल की राजधानी काठमांडू के अलावा, नवलपरासी, महोतरी, पोखरा की जेलों से कैदी भाग गए.

इंडो-नेपाल बॉर्डर पर पिछले 24 घंटे में भारत की सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने तकरीबन 20 नेपाली कैदियों को पकड़ा है जो नेपाल की अलग अलग जेल से भागे थे और बॉर्डर पार करने की कोशिश में थे. 

लेकिन नेपाल में फैली अराजकता को लेकर पहले से ही सतर्क एसएसबी ने कैदियों को भारतीय सीमा में दाखिल होने से रोक लिया.

सोनौली और सिद्धार्थ नगर बॉर्डर से पकड़े गए फरार नेपाली कैदी

नेपाल में पिछले 2 दिनों में हुए प्रदर्शन और विद्रोह के बीच कैदियों ने जेल तोड़ डाली. मौके का फायदा उठाते हुए नेपाल के अलग-अलग जिलों की जेल से कैदी भाग निकले.

आंकड़ों के मुताबिक काठमांडू की नक्खू जेल में आग लगा दी गई जिसके बाद कई कैदी भाग गए तो वहीं पोखरा की जेल से तकरीबन 900 कैदी भाग निकले. इससे पहले महोतरी जिले के जलेश्वर स्थित जेल में भी बड़ा जेल ब्रेक हुआ था. मंगलवार देर शाम जेल में तोड़फोड़ और हंगामे के बाद 577 में से 576 कैदी फरार हो गए थे.

कई कैदियों ने भारत सीमा में घुसपैठ की कोशिश की लेकिन सोनौली और सिद्धार्थनगर बॉर्डर से पिछले 24 घंटों में 20 कैदियों को एसएसबी ने पकड़ लिया है.

एसएसबी के मुताबिक, नेपाल के हालात को देखते हुए सीमा पर गश्त तेज कर दी गई है और इंटेलिजेंस को बढ़ा दिया गया है ताकि अवांछित तत्व नेपाल से घुसपैठ न कर पाए.

भारत और नेपाल साझा करते हैं 1751 किलोमीटर लंबा बॉर्डर

भारत और नेपाल के बीच 1751 किलोमीटर लंबा बॉर्डर है, जिसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी एसएसबी के कंधों पर है. भारत और नेपाल की सीमा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, सिक्किम और पश्चिम बंगाल से जुड़ी हुई है. 

नेपाल से सटे यूपी के सभी 7 सीमावर्ती जिलों में चौबीसों घंटे सतर्कता बनाए रखने के आदेश दिए हैं.पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और महाराजगंज में चौकसी बढ़ा दी गई है. वहीं बिहार, उत्तराखंड सीमा को सील करके हाईअलर्ट किया गया है.

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