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अमेरिका में जय श्री कृष्णा, सीनेट के सामने दिखी हिंदू संस्कृति

दुनिया की सबसे स्मार्ट जांच एजेंसी में से एक एफबीआई यानी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन के डायरेक्टर पद के लिए नामित भारतीय मूल के काश पटेल ने अमेरिकी सीनेट के सामने जय श्री कृष्णा कहा तो सोशल मीडिया पर भूचाल आ गया.

सिर्फ इतना ही नहीं भरी सभा में भारतवंशी काश पटेल ने अपने माता-पिता पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया है. दुनियाभर के हिंदुओं ने इसे गौरव का पल बताया.

अमेरिका में जय श्री कृष्णा की गूंज

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एफबीआई चीफ के तौर पर काश पटेल को नॉमिनेट किया है. अपनी कंफर्मेशन हियरिंग के लिए सीनेट की ज्यूडिशियल कमेट के सामने काश पटेल पेश हुए. काश की हियरिंग के दौरान उनके माता-पिता और बहन भी उपस्थित थे. काश पटेल ने अपने कमेटी मेंबर्स से अपने परिवार का परिचय कराया और फिर जय श्री कृष्णा बोलकर अपने अभिभावकों के अभिनंदन किया. काश पटेल कमेटी के सामने कहते हैं, “इस समय आपके सामने मेरे माता-पिता भी मौजूद हैं. वो भारत से यहां इस मौके पर मेरे साथ रहने के लिए आए हैं. मेरी बहन भी मेरे साथ हैं. वो भी भारत से यहां मेरे लिए ही आई हैं. जय श्री कृष्णा.” कमेटी के सामने अपना पक्ष रखकर काश पटेल ने हॉल में मौजूद अपने माता-पिता का पैर छूकर आशीर्वाद लिया. (https://x.com/theskindoctor13/status/1885012984105205849)

काश पटेल का जय श्री कृष्णा वाला वीडियो वायरल

काश पटेल के दो वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हैं. एक वीडियो जिसमें काश पटेल अपने परिवार को परिचय कराते हैं. इसके अतिरिक्त एक और वीडियो जिसमें काश पटेल अपने माता-पिता का पैर छूते हैं. ये पहली बार है जब अमेरिकी सीनेट में किसी नेता ने पैर छुए हैं और भारतीय संस्कार का मान रखा है. काश पटेल भारत के गुजराती परिवार से हैं और गुजरात में अभिवादन के लिए जय श्री कृष्णा का प्रयोग किया जाता है. (https://x.com/coolfunnytshirt/status/1885147441109807545)

डोनाल्ड ट्रंप के बेहद खास हैं काश पटेल

भारतीय मूल के काश पटेल को डोनाल्ड ट्रंप ने बनाया है एफबीआई का नया डायरेक्टर. अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेहद विश्वासपात्र माने जाते हैं कश्यप ‘काश’ पटेल. अमेरिकी डीप-स्टेट के धुर-विरोधी पटेल ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान पेंटागन में चीफ ऑफ स्टाफ के पद पर भी रह चुके हैं. पेशे से वकील पटेल, 2017 में इंटेलिजेंस पर हाउस पार्लियामेंट्री सेलेक्ट कमेटी के सदस्य बने थे. अमेरिका में घुसपैठियों और अपराधियों के खिलाफ काश पटेल को एक सख्त अधिकारी माना जाता है. 

डोनाल्ड ट्रंप ने काश पटेल के लिए हाल ही में कहा था कि- “काश एक बेहतरीन वकील, जांचकर्ता और ‘अमेरिका फर्स्ट को प्राथमिकता देने वाले’ योद्धा हैं. काश पटेल ने अपने करियर के दौरान भ्रष्टाचार को उजागर किया और न्याय तथा अमेरिका के लोगों की रक्षा की. काश ने मेरे पहले कार्यकाल के दौरान शानदार काम किया. इस दौरान वह रक्षा विभाग में चीफ ऑफ स्टाफ, राष्ट्रीय खुफिया के उप निदेशक और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में आतंकवाद रोधी विभाग के वरिष्ठ निदेशक रहे. काश ने अदालत में हुई 60 से अधिक सुनवाई में प्रशासन की तरफ से पैरवी भी की. पटेल ने रूस के झांसे को उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और सच्चाई, जवाबदेही और संविधान के समर्थक के रूप में खड़े रहे.”

बाइडेन सरकार में एफबीआई को कटघरे में खड़ा किया 

काश पटेल बाइडेन सरकार में खुफिया एजेंसी एफबीआई के आलोचक रहे हैं. ट्रंप के चुनाव जीतने के साथ ही काश पटेल को एफबीआई डायरेक्टर बनाने की मांग शुरू हो गई थी. सोशल मीडिया पर उनके कई पुराने वीडियो वायरल हुए, जिनमे अमेरिकी प्रशासन की सभी फाइलों को डिक्लासीफाइ करने से लेकर डीप-स्टेट की संदिग्ध भूमिका शामिल है .(https://x.com/FinalAssault23/status/1863053250951282822)

काश पटेल ने खुफिया जानकारी जुटाने की भूमिका समाप्त करने तथा उन कर्मचारियों को हटाने की मांग की है, जो ट्रंप के एजेंडे का समर्थन करने से इनकार करते हैं. इसके साथ ही पटेल ने पिछले जुलाई में कंजर्वेटिव पॉलिटिकल एक्शन कॉन्फ्रेंस में कहा था कि “हमें सरकार में बैठे उन लोगों की पहचान करनी होगी, जो हमारे संवैधानिक गणराज्य को कमजोर कर रहे हैं.”

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